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Forex Market: रुपया गिरकर 72.69 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद

मंगलवार को रुपये की शुरूआत 15 पैसे की मजबूती के साथ हुई. रुपया डॉलर के मुकाबले 72.30 के भाव पर खुला. सोमवार को रुपया 72.45 प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ था.

September 11, 2018 7:06 PM
forex market, rupee, dollar, crude, demand, trade war, bond yield, रुपया, डॉलरमंगलवार को रुपये की शुरूआत 15 पैसे की मजबूती के साथ हुई. रुपया डॉलर के मुकाबले 72.30 के भाव पर खुला. सोमवार को रुपया 72.45 प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ था. (Reuters)

मुंबई. डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा रुपया मंगलवार को 72.69 प्रति डॉलर के नए निचले स्तर पर बंद हुआ. कारोबारी सत्र के दौरान रुपया 72.75 के स्तर तक गया था. रुपये की शुरूआत 15 पैसे मजबूती के साथ 72.30 प्रति डॉलर के स्तर पर हुई थी.  सोमवार को रुपया 72.45 प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ था.  विश्लेषकों के मुताबिक, अनुमान है कि महंगाई दर अधिक रहेगी, ग्लोबल व्यापार में संरक्षणवाद और देश के इक्विटी बाजार से विदेशों से निवेश की गई रकम को वापस निकालने से भारतीय रुपये में गिरावट आ रही है.

क्रूड के भाव बढ़ने, ग्लोबल टेंशन, ट्रेड वार के बीच डॉलर की डिमांड बढ़ने से रुपये पर दबाव है. जानकार मान रहे हैं कि रुपये में अभी गिरावट बढ़ेेगी और यह 74 के भाव तक टूट सकता है.

 

पिछले दिनों रुपये की चाल

शुक्रवार को रुपया 72.04 प्रति डॉलर का भाव छूने के बाद 71.73 के भाव पर बंद हुआ.
गुरुवार को 72.10 प्रति डॉलर का रिकॉर्ड निचला स्तर छूने के बाद रुपया 71.99 के भाव पर बंद हुआ.
बुधवार को 71.95 प्रति डॉलर का स्तर छूने के बाद रुपया 71.75 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.
मंगलवार को रुपया 71.58 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.
सोमवार को रुपया 22 पैसे की भारी गिरावट के साथ 71.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.
पिछले हफ्ते शुक्रवार को रुपया 70.99 के स्तर पर बंद हुआ था.
गुरूवार को रुपया 15 पैसे की गिरावट के साथ 70.74 के स्तर पर बंद हुआ.
बुधवार को रुपया 49 पैसे कमजोर होकर 70.59 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था.
मंगलवार को रुपया 6 पैसे मजबूती के साथ 70.10 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

इस साल 12% कमजोर हुआ रुपया

इस साल रुपये में लगातार कमजोरी देखी गई है. रुपया इस साल अबतक करीब 12 फीसदी से ज्यादा कमजोर हो चुका है. पिछले साल रुपए में करीब 6 फीसदी की तेजी आई थी, लेकिन इस बार कई फैक्टर रहे हैं, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा है.

रुपये में गिरावट के बड़े कारण

बांड यील्ड बढ़ने से रुपये पर दबाव है.
दुनियाभर की दूसरी करंसी के मुकाबले डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है.
क्रूड में तेजी बनी हुई है, जिससे करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ने की आशंका है.
ट्रेड वार बढ़ने की आशंका के चलते भी डॉलर के मुकाबले रूपये पर दबाव है.
आरबीआई का दखल भी बहुत काम नहीं आ रहा है.
घरेलू स्तर पर रेवेन्यू कलेक्शन उम्मीद से कम रहने से भी रुपये पर दबाव है.
घरेलू स्तर पर राजनैतिक अनिश्चितता भी रुपये में कमजोरी की एक वजह है.
यूएस फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने के संकेत

74 प्रति डॉलर तक जा सकता है भाव

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि क्रूड की कीमतें हाई बनी हुई हैं. जिससे क्रूड की खरीदारी के लिए इंटरनेशनल स्तर पर डॉलर की डिमांड तेज है. घरेलू स्तर पर रेवेन्यू कलेक्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं है, वहीं राजनैतिक अस्थिरता का माहौल है. ऐसे में रुपये को सपोर्ट मिलता नहीं दिख रहा है. आने वाले कुछ हफ्तों में रुपया 74 प्रति डॉलर का स्तर भी छू सकता है.

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