IPO History of India : धीरूभाई अंबानी से लेकर Zomato तक, कई मोड़ से गुजर चुका है देश का IPO मार्केट

1991 में आर्थिक उदारीकरण के बाद पांच साल में ही रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी ने चार बड़े आईपीओ लॉन्च किए.सभी को काफी अच्छा रेस्पॉन्स मिला लेकिन निवेशकों को कोई खास फायदा नहीं हुआ.

zomato divestment
The consideration received from such sale/disposal is USD 100,000, Zomato said

देश में आईपीओ की बारिश हो रही है. इस साल 54 कंपनियां आईपीओ (IPO) लाएंगी. इनमें से लगभग 35 आईपीओ लॉन्च हो चुके हैं. कंपनियों ने अब तक 42 हजार करोड़ रुपये जुटा लिए हैं. अनुमान है कि इस साल आईपीओ के जरिये 1 लाख करोड़ रुपये तक जुटाए जा सकते हैं. इस साल अब तक आए आईपीओ में सबसे ज्यादा चौंकाया Zomato ने. इस इंटरनेट प्लेटफॉर्म कंपनी के शेयरों की कीमत लिस्ट होने के बाद 80 फीसदी बढ़ गए. इस आईपीओ को सब्सक्राइवर का जबरदस्त रेस्पॉन्स मिला. यह हालत 1993 के हालात के बिल्कुल उलट है, जब इन्फोसिस के आईपीओ को निवेशकों को कोई भाव नहीं दिया था.

धीरूभाई ने लॉन्च किया था आजाद भारत का पहला IPO

देश में IPO मार्केट आज पूरे उफान पर है. बड़ी संख्या में नए निवेशक में इसमें पैसा लगा रहे हैं. इस बीच आईपीओ मार्केट कई पड़ावों से गुजरा है. 1977 में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) ने आजाद भारत का पहला IPO लॉन्च किया था. इश्यू साइज था 2.82 करोड़ रुपये का. 1991 में आर्थिक उदारीकरण के बाद पांच साल में ही रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी चार बड़े आईपीओ लॉन्च किए. सभी को काफी अच्छा रेस्पॉन्स मिला लेकिन निवेशकों को कोई खास फायदा नहीं हुआ. बाद में आईपीओ लाने वाली इन सारी कंपनियों का विलय रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड (RIL) में हो गया.

आईपीओ मार्केट में फर्जी कंपनियों की भरमार

1992 में सेबी (SEBI) का गठन हुआ और फिर चार महीने बाद कैपिटल कंट्रोलर ऑफ इश्यूज (CCI) भंग कर दिया गया. यह इश्यू की कीमत तय करने वाली संस्था थी. इसका फायदा कंपनियों ने उठाया और 1991 से 1992 के बीच मनमाने इश्यू प्राइस पर 195 आईपीओ लॉन्च किए गए. इसके बाद भी भारी संख्या में आईपीओ आए. इससे प्रमोटरों को तो खूब फायदा हुआ लेकिन निवेशक भारी घाटे में रहे. उस वक्त प्राइमरी मार्केट से पैसा उठाने वाली ज्यादातर कंपनियों का आज अता-पता तक नहीं है. इसके बाद ही फर्जी कंपनियों और इस तरह के तौर-तरीकों पर लगाम लगाने के प्राइमरी मार्केट में सुधार शुरू हुए.

….जब इन्फोसिस के आईपीओ को नहीं मिला भाव

लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक 1993 में इन्फोसिस ( Infosys) अपना आईपीओ लाई. लेकिन इसे अच्छा सब्सक्रिप्शन नहीं मिला. इसके बाद विप्रो (Wipro) और टीसीएस (TCS) का भी आईपीओ आया. जो आईटी कंपनियां आईपीओ के बाद लिस्ट हुई थीं, उनमें से इन्फोसिस मुनाफे देने में सबसे आगे रही है. 1996 में अगर किसी ने इनफोसिस के शेयरों में 100 रुपये लगाया होता तो आज यह 1.67 रुपये हो चुका होता.

2005 का घोटाला और ऑपरेशन क्लीन-अप

2005 में आईपीओ मार्केट (IPO Market) में बड़ा घोटाला सामने आया. इसे आईपीओ डीमैट स्कैम ( IPO Dmat SCam) कहा गया. कुछ कंपनियों ने हजारों नकली डिपोजिटरी अकाउंट खुलवा कर इश्यू के अलॉटमेंट बढ़वा लिए. घोटाले का पता चलने बाद ऑपरेशन क्लीन-अप शुरू हुआ और आईपीओ से जुड़े कई नियमों में बदलाव किए गए. इसमें कंपनी के फाइनेंशियल ट्रैक रिकार्ड और प्रमोटर के डिस्क्लोजर को अनिवार्य कर दिया गया. न्यूनतम पब्लिक शेयर होल्डिंग तय कर दी गई ताकि अच्छी-खासी संख्या में शेयर आम निवेशक के बीच सर्कुलेट हो सकें. संस्थागत निवेशकों के लिए शेयर रिजर्व रखे गए ताकि वे आईपीओ में हिस्सेदारी ले सकें. साथ ही विज्ञापन के लिए आचारसंहिता बनाई गई. इससे आईपीओ मार्केट में काफी पारदर्शिता आई. इसका एक फायदा यह हुआ कि प्राइमरी मार्केट से जुटाए जाने वाला फंड का आकार लगातार बढ़ता गया.

Internet IPOs: Paytmजैसी इंटरनेट कंपनियों के आईपीओ में निवेश से पहले रखें ध्यान, इन पांच प्वाइंट के आधार पर लें सब्सक्रिप्शन का फैसला

आईपीओ का Zomato युग

देश के शेयर मार्केट में ऑनलाइन फू़ड डिलीवरी कंपनी Zomato की शानदार लिस्टिंग ने इंटरनेट प्लेटफॉर्म कंपनियों के लिए आईपीओ मार्केट में बड़े पैमाने पर उतरने का रास्ता साफ कर दिया. हालांकि जितनी भी इंटरनेट कंपनियां हैं, उनमें बड़े निवेशकों का काफी निवेश हो रहा है लेकिन ये सभी घाटे में हैं. ऐसे में लगातार घाटे में रही Zomato के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रेस्पॉन्स एक नया फेनोमिना है. हालांकि इस तरह के स्टार्ट-अप को आईपीओ मार्केट में लाने के लिए सेबी ने नियमों में कुछ परिवर्तन भी किए हैं. बहलहाल, जोमैटो के बाद अब पेटीएम (Paytm) और मोबिक्विक (Mobikwik) जैसी दिग्गज इंटरनेट कंपनियां भी आईपीओ मार्केट में जल्द उतरने वाली हैं.

 

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

Financial Express Telegram Financial Express is now on Telegram. Click here to join our channel and stay updated with the latest Biz news and updates.

TRENDING NOW

Business News