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GAIL के बंटवारे पर हो रहा विचार, रणनीतिक निवेशक को बेचा जा सकता है पाइपलाइन कारोबार

गेल देश की सबसे बड़ी नेचुरल गैस मार्केटिंग कंपनी है. देश के 16,234 किलोमीटर लंबे पाइपलाइन नेटवर्क का दो-तिहाई से अधिक का स्वामित्व उसके पास है.

July 15, 2019 7:33 PM

Government mulling splitting GAIL; to sell pipeline business to strategic investor

सरकार गैस कारोबार करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड के पाइपलाइन कारोबार को एक अलग कंपनी बनाकर उसे रणनीतिक निवेशक को बेचने पर विचार कर रही है. सूत्रों ने यह जानकारी दी है. गेल देश की सबसे बड़ी नेचुरल गैस मार्केटिंग कंपनी है. देश के 16,234 किलोमीटर लंबे पाइपलाइन नेटवर्क का दो-तिहाई से अधिक का स्वामित्व उसके पास है.

प्राकृतिक गैस के उपयोगकर्ता अक्सर यह शिकायत करते रहे हैं कि अपने ईंधन के परिवहन के लिए वे 11,551 किलोमीटर लंबे पाइपलाइन नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं. सूत्रों ने बताया कि एक ही कंपनी के पास दोनों कारोबार होने की वजह से पैदा हो रही इस तरह की समस्याओं को दूर करने के लिए गेल के बंटवारे पर विचार किया जा रहा है.

इससे पहले मार्केटिंग कारोबार बेचने की थी योजना

सरकार इससे पहले गेल के मार्केटिंग कारोबार को संभवत: किसी अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी को बेचने पर विचार कर रही थी. लेकिन अब पाइपलाइन कारोबार को गेल से अलग कर एक कंपनी बनाने और उसकी बहुलांश हिस्सेदारी रणनीतिक निवेशक को बेचने के बारे में सोच रही है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार अब गेल का मार्केटिंग कारोबार जारी रखने पर विचार कर रही है. इसके तहत गैस के बिक्री कॉन्ट्रैक्ट और शहरी गैस खुदरा कारोबार जारी रहेगा.

ब्रुकफील्ड हो सकती है खरीदार

रणनीतिक निवेशक में कनाडा की संपत्ति प्रबंधन कंपनी ब्रुकफील्ड का नाम भी लिया जा सकता है. इस कंपनी ने हाल ही में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का 1,480 किलोमीटर पाइपलाइन कारोबार खरीदा है.

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