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Future-Reliance Deal : फ्यूचर ग्रुप को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, ग्रुप की संपत्ति जब्त करने के फैसले पर फिलहाल रोक  

फ्यूचर रिटेल्स लिमिटेड और फ्यूचर कूपन्स प्राइवेट लिमिटेड ने हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें कहा गया था कि वह रिलायंस और फ्यूचर के सौदे को रोकने के आदेश को लागू करेगा.

September 9, 2021 3:42 PM
रिलायंस के साथ डील पर अमेजन के विवाद में फ्यूचर ग्रुप को फिलहाल राहत

रिलायंस के साथ डील पर अमेजन के साथ विवाद में फिलहाल फ्यूचर रिटेल लिमिटेड को राहत मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि रिलायंस के साथ डील के मामले में सिंगापुर इमरजेंसी आर्बिट्रेटर के फैसले को लागू करने के मामले में हाई कोर्ट में चल रही सभी कार्यवाहियां चार सप्ताह तक रुकी रहेंगी. सिंगापुर इमरजेंसी आर्बिट्रेटर ने रिलायंस के साथ फ्यूचर के  24,731 करोड़ रुपये की डील पर  रोक लगा दी थी. इस सौदे के तहत फ्यूचर ग्रुप ने अपना रिटेल बिजनेस रिलायंस रिटेल को बेच दिया था. लेकिन अमेजन ने इसके खिलाफ इंटरनेशनल आर्बिट्रेज में यह कहते हुए शिकायत की थी इस सौदे से पहले फ्यूचर को इसकी इजाजत लेनी चाहिए थी.

हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने संपत्ति जब्ती का आदेश दिया था

सिंगापुर इमरजेंसी आर्बिट्रेटर का फैसला अमेजन के पक्ष में आया था. इसके बाद फ्यूचर ग्रुप इस आदेश को रुकवाने के लिए एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट गया था. गुरुवार को उसकी याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एन वी रमना की अगुआई वाली बेंच ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), कंपीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) और मार्केट रेगुलेटर सेबी को मर्जर डील के संबंध में अगले चार सप्ताह तक कोई अंतरिम आदेश जारी न करने को कहा है. इसके साथ ही हाई कोर्ट में भी इस मामले में किसी भी कार्यवाही पर रोक लगा दी है.

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फ्यूचर रिटेल्स सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी

फ्यूचर रिटेल्स लिमिटेड और फ्यूचर कूपन्स प्राइवेट लिमिटेड ने हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें कहा गया था कि वह रिलायंस और फ्यूचर के सौदे को रोकने के आदेश को लागू करेगा. हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने सिंगापुर की अदालत के आदेश के मुताबिक रिलायंस और फ्यूचर के सौदे को रोकने का आदेश दिया था. हाई कोर्ट ने सिंगल जज बेंच के आदेश को ही पुनर्जीवित किया था जिसमें फ्यूचर कूपन, फ्यूचर रिटेल, किशोर बियानी एसेट्स को कुर्क करने का निर्देश दिया गया था. फ्यूचर कूपन ने  हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की  थी, जिसने बियानी, अन्य फ्यूचर डायरेक्टर्स को सिविल अरेस्ट के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने कहा था कि क्यों न उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाए. 

बेंच ने इस मामले में फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (Future Retails Limited) और फ्यूचर कूपन्स प्राइवेट लिमिटेड (Future Coupons Private Limited) की ओर से पेश हुए सीनियर वकील हरीश साल्वे और मुकल रोहतगी के बयानों  पर गौर करने के बाद कहा कि आर्बिट्रेटर ने अभी अपना अंतिम फैसला नहीं दिया है. उसने इस केस में दोनों पक्षों ( अमेजन और फ्यूचर) का पक्ष सुनने के बाद अपना अंतिम फैसला सुरक्षित रखा है. 

अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की ओर पेश हुए सीनियर वकील गोपाल सुब्रमण्यम ने कहा कि कंपनी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड और फ्यूचर कूपन्स लिमिटेड और उनके निदेशकों के खिलाफ किसी दंडात्मक कार्रवाई के पक्ष में नहीं है. उन्होंने बेंच के उस फैसले पर सहमति जताई, जिसमें इस डील से संबंधित हाई कोर्ट की सभी कार्यवाहियों पर चार सप्ताह तक रोक लगाने का आदेश दिया गया है. 

फ्यूचर रिटेल्स लिमिटेड और फ्यूचर कूपन्स प्राइवेट लिमिटेड ने हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें कहा गया था कि वह रिलायंस और फ्यूचर के सौदे को रोकने के आदेश को लागू करेगा. हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने सिंगापुर की अदालत के आदेश के मुताबिक रिलायंस और फ्यूचर के सौदे को रोकने का आदेश दिया था. 

 

 

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