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  1. जुलाई में एक्सपोर्ट 2.25 फीसदी बढ़ा, व्यापार घाटा चार महीने के निचले स्तर पर

जुलाई में एक्सपोर्ट 2.25 फीसदी बढ़ा, व्यापार घाटा चार महीने के निचले स्तर पर

तेल और सोना समेत आयात में गिरावट के कारण व्यापार घाटा कम हुआ है.

August 15, 2019 6:16 AM
Indian Exports up 2 pc in July trade deficit narrows to four month lowव्यापार घाटा जुलाई 2018 में 18.63 अरब डॉलर रहा.

देश का निर्यात जुलाई महीने में 2.25 फीसदी बढ़कर 26.33 अरब डॉलर रहा जबकि व्यापार घाटा कम होकर 13.43 अरब डॉलर पर आ गया. यह चार महीने का न्यूनतम स्तर है. सरकार ने बुधवार को यह जानकारी दी. सरकारी आंकड़े के अनुसार पिछले साल जुलाई महीने में निर्यात 25.75 अरब डॉलर था. तेल और सोना समेत आयात में गिरावट के कारण व्यापार घाटा कम हुआ है. व्यापार घाटा आयात और निर्यात का अंतर है. जुलाई महीने में आयात 10.43 फीसदी घटकर 39.76 अरब डॉलर पर आ गया. इससे व्यापार घाटा कम होकर 13.43 अरब डॉलर पर आ गया.

व्यापार घाटे में कमी

व्यापार घाटा जुलाई 2018 में 18.63 अरब डॉलर रहा. मार्च 2019 में व्यापार घाटा 10.89 अरब डॉलर था. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट में कहा , ” सरकार की व्यापार नीतियों और समर्थन के परिणामस्वरूप भारत का व्यापार घाटा जुलाई 2019 में 28 फीसदी गिर गया. वहीं , इस दौरान निर्यात बढ़कर 26.33 अरब अरब डॉलर पर पहुंच गया.” सोने का आयात जुलाई महीने में 42.2 फीसदी घटकर 1.71 अरब डॉलर रहा. वहीं तेल आयात 22.15 फीसदी घटकर 9.6 अरब डॉलर तथा गैर – तेल आयात 5.92 फीसदी कम होकर 30.16 अरब डॉलर रहा.

इन सेक्टर्स के एक्सपोर्ट्स में ग्रोथ

पिछले महीने जिन क्षेत्रों से निर्यात में सकारात्मक वृद्धि हुई है , उसमें रसायन , लौह अयस्क , इलेक्ट्रानिक्स , समुद्री उत्पाद और औषधि शामिल हैं. हालांकि कुछ प्रमुख क्षेत्रों से निर्यात में गिरावट दर्ज की गयी. उनमें रत्न एवं आभूषण (-6.82 फीसदी), इंजीनियरिंग सामान (-1.69 फीसदी), और पेट्रोलियम उत्पाद (-5 फीसदी) शामिल हैं. कुल मिलाकर इस साल अप्रैल – जुलाई में निर्यात 0.37 फीसदी घटकर 107.41 अरब डॉलर रहा जबकि आयात 3.63 फीसदी घटकर 166.8 अरब डॉलर रहा. इन चार महीनों के दौरान व्यापार घाटा कम होकर 59.39 अरब डॉलर रहा जो पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने में 65.27 अरब डॉलर था.

तेल आयात में कमी

चालू वित्त वर्ष में अप्रैल – जुलाई के दौरान तेल आयात 44.45 अरब डॉलर रहा जो पिछले साल के इसी महीने के 47.13 अरब डॉलर से कम है. आंकड़ों पर अपनी टिप्पणी में भारतीय निर्यात संगठनों के परिसंघ (फियो) ने कहा कि कमजोर वैश्विक मांग और व्यापार युद्ध के कारण उत्पन्न अनिश्चितताओं का असर स्पष्ट रूप से निर्यात में नरमी के रूप में दिख रहा है. फियो के अध्यक्ष शरद कुमार सर्राफ ने कहा , “कर्ज की पहुंच , वस्तु निर्यातकों के लिए कर्ज लागत , सभी कृषि निर्यातों के लिये ब्याज समर्थन , विदेशी सैलानियों को की जाने वाली बिक्री पर लाभ और जीएसटी की तुरंत वापसी जैसे मसलों के समाधान पर गंभीरता से विचार करना चाहिए. “

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