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नहीं आते हैं टैक्स के दायरे में तो भी भरें ITR, जानिए क्यों

आप टैक्सेबल के दायरे से बाहर हैं तो भी आइटीआर भरना अच्छी आदत है. इसका इस्तेमाल आप कई कामों में कर सकते हैं.

June 5, 2019 11:46 AM
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आयकर रिटर्न (ITR) भरने के लिए आपके पास दो महीने से भी कम का समय है. वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए आइटीआर भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2019 है. जो लोग टैक्स चुकाते हैं, उन्हें तो आइटीआर भरना ही पड़ता है क्योंकि यह अनिवार्य है लेकिन जो लोग टैक्स के दायरे से बाहर हैं, उन्हें भी आइटीआर भरना चाहिए. वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 2.5 लाख रुपये तक की आय टैक्सफ्री है. आइटीआर भरने से आपके द्वारा चुकाए गए अधिक टैक्स का रिफंड ही नहीं मिलता, बल्कि इसके अलावा भी कई फायदे हैं. किसी एनुअल इयर में आइटीआर पिछले वित्त वर्ष का भरा जाता है. जैसे कि एनुअल इयर 2019-20 में वित्त वर्ष 2018-19 का आइटीआर भरना होगा. आइए जानते हैं कि आइटीआर भरना क्यों एक अच्छी आदत है चाहे आप टैक्सेबल के दायरे में आते हों या नहीं.

ITR आपकी वित्तीय मजबूती का दस्तावेज

आप टैक्सेबल के दायरे से बाहर हैं तो भी आइटीआर भरना अच्छी आदत है. इसका इस्तेमाल आप कई कामों में कर सकते हैं.

  • होम लोन के लिए आवेदन करते समय अगर आप आइटीआर डॉक्युमेंट्स भी जमा करते हैं तो यह आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है क्योंकि यह आपके वित्तीय अनुशासन और लोन चुका पाने की आपकी क्षमता को दिखाता है.
  • विदेशों में पढ़ने जाना चाहते हैं या नौकरी करने की सोच रहे हैं तो अपने इनकम के तौर पर कम से कम पिछले तीन साल का आइटीआर आपको दिखाना होता है.
  • वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं तो आइटीआर इसके स्वीकृत होने की संभावना मजबूत करता है क्योंकि इससे आपकी वित्तीय सेहत का पता चलता है.

ITR फॉर्म में आय, टैक्स कटौती और अदायगी का ब्यौरा

इनकम टैक्स रिटर्न एक फॉर्म है जिसमें टैक्सपेयर्स अपनी टैक्सेबल इनकम, कटौती और टैक्स पेमेंट्स का ब्यौरा उपलब्ध कराता है. इसे भरने की प्रक्रिया इनकम टैक्स फाइलिंग कहा जाता है. इसमें आपको कितना टैक्स सरकार को चुकाना है, इसका पूरा ब्यौरा होता है. अगर आपने अधिक टैक्स चुका दिया है तो आपको खाते में अधिक जमा हुआ टैक्स वापस मिल जाएगा. इसके विपरीत अगर आपने टैक्स कम जमा किया है तो आपको शेष टैक्स राशि जमा करना होगा.
(Source: cleartax.in)

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