रिकॉर्ड लो से 100 पैसे मजबूत हुआ रुपया, मोदी के इकोनॉमिक रिव्यू की संभावना से रिकवरी

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट जारी है. बुधवार को रुपया 17 पैसे कमजोर होकर 72.86 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. रुपये की शुरूआत 9 पैसे की कमजोरी के साथ 72.78 के भाव पर हुई.

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट जारी है. बुधवार को रुपया 17 पैसे कमजोर होकर 72.86 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. रुपये की शुरूआत 9 पैसे की कमजोरी के साथ 72.78 के भाव पर हुई. (Reuters)

डॉलर के मुकाबले रुपये में 100 पैसे की मजबूत रिकवरी आई है. रुपया बुधवार के रिकॉर्ड लो 72.91 प्रति डॉलर से चढ़कर 71.91 प्रति डॉलर के भाव पर आ गया है. दोपहर बाद मीडिया में ऐसी रिपोर्ट आई है कि पीएम नरेंद्र मोदी इसी हफ्ते इकोनॉमिक रिव्यू मीटिंग कर सकते हैं, जिसमें रुपये में गिरावट और क्रूड की महंगाई प्रमुख विषय होंगे. इसके बाद रुपये को लेकर सेंटीमेंट बेहतर बन गया और रुपये में मजबूती आई है.

बता दें कि बुधवार को रुपये की शुरूआत 9 पैसे की कमजोरी के साथ 72.78 के भाव पर हुई. कारोबार के दौरान रुपये में 72.91 के स्तर तक रिकॉर्ड गिरावट आई. विश्लेषकों के मुताबिक, अनुमान है कि महंगाई दर अधिक रहेगी, ग्लोबल व्यापार में संरक्षणवाद और देश के इक्विटी बाजार से विदेशों से निवेश की गई रकम को वापस निकालने से भारतीय रुपये पर दबाव बना हुआ है. रुपये में अभी गिरावट बढ़ेेगी और यह 74 के भाव तक टूट सकता है.

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पिछले 10 दिनों में रुपये की चाल

इस साल 15% कमजोर हुआ रुपया

इस साल रुपये में लगातार कमजोरी देखी गई है. रुपया इस साल अबतक करीब 15 फीसदी से ज्यादा कमजोर हो चुका है. इस साल 6 जनवरी, 2018 को रुपया, डॉलर के मुकाबले 63.33 पर था, जोकि 15 फीसदी लुढ़क कर 72.91 तक आ गया। दुनिया के अन्य देशों की मुद्राओं के मुकाबले भी डॉलर मजबूत हुआ है। पिछले साल रुपए में करीब 6 फीसदी की तेजी आई थी, लेकिन इस बार कई फैक्टर रहे हैं, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा है.

रुपये में गिरावट के बड़े कारण

-बांड यील्ड बढ़ने से रुपये पर दबाव है.

-दुनियाभर की दूसरी करंसी के मुकाबले डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है.

-क्रूड में तेजी बनी हुई है, जिससे करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ने की आशंका है.

-ट्रेड वार बढ़ने की आशंका के चलते भी डॉलर के मुकाबले रूपये पर दबाव है.

-आरबीआई का दखल भी बहुत काम नहीं आ रहा है.

-घरेलू स्तर पर रेवेन्यू कलेक्शन उम्मीद से कम रहने से भी रुपये पर दबाव है.

-घरेलू स्तर पर राजनैतिक अनिश्चितता भी रुपये में कमजोरी की एक वजह है.

-यूएस फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने के संकेत

74 प्रति डॉलर तक जा सकता है भाव

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि क्रूड की कीमतें हाई बनी हुई हैं. जिससे क्रूड की खरीदारी के लिए इंटरनेशनल स्तर पर डॉलर की डिमांड तेज है. घरेलू स्तर पर रेवेन्यू कलेक्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं है, वहीं राजनैतिक अस्थिरता का माहौल है. ऐसे में रुपये को सपोर्ट मिलता नहीं दिख रहा है. आने वाले कुछ हफ्तों में रुपया 74 प्रति डॉलर का स्तर भी छू सकता है.

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