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  1. ग्राहकों को ई-मेल, व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेज रहा HDFC Bank

ग्राहकों को ई-मेल, व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेज रहा HDFC Bank

अब तक डिजिटल तरीके से जो नोटिस भेजे गए हैं, वे ज्यादा मामले महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं. कुछ मामले दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान और जम्मू कश्मीर से संबंधित हैं.

September 14, 2018 7:22 PM
hdfc, hdfc bank, hdfc notice, banking news in hindi, businsess news in hindiअब तक डिजिटल तरीके से जो नोटिस भेजे गए हैं, वे ज्यादा मामले महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं. कुछ मामले दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान और जम्मू कश्मीर से संबंधित हैं. (PTI)

HDFC Bank ने नियमों का अनुपालन नहीं करने को लेकर ग्राहकों को ई-मेल और व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेजे हैं. बैंक को उम्मीद है कि संचार के नए तरीके अपनाने से मामलों का तेजी से निपटान हो पाएगा.

बैंक के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘एचडीएफसी बैंक विभिन्न अदालतों में इस बात पर जोर दे रहा है कि ई-मेल और व्हाट्सएप जैसे संचार के डिजिटल माध्यमों के जरिए नोटिस और समन भेजे जाने चाहिए. इससे मामलों के त्वरित निपटान में मदद मिलेगी.’’

अधिकारी ने कहा कि 60 लाख से अधिक चैक बाउंस के मामले देश में लंबित हैं और एचडीएफसी बैंक समन भेजने को लेकर डिजिटल साधनों के उपयोग को लेकर अदालतों से अनुरोध कर रहा है. उसने कहा, ‘‘हम ई-मेल और व्हाट्सएप पर नोटिस भेजते रहे हैं. कई मामलों में हमने देखा है कि डाक से भेजे जाने पर ग्राहक नोटिस प्राप्त होने से साफ इनकार कर देते हैं.’’

अधिकारी ने कहा कि ‘‘अक्सर देखा गया है कि लोग घर जल्दी जल्दी बदल लेते हैं लेकिन उनका ई- मेल पता और मोबाइल नंबर सामान्य तौर पर नहीं बदलता है. इसलिए हमारा मानना है कि संचार के ये नए तरीके प्रभावी हैं.’’

अधिकारी ने कहा कि एचडीएफसी बैंक ने अब तक डिजिटल माध्यमों से करीब 250 समन भेजे हैं और उम्मीद है कि कानून के तहत इन मामलों का निपटान तेजी से हो पाएगा. अब तक डिजिटल तरीके से जो नोटिस भेजे गए हैं, वे ज्यादा मामले महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं. कुछ मामले दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान और जम्मू कश्मीर से संबंधित हैं.

चेक बाउंस के मामले परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत आते हैं जिसमें प्रामिसरी नोट्स, एक्सचेंज बिल और चेकों से संबंधित मामलों को परिभाषित किया गया है और संबंधित कानून में संशोधन किया गया.

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