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कॉरपोरेट टैक्स कटौती से बॉयबैक टैक्स छूट तक: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एलान की खास बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एलान की खास बातें

September 20, 2019 2:24 PM
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंद पड़ती आर्थिक वृद्धि और निवेश में तेजी लाने के इरादे से कंपनियों के लिये शुक्रवार को कई उपायों की घोषणा की. उनकी घोषणा की मुख्य बातें इस प्रकार हैं.

  • आयकर अधिनियम में एक नया प्रावधान किया गया है, जो वित्त वर्ष 2019-20 से प्रभावी होगा. इससे किसी भी घरेलू कंपनी को 22 फीसदी की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प मिलेगा. हालांकि इसके लिये शर्त होगी कि वे किसी प्रोत्साहन का लाभ नहीं लेंगे.
  • सेस और सरचार्ज समेत इन कंपनियों के लिये प्रभावी दर 25.17 फीसदी होगी. साथ ही ऐसी कंपनियों को मिनिमम अल्टरनेटिव टैक्स (MAT) का भुगतान नहीं करना होगा.
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नया निवेश आर्किषत करने तथा मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिये आयकर अधिनियम में एक और नया प्रावधान किया गया है. इससे 1 अक्टूबर 2019 या इसके बाद गठित किसी भी कंपनी को विनिर्माण में निवेश करने पर 15 प्रतिशत की दर से आयकर भरने का विकल्प मिलेगा. यह लाभ उन्हीं कंपनियों को मिलेगा जो कोई अन्य प्रोत्साहन या छूट नहीं लेंगे और 31 मार्च 2023 से पहले प्रोडक्शन शुरू करेंगे.
  • इन कंपनियों के लिये सरचार्ज और सेस समेत प्रभावी कर की दर 17.01 फीसदी होगी. साथ ही इन कंपनियों को MAT देने की जरूरत नहीं होगी.
  • यदि कोई कंपनी कम की गई दरों पर भुगतान करने का विकल्प नहीं चुनती है और टैक्स छूट एवं प्रोत्साहन का लाभ उठाती है, तो वह पुरानी दरों पर भुगतान करना जारी रखेंगी. ये कंपनियां छूट व प्रोत्साहन की अवधि समाप्त होने के बाद संशोधित दरों का विकल्प चुन सकती हैं. विकल्प चुनने के बाद उनके लिये प्रभावी टैक्स रेट 22 फीसदी होगी. एक बार विकल्प चुन लेने के बाद उन्हें उसमें बने रहना होगा.

इंडिया इंक को दिवाली गिफ्ट: कॉरपोरेट टैक्स घटा, मैट से राहत; कैपिटल गेन पर सरचार्ज हटा

  • छूट व प्रोत्साहन का लाभ जारी रखने का विकल्प चुनने वाली कंपनियों को राहत देने के लिये MAT रेट 18.5 फीसदी से घटाकर 15 फीसदी कर दी गई.
  • कैपिटल मार्केट में निवेश बढ़ाने के लिये फाइनेंस बिल, 2019 के जरिये लागू ‘बढ़ी हुई दर से सरचार्ज’ अब सिक्युरिटीज लेन-देन करने वाली कंपनियों के शेयरों की बिक्री से हुए कैपिटल गेन्स पर नहीं लगेगा.
  • विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) पर डेरिवेटिव्स समेत सिक्युरिटीज की बिक्री से होने वाले कैपिटल गेंस पर बढ़ी हुई दर से लगाया गया सरचार्ज अब नहीं लगेगा.
  • लिस्टेड कंपनियों को भी राहत दी गई है. इसके तहत जिन लिस्टेड कंपनियों ने 5 जुलाई से पहले शेयरों के बॉयबैक की घोषणा की है, उन्हें उसके लिए टैक्स नहीं देना होगा.
  • सरकार ने सीएसआर का दायरा भी बढ़ाया है. कंपनियों को अब कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत 2 प्रतिशत राशि केंद्र या राज्य सरकार या किसी एजेंसी अथवा पीएसयू की ओर से फंडेड इनक्यूबेशन, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग या औषधि के क्षेत्र में शोध कर रहे सरकार से वित्त पोषित विश्वविद्यालयों, आईआईटी, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और डीआरडीओ, आईसीएआर जैसे संस्थानों के अंतर्गत आने वाले स्वायत्त निकायों पर खर्च करने की भी छूट दी गई है.
  • इन घोषणाओं से सरकारी खजाने पर 1,45,000 करोड़ रुपये का असर पड़ने का अनुमान है.

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