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  1. 31 मार्च से पहले बन चुके घरों पर खरीदारों को चुकाना होगा 12 फीसदी जीएसटी

31 मार्च से पहले बन चुके घरों पर खरीदारों को चुकाना होगा 12 फीसदी जीएसटी

जो बिल्डर्स अपने हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए 31 मार्च 2019 तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट पा गए हैं, उन्हें अपने होम बॉयर्स से 12 फीसदी की दर से जीएसटी वसूल करना होगा.

May 15, 2019 9:52 PM
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जो बिल्डर्स अपने हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए 31 मार्च 2019 तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट पा गए हैं, उन्हें अपने होम बॉयर्स से 12 फीसदी की दर से जीएसटी वसूल करना होगा. रीयल एस्टेट सेक्टर के लिए दूसरे FAQ (सवाल-जवाब) की सूची में सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) ने यह कहा है. सीबीआईसी के मुताबिक बिल्डर्स चल रहे प्रोजेक्टस के लिए अगर सामान्य घरों के लिए 5 फीसदी और सस्ते घरों के लिए 1 फीसदी की दर से जीएसटी वसूलते हैं तो वे क्रेडिट एडजस्टमेंट का फायदा नहीं ले पाएंगे.

पिछले हफ्ते जारी हुई थी पहली FAQ

इससे पहले सीबीआईसी ने FAQ के पहले सेट को पिछले हफ्ते जारी किया था. इसमें 1 अप्रैल से प्रभावी होने वाले नए जीएसटी रेट को लेकर कंफ्यूजन को दूर करने की कोशिश की गई थी. इसमें सीबीआईसी ने कहा था कि माइग्रेशन प्रावधान के तहत 1 अप्रैल 2019 से बिल्डरों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) सुविधा का लाभ उठाए बिना सस्ती आवासीय परिजनाओं पर 1 फीसदी और अन्य श्रेणी की आवासीय परियोजनाओं पर 5 फीसदी की दर से जीएसटी वसूलने की मंजूरी दी गई है.
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मार्च में कम की गई थी जीसएटी दरें

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई में जीएसटी परिषद ने मार्च में 1 अप्रैल 2019 से आवासीय घरों पर 5 फीसदी और सस्ते घरों पर 1 फीसदी की दर से जीएसटी निर्धारित किया था. इसके अलावा यह भी तय किया गया कि इस पर बिल्डर्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फायदा नहीं मिलेगा.

बिल्डर्स के पास जीएसटी विकल्प चुनने का अधिकार

चल रही हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए बिल्डर्स को पुरानी और नई जीएसटी व्यवस्था में अपने हिसाब से चुनने का विकल्प दिया गया है लेकिन नए प्रोजेक्ट्स के लिए उन्हें नई व्यवस्था के मुताबिक ही जीएसटी वसूलना होगा.सीबीआईसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2019 से पहले के हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए पुरानी व नई जीएसटी व्यवस्था में विकल्प चुनने का अधिकार डेवलपर्स का है, लैंड ओनर का नहीं.

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