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Reliance Retail-Future Group Deal: भारत के रिटेल कारोबार पर अब रिलायंस का राज! फ्यूचर ग्रुप के साथ डील के बाद क्या बदलेगा

फ्यूचर ग्रुप के साथ रिलायंस रिटेल की डील पर मुहर लगने के बाद अब भारत के खुदरा कारोबार में रिलायंस के किंग बनने की संभावनाएं काफी बढ़ चुकी हैं.

Updated: Aug 30, 2020 2:07 PM
impact of Reliance Retail-Future Group Deal in india's retail industry, how reliance will get benefited, mukesh ambani, kishor biyaniकिशोर बियानी ने 1987 से अब तक के 33 सालों के सफर में एक बड़ा रिटेल अंपायर खड़ा किया, जो अब रिलायंस का होने जा रहा है. Image: PTI

फ्यूचर ग्रुप (Future Group) के साथ रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) की डील पर मुहर लगने के बाद अब भारत के खुदरा कारोबार में रिलायंस के किंग बनने की संभावनाएं काफी बढ़ चुकी हैं. इस बात से ब्रांड्स के एक्सपर्ट भी इत्तेफाक रखते हैं. माना जा रहा है कि यह सौदा रिलायंस की उस स्ट्रैटेजी के अनुरूप है, जिसके तहत वह अपनी मौजूदगी वाले हर सेगमेंट/कारोबार में नंबर वन बनने की कोशिश में रहती है. चूंकि फ्यूचर ग्रुप रिटेल कारोबार में एक बहुत बड़ा नाम है, इसलिए सौदे से रिटेल इंडस्ट्री में रिलायंस को बड़ा फायदा होने की उम्मीद की जा रही है.

बता दें कि फ्यूचर ग्रुप का खुदरा व थोक कारोबार और लॉजिस्टिक्स व वेयरहाउसिंग बिजनेस रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) का होने वाला है. इस सौदे का आधिकारिक तौर पर एलान हो चुका है और यह एकमुश्त 24,713 करोड़ रुपये का रहने वाला है. सौदे के तहत फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस का अधिग्रहण भी किया जाएगा. हालांकि, फ्यूचर समूह के वित्तीय एवं बीमा कारोबार इस सौदे का हिस्सा नहीं हैं. इस सौदे के बाद फ्यूचर ग्रुप के बिग बाजार, एफबीबी, ईजीडे जैसे स्टोर रिलायंस रिटेल के हो जाएंगे.

इस बारे में Financial Express Hindi Online ने ब्रांड गुरू हरीश बिजूर से बात की. उनका कहना है कि रिलायंस की स्पष्ट स्ट्रैटेजी है कि ​वह जिस कारोबार में कदम रखे, वहां नंबर वन बने. फिर चाहे वह पेट्रोकेमिकल्स बिजनेस हो, टेलिकॉम या रिटेल. बिजूर ने कहा कि रिलायंस अब रातोंरात रिटेल बिजनेस में एक तिहाई हिस्सेदारी की मालिक बन जाएगी. किशोर बियानी ने 1987 से अब तक के 33 सालों के सफर में एक बड़ा रिटेल अंपायर खड़ा किया, जो अब रिलायंस का होने जा रहा है.

वक्त के साथ बदलने का मिल रहा है फायदा

अब रिलायंस का फोकस इस बात पर होगा कि फ्यूचर ग्रुप के घाटे में चल रहे रिटेल कारोबार को प्रॉफिट में कैसे लाया जाए और इसे कैसे बढ़ाया जाए. रिलायंस के आगे बढ़ने में सबसे अहम योगदान इस बात का है कि वह बदलते वक्त के साथ आ रहे बदलावों व नई चीजों के अनुसार खुद को बदलते हुए आगे बढ़ रहे हैं. भारत का रिटेल कारोबार अभी 1.1 ट्रिलियन डॉलर का है.

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फ्यूचर ग्रुप का क्या फ्यूचर

इस सवाल पर बिजूर ने कहा कि ऐसा अनुमान है कि इस अधिग्रहण सौदे के बाद फ्यूचर ग्रुप अब कंज्यूमर बिजनेस में फोकस करेगा. यह ग्रुप कई ब्रांड्स की मैन्युफैक्चरिंग करता है तो हो सकता है कि रिलायंस के साथ मिलकर फ्यचूर ग्रुप गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में आगे बढ़े, प्रोसेस्ड फूड्स की मैन्युफैक्चरिंग में आगे बढ़े. कुल मिलाकर जो फ्यूचर ग्रुप का फ्रंट फेसिंग बिजनेस था, वह अब बैक फेसिंग बिजनेस हो जाएगा.

किराना स्टोर्स के लिए भी निकल सकता है बड़ा मौका

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी ने रिटेल बिजनेस में 3 करोड़ किराना मालिकों और 12 करोड़ किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा था. क्या फ्यूचर ग्रुप के साथ डील इन लोगों के लिए भी बड़ा अवसर साबित हो सकती है, इस बारे में बिजूर ने कहा कि निश्चित तौर पर ऐसा हो सकता है क्योंकि रिलायंस की स्ट्रैटेजी देश के छोटे-छोटे दुकानदारों को मार्केट से बाहर करने की नहीं बल्कि उन्हें साथ लेकर चलने की है. छोटे आउटलेट्स को साथ लेकर चला जाए तो उनका कनेक्शन बड़े मार्केट के साथ किया जा सकता है. रिलायंस के रिटेल बिजनेस को लेकर प्लान इन्क्लूसिव हैं, इसमें देश के छोटे रिटेल रिलायंस के साथ जुड़कर आगे बढ़ेंगे. मौजूदा दौर में सोशल, पॉलिटिकल, इकोनॉमिक हर तरह के माहौल को देखते हुए केवल इन्क्लूसिव प्लान्स ही काम कर सकते हैं.

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