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Gold-Silver Investment Strategy: सोना, चांदी रिकॉर्ड हाई से 8000 रु तक सस्ता, अगले 10 से 15 दिनों में कैसे कमाएं मुनाफा

Gold-Silver Investment Strategy: सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड और सिल्वर बेहतर विकल्प समझा जाता रहा है.

February 12, 2021 8:19 AM
Gold-Silver Investment Strategy gold and silver trading below 8 thousand from record high know here the best time to investसोने और चांदी में रिकॉर्ड हाई भाव से करीब 8 हजार रुपये तक की गिरावट आ चुकी है. (Image- Reuters)

Gold-Silver Investment Strategy: सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड और सिल्वर बेहतर विकल्प समझा जाता रहा है. पिछले साल अगस्त 2020 में गोल्ड के भाव रिकॉर्ड हाई 56000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पर चले गए थे और तब से अब तक प्रति दस ग्राम गोल्ड के भाव में 8000 रुपये तक की गिरावट आई है. गोल्ड में डॉलर की मजबूती और यूएस ट्रेजरी यील्ड्स में बढ़त के अलावा मौद्रिक नीतियों में ढील के कारण यह गिरावट आई. हालांकि पिछले कुछ दिनों से गोल्ड में धीमी बढ़त दिखी है, ऐसे में निवेशकों के लिए मुनाफे का अवसर बन रहा है. एमसीएक्स पर 5 अप्रैल 2021 की एक्सपायरी वाला गोल्ड 48007 के भाव पर चल रहा है जिसके अगले कुछ दिनों में 49500 तक पहुंचने का अनुमान है. कोरोना महामारी के कारण सुस्त हुई अर्थव्यवस्था से निपटने के लिए दुनिया भर की सरकारें राहत पैकेज का एलान कर रही हैं जिसके कारण गोल्ड में बढ़त आई.

दूसरी कीमती धातु चांदी की बात करें तो पिछले साल अगस्त में इसके भाव रिकॉर्ड ऊंचाई 76000 रुपये प्रति किलो के पार पर पहुंच गए थे. प्रति किग्रा सिल्वर के भाव में अगस्त 2020 के रिकॉर्ड हाई से करीब 8 हजार रुपये तक कम हो चुके हैं. एमसीएक्स पर 5 अप्रैल 2021 के एक्सपायरी वाले सिल्वर के भाव 69005 चल रहे हैं जिसके कुछ दिनों में 73800 तक पहुंचने का अनुमान है.

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गोल्ड और सिल्वर में मुनाफे के लिए ऐसे बनाएं रणनीति

  • गोल्ड के लिए निवेशकों की रणनीति- 47,000-47,200 के प्राइस रेंज में 46,600 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदें और टारगेट 48,800-49,500 रखें.
  • सिल्वर के लिए निवेशकों की रणनीति- 68000-68600 के प्राइस रेंज में 66800 के स्टॉप लॉस के साथ खरीदें और 71500-73800 का टारगेट रखें.

इस कारण गोल्ड-सिल्वर में आ सकती है तेजी

  • आर्थिक गतिविधियों में विस्तार हो रहा है जिसके चलते ज्वैलरी डिमांड में तेजी आ सकती है. 2020 की चौथी तिमाही में तीसरी तिमाही के मुकाबले भारत में ज्वैलरी डिमांड में 125.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.
  • भूराजनीतिक तनावों (देशों के बीच विवादों) के चलते भी गोल्ड-सिल्वर के भाव में तेजी आ सकती है.
  • महंगाई बढ़ने पर इन कीमती धातुओं की कीमतों पर भी असर होगा. यूएस फेडरल रिजर्व पहले ही कह चुका है कि कुछ समय के लिए वह महंगाई की बजाय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने पर फिक्रमंद है और वह शॉर्ट टर्म के लिए 2 फीसदी का टारगेट लेकर चल रहा है. इसका मतलब हुआ कि जब तक महंगाई इस टारगेट के नीचे रहती है, यूएस फेडरल रिजर्व महंगाई रोकने के लिए कोई कोशिश नहीं करेगा.
  • अगले दो वर्षों तक दरों में कटौती रहने की पूरी संभावना है. रेट बढ़ने पर यूएस डॉलर में मजबूती आती है और इससे गोल्ड प्राइसेज में गिरावट आती है.
  • कीमतों में गिरावट के चलते रिटेल डिमांड में बढ़ोतरी हो रही है.

(यह स्टोरी केडिया एडवाइजरी की रिपोर्ट पर आधारित है.)

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