मुख्य समाचार:
  1. IL&FS Crisis: कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की जांच, स्वतंत्र निदेशक पर लापरवाही का संदेह

IL&FS Crisis: कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की जांच, स्वतंत्र निदेशक पर लापरवाही का संदेह

कंपनियों में कामकाज के संचालन को बेहतर करने में स्वतंत्र निदेशकों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है.

May 15, 2019 10:10 PM
ilfs, ilfs crisis, financial crisis, ilfs financial crisis, ilfs independent direcrtor, ilfs board, ilfs auditor, sfio, आईएलएंडएफएस पर 94 हजार करोड़ का भारी-भरकम कर्ज है. (Image-Reuters)

आईएलएंडएफएस की कंपनियों के स्वतंत्र निदेशक कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय की जांच के घेरे में आ गए हैं. सूत्रों ने कहा कि कई क्षेत्रों में कार्यरत इस समूह में वित्तीय समस्या पैदा होने के समय इन स्वतंत्र निदेशकों ने अपनी जिम्मेदारियों को ठीक तरीके से पूरा नहीं किया और उनके कामकाज में कमियां रहीं. सूत्रों ने बताया कि समूह की विभिन्न कंपनियों के स्वतंत्र निदेशक जांच के घेरे में है. इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो कुछ बड़ी कंपनियों में बोर्ड में हैं. आडिटरों, क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों और इन कंपनियों के कुछ पूर्व अधिकारियों की भूमिका की मंत्रालय द्वारा जांच की जा रही है. कंपनियों में कामकाज के संचालन को बेहतर करने में स्वतंत्र निदेशकों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है.

अक्टूबर 2018 में कंपनी का बोर्ड भंग

मंत्रालय ने अक्टूबर, 2018 में आईएलएंडएफएस के बोर्ड को भंग कर दिया था और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) इस मामले की जांच कर रहा है. इससे पहले इसी महीने कॉरपोरेट मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास ने कहा था कि आईएलएंडएफएस समूह के आडिटरों को काफी सवालों का जवाब देना होगा. प्रथम दृष्टया उन्हें ‘चौकीदार’ की भूमिका निभानी थी और व्यापक गड़बड़ियों को पकड़ना था. हालांकि, इसके साथ ही श्रीनिवास ने कहा कि अभी इस बारे में कोई नतीजा निकालना जल्दबाजी होगा.

आईएलएंडएफएस पर 94 हजार करोड़ का कर्ज

वित्तीय बदहाली के दौर से गुजर रही आईएलएंडएफएस पर करीब 94,000 करोड़ रुपये का कर्ज का बोझ है. पिछले साल समूह में संकट सामने आया था. उस समय समूह की कई कंपनियों ने कर्ज भुगतान में चूक की थी.

Go to Top