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चीन की एग्रेसिव खरीदारी ने बढ़ाए मूंगफली तेल के भाव, मौसम ने भी बिगाड़ी चाल

इसकी कीमतों में बढ़ोतरी की वजह न सिर्फ घरेलू हैं बल्कि विदेशी भी हैं.

November 21, 2020 8:19 AM
groundnut oil price rocketted due to china agressive buying and negative weather impacted productionभारत में सबसे अधिक मूंगफली का उत्पादन गुजरात में होता है.

मूंगफली तेल के भाव में इस समय तेजी देखने को मिल रही है. साल्वेंट एक्सट्रैक्शन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के आंकड़ों के मुताबिक 16 अक्टूबर को इसका भाव 130 रुपये किलो था जबकि ठीक एक महीने यानी 16 सितंबर को यह 125 रुपये किलो था. इस साल इसके भाव कितने अधिक हुए हैं, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि पिछले साल अक्टूबर में इसके भाव 98,750 रुपये प्रति टन (98.75 रुपये प्रति किलो) पर थे. इसकी कीमतों में बढ़ोतरी की वजह न सिर्फ घरेलू हैं बल्कि विदेशी भी हैं. चीन इस समय इसकी एग्रेसिव खरीदारी कर रहा है.

चीन की एग्रेसिव खरीदारी ने बढ़ाए भाव

केडिया कमोडिटी के निदेशक अजय केडिया के मुताबिक इस बार चीन भारी मात्रा में मूंगफली के तेल की खरीदारी कर रहा है. इस वजह से इसके भाव में तेजी आ रही है. राजकोट के एक निर्यातक का कहना है कि चीन हर साल इसका आयात करता है लेकिन इस बार उसकी खरीद एग्रेसिव है.

आमतौर पर सोयाबीन, पाम या सरसों के तेल में मूंगफली के तेल को मिलाया जाता है. इसे ब्लेंडिंग कहते हैं. सरसों के तेल में हालांकि ब्लेंडिंग को प्रतिबंधित कर दिया गया है जिसके कारण सरसों के तेल में तेजी आई है. सरसों के तेल में तेजी के कारण अन्य तेलों की खपत बढ़ी है क्योंकि विकल्प के तौर पर उनका इस्तेमाल बढ़ा है. इसके अलावा ब्लेंडिंग में भी इस्तेमाल होने के कारण मूंगफली के तेल की खपत बढ़ी है. इस वजह से इसके भाव चढ़े हैं.

गुजरात में सबसे अधिक उत्पादन

भारत में इस खरीफ सत्र में 35.90 लाख टन मूंगफली के उत्पादन का अनुमान है. इसमें से सबसे अधिक करीब 29 लाख टन गुजरात में उत्पादित होगा. गुजरात के बाद सबसे अधिक मूंगफली राजस्थान में करीब 8 लाख टन होने की उम्मीद है. बुवाई क्षेत्र की बात करें इस बार खरीफ फसल का एरिया बढ़ा है. इस बार 50.96 लाख हेक्टेअर में मूंगफली की बुवाई हुई है, जबकि पिछली बार 39.13 लाख हेक्टेअर में मूंगफली की बुवाई हुई थी. ये आंकड़े साल्वेंट एक्सट्रैक्शन एसोसिएशन ऑफ इंडिया की वेबसाइट से लिए गए हैं.

मौसम से उत्पादन प्रभावित

मूंगफली के उत्पादन में इस बार बढ़ोतरी का अनुमान था. पिछली बार 27.8 लाख टन के मुकाबले इस बार 35.90 लाख टन मूंगफली की पैदावार का अनुमान था. हालांकि एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वॉयस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च) अनुज गुप्ता का कहना है कि यह अनुमान है और कितनी पैदावार बाजार में आएगी, यह आने वाले समय में पता चलेगा क्योंकि इस बार मौसम ने इसकी फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है.

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