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  1. सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 में 85,315 करोड़ रूपये अतिरिक्त नकद व्यय के लिये संसद की मंजूरी मांगी

सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 में 85,315 करोड़ रूपये अतिरिक्त नकद व्यय के लिये संसद की मंजूरी मांगी

सरकार ने वर्ष 2017-18 की पूरक अनुदान मांगों के चौथे बैच के तहत 85,135 रूपये के नकद व्यय की मंजूरी मांगी है जिसका 70 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को जीएसटी से नुकसान की भारपायी में उपयोग किया जायेगा।

March 8, 2018 4:39 PM
बीजेपी सरकार, भाजपा, संसद, कर्ज, लोन अनुदान की पूरक मांगों से संबंधित दस्तावेज के अनुसार, इसमें से निवल नकद व्यय के प्रस्तावों से संबंधित कुल खर्च 85,135.30 करोड़ रूपये है

सरकार ने वर्ष 2017-18 की पूरक अनुदान मांगों के चौथे बैच के तहत 85,135 रूपये के नकद व्यय की मंजूरी मांगी है जिसका 70 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को जीएसटी से नुकसान की भारपायी में उपयोग किया जायेगा। 2017-18 की पूरक अनुदान मांगों के चौथे बैच के तहत 9,06,835 करोड़ रूपये के सकल अतिरिक्त व्यय को अधिकृत करने के लिये संसद का अनुमोदन मांगा गया है । अनुदान की पूरक मांगों से संबंधित दस्तावेज के अनुसार, इसमें से निवल नकद व्यय के प्रस्तावों से संबंधित कुल खर्च 85,135.30 करोड़ रूपये है और इसके माध्यम से सकल अतिरिक्त व्यय को मंत्रालयों एवं विभागों की बचत या बढ़ी हुई प्राप्तियों या वसूलियों के जरिये 8,21,519 करोड़ रूपये के समतुल्य किया जायेगा ।

लोकसभा में संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने वर्ष 2017-18 के लिये अनुदानों की अनुपूरक मांगों के चौथा बैच पेश किया। इसके तहत 72 अनुदान मांगें तथा 2 विनियोग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नई सेवा या नई सेवा लिखित मामले में बचत पुर्निवनियोग के लिये व्यय के प्रत्येक मद हेतु एक लाख रूपये के साथ 128 लाख रूपये का सांकेतिक प्रावधान मांगा गया है। अनुदान की अनुपूरक मांगों के तहत निवल नकद व्यय का बड़ा हिस्सा जीएसटी को लागू करने एवं केंद्रीय बिक्री कर को समाप्त करने के कारण राज्य को राजस्व नुकसान की भरपायी में किया जायेगा।

इसके तहत राजस्व विभाग के मद में 61,215 करोड़ रूपये रखा गया है जो पूरक मांग के तहत 85,315 करोड़ रूपये की मांग का करीब 71 प्रतिशत है । इसमें राज्यों को राजस्व नुकसान की भरपायी के लिये भुगतान किये जाने वाला 58,999 करोड़ रूपये और जीएसटी मुआवजे के मद में 1,384 करोड़ रूपये शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत पूंजीगत परिसम्पत्तियों के सृजन एवं अनुदान सहायता के मद में 15,065 करोड़ रूपये का प्रस्ताव किया गया है।

रक्षा पेंशन के भुगतान के खर्च के मद में 9,260 करोड़ रूपये और बाजार रिण और खजाने के बिल पर ब्याज भुगतान के ब्यय को पूरा करने के लिये 5,721 करोड़ रूपये का प्रस्ताव किया गया है । बाद में वित्त राज्य मंत्री पी राधाकृष्णन ने इन्हीं अनुदान मांगों को राज्यसभा में सदन के पटल पर रखा। भाषा माधव निर्मल अविनाश

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