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Gold Outlook: अभी नहीं थमी है सोने की तेजी! 2019, 2020 के बाद 2021 में भी निवेशकों की कराएगा चांदी

Gold Investment Outlook: पिछले दो साल 2019 और 2020 में गोल्ड ने निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिया है. अगले साल 2021 में भी ऐसा ही रूझान देखने को मिल सकता है.

Updated: Dec 27, 2020 12:20 PM
GOLD PRICES RALLY MAY CONTINUE IN NEXT YEAR 2021 KNOW HERE ALL THE FACTORS AFFECTING THE RETURNअगले छमाही गोल्ड एक बार फिर 58 हजार का स्तर छू सकता है.

Gold Investment Outlook: पिछले दो साल में गोल्ड ने निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिया है. इस साल अगस्त 2020 में गोल्ड ने रिकॉर्ड हाई लेवल छुआ था. विशेषज्ञों के मुताबिक अगले साल भी गोल्ड में तेजी देखने को मिलेगी. इस साल कोरोना महामारी के कारण दुनिया भर में फैली आर्थिक अनिश्चितता के कारण गोल्ड में सुरक्षित विकल्प के रूप में निवेश बढ़ा. हालांकि वैक्सीन आने के बाद भी गोल्ड की चमक अगले साल फीकी नहीं पड़ने वाली है. महंगाई बढ़ने की आशंका, रीयल यील्ड्स में गिरावट, कमजोर डॉलर और प्रमुख उभरते बाजारों में गोल्ड की फिजिकल डिमांड बढ़ने के कारण इसकी चमक अगले साल भी बनी रहेगी.

दिल्ली सर्राफा बाजार की बात करें तो अगस्त में 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड का भाव 59300 रुपये तक पहुंच गया था जो आज 53200 रुपये पर है. इस प्रकार गोल्ड के भाव में अगस्त की रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 6100 रुपये की गिरावट आई है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि गोल्ड में निवेश करने का अभी सही समय है. इससे पहले दो साल तक गोल्ड में निवेश ने बेहतर रिटर्न दिया है और यह ट्रेंड अगले साल भी जारी रहेगा.

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डॉलर में कमजोरी से बढ़ोगी गोल्ड की चमक

डॉलर में गिरावट से गोल्ड में निवेश बढ़ सकता है और उभरते बाजारों से इसकी मांग बढ़ने से गोल्ड के भाव में उछाल आने की उम्मीद है. केडिया कमोडिटी के निदेशक अजय केडिया के मुताबिक फेड आने वाले समय में अपने नीतिगत दरों को कम रख सकता है. इसके अलावा इकोनॉमी को सहारा देने के लिए फेड यूएस ट्रेजरी यील्ड्स को सीमित रख सकता है. अगले साल यूएस ट्रेजरी यील्ड्स कम रह सकता है. अगर महंगाई अगले साल भी वर्तमान स्तर पर बनी रही तो यूएस ट्रेजरी यील्ड्स कम होने से यूएस रीयल यील्ड्स कम हो सकता है जिससे डॉलर कमजोर होगा और गोल्ड प्राइसेज बढ़ सकते हैं.

इस साल 2020 में राजकोषीय घाटे में बहुत अधिक बढ़ोतरी हुई. अगले साल इस घाटे में कमी आएगी हालांकि फिर भी यह बना रहेगा. ऐसे में प्रोत्साहन पैकेज और राजकोषीय घाटे के कारण निवेशक निवेश के सुरक्षित विकल्प के तौर पर गोल्ड की तरफ आकर्षित होंगे.

दो साल में मिला 52% का रिटर्न

पिछले दो वर्षो में गोल्ड ने निवेशकों को तगड़ा रिटर्न दिया है. एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटीज और करेंसीज रिसर्च) अनुज गुप्ता के मुताबिक इस साल कोरोना महामारी के कारण इक्विटी मार्केट का प्रदर्शन बहुत बुरा रहा, वहीं गोल्ड ने 28 फीसदी का रिटर्न दिया है. पिछले साल 2019 की बात करें तो गोल्ड ने 24 फीसदी का रिटर्न दिया. इस प्रकार पिछले दो साल में गोल्ड ने निवेशकों को करीब 52 फीसदी का रिटर्न दिया है. अनुज गुप्ता के मुताबिक अगले साल भी गोल्ड की चमक बनी रहेगी और निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलेगा.

राहत पैकेज से मिलेगा सपोर्ट

वैक्सीन आने के साथ ही इकोनॉमिक आउटलुक बेहतर हो रहा है. एक स्थिति यह बनती है कि इकोनॉमिक रिकवरी बेहतर हो और मौद्रिक नीतियों कठोर बनी रहें व दरें अधिक हों तो गोल्ड कीमतें गिर सकती हैं. इसके अलावा एक और स्थिति यह है कि इकोनॉमिक रिकवरी तो हो लेकिन प्रोत्साहन पैकेज जारी रहे और यूएस रीयल यील्ड में गिरावट आए तो गोल्ड के भाव में तेजी आएगी. जिस तरह से परिस्थितियां बनती दिख रही हैं, उसमें अगले साल भी प्रोत्साहन की संभावना बनती दिख रही है और गोल्ड में चमक दिख सकती है. वैक्सीन ड्रिस्ट्रीब्यूशन और ग्रोथ रिकवरी के कारण अगले साल 2021 की पहली छमाही में गोल्ड भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

फिर छू सकता है 58 हजार का स्तर

गोल्ड ईटीएफ को निवेशकों ने लिक्विडेट किया और वैक्सीन के आने से इकोनॉमिक आउटलुक में सुधार हुआ तो गोल्ड के भाव टूट सकते हैं. हालांकि केडिया के मुताबिक अगले साल 2021 की पहली छमाही में गोल्ड के भाव एक बार फिर रिकॉर्ड ऊंचाई की तरफ बढ़ सकते हैं और 4-6 महीने में 56,000-58,000 के भाव पर बने रह सकते हैं. हालांकि 2021 की दूसरी छमाही में उसकी चमक धुंधली हो सकती है. अगले साल गोल्ड के भाव औसतन 50 हजार के स्तर पर बने रह सकते हैं.

गोल्ड ईटीएफ में निवेश के प्रति बढ़ा आकर्षण

गोल्ड में निवेशकों का आकर्षण तेजी से बढ़ रहा है. इसे गोल्ड ईटीएफ में निवेश से समझ सकते हैं. हालांकि पिछले महीने निवेशकों ने बिकवाली की है. एएमएफआई (एसोसिशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया) पर दिए गए डेटा के मुताबिक मार्च के बाद से लगातार गोल्ड ईटीएफ में निवेश जारी रहा. मार्च में 194.95 करोड़ का आउटफ्लो रहा और उसके बाद अप्रैल में 730.93 करोड़, मई में 815.03 करोड़, जून में 494.23 करोड़, जुलाई में 921.19 करोड़, अगस्त में 907.85 करोड़, सितंबर में 597.26 करोड़ और अक्टूबर में गोल्ड ईटीएफ में 384.21 करोड़ रुपये का इनफ्लो रहा. नवंबर में कुछ निवेशकों ने प्रॉफिट बुक किया और 141.09 करोड़ रुपये का आउटफ्लो रहा. हालांकि निवेशकों का रूझान अभी भी गोल्ड ईटीएफ की तरफ बना हुआ है.

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