मुख्य समाचार:

Forex Market: रुपये में आई 0.18 पैसे की मजबूती, डॉलर के मुकाबले 74.21 के स्तर पर हुआ बंद

बुधवार को रुपया 24 पैसे मजबूत होकर 74.15 प्रति डॉलर पर खुला.

October 10, 2018 7:10 PM
forex market, currency, rupee, रुपया, dollar, डॉलर, crude, RBIबुधवार को रुपया 24 पैसे मजबूत होकर 74.15 प्रति डॉलर पर खुला.

बुधवार को रुपये में डॉलर के मुकाबले मजबूती देखी गई. शाम को कारोबार बंद होने के बाद रुपया 0.18 पैसे मजबूत होकर 74.21 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. बता दें कि मंगलवार को रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर 74.39 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

बुधवार सुबह रुपया 24 पैसे मजबूत होकर 74.15 प्रति डॉलर पर खुला. हालांकि यह रुपये की अब तक की सबसे कमजोर ओपनिंग रही है. पूरे दिन के कारोबार में रुपया गिरकर 74.29 प्रति डॉलर के स्तर तक गया, उसके बाद इसमें रिकवरी आई और यह 74.06 प्रति डॉलर पर आ गया. बाद में यह 74.21 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ.

बता दें कि शुक्रवार को आरबीआई द्वारा ब्याज दरें न बढ़ाए जाने के फैसले से रुपये पर दबाव बना हुआ है. बता दें कि आरबीआई की मॉनेटरी पालिसी मीटिंग में ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया था. जानकारों के मुताबिक करंसी मार्केट को उम्मीद थी कि रुपये में गिरावट रोकने के लिए रिजर्व बैंक ब्याज दरों में इजाफा कर सकता है.

पिछले 10 दिन में रुपये की चाल

— मंगलवार को रुपया अबतक के सबसे निचले स्तर 74.39 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था
— सोमवार को रुपया अपने आॅलटाइम लो 74.06 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.
– शुक्रवार को रुपया 73.77 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.
– गुरूवार को रुपया 73.57 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.
– बुधवार को रुपया 73.24 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.
– सोमवार को रुपया 43 पैसे कमजोरी के साथ 72.91 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.
– शुक्रवार को रुपया 72.48 प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ था.
– गुरूवार को रुपया 72.59 के स्तर पर बंद हुआ था.
– बुधवार को रुपया 72.61 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.
– मंगलवार को रुपया 72.69 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

क्यों गिर रहा है रुपया?

1. डॉलर की मांग और आपूर्ति बढ़ी

दुनिया के देशों से लेन-देन के लिए आमतौर पर डॉलर की जरूरत होती है ऐसे में डॉलर की मांग बढ़ने और आपूर्ति कम होने पर स्थानीय करंसी कमजोर होती है. एंजेल ब्रोकिंग के करेंसी एनालिस्ट अनुज गुप्ता ने रुपये में आई हालिया गिरावट पर कहा, “भारत को कच्चे तेल का आयात करने के लिए काफी डॉलर की जरूरत होती है और हाल में तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आई है जिससे डॉलर की मांग बढ़ गई है. वहीं, विदेशी निवेशकों द्वारा निवेश में कटौती करने से देश से डॉलर का आउटफ्लो बढ़ गया है। इससे डॉलर की आपूर्ति घट गई है.”

2. निर्यात घटना भी बड़ी वजह

उन्होंने बताया कि आयात ज्यादा होने और निर्यात कम होने से चालू खाते का घाटा बढ़ गया है, जोकि रुपये की कमजोरी की बड़ी वजह है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू खाता घाटा तकरीबन 18 अरब डॉलर हो गया है. जुलाई में भारत का आयात बिल 43.79 अरब डॉलर और निर्यात 25.77 अरब डॉलर रहा. दूसरी ओर, विदेशी मुद्रा का भंडार लगातार घटता जा रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार 31 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह को 1.19 अरब डॉलर घटकर 400.10 अरब डॉलर रह गया.

3. राजनीतिक अस्थिरता

गुप्ता बताते हैं, “राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनने से भी रुपये में कमजोरी आई है. आर्थिक विकास के आंकड़े कमजोर रहने की आशंकाओं का भी असर है कि घरेलू करंसी डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रही है. जबकि विश्व व्यापार जंग के तनाव में दुनिया की कई उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राएं डॉलर के मुकाबले कमजोर हुई हैं.”

4. अमेरिका की मजबूती से लग रहा है झटका

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में लगातार मजबूती के संकेत मिल रहे हैं जिससे डॉलर दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है. अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती आने से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल कर ले जा रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि संरक्षणवादी नीतियों और व्यापारिक हितों के टकराव के कारण अमेरिका और चीन के बीच पैदा हुई व्यापारिक जंग से वैश्विक व्यापार पर असर पड़ा है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. कारोबार बाजार
  3. Forex Market: रुपये में आई 0.18 पैसे की मजबूती, डॉलर के मुकाबले 74.21 के स्तर पर हुआ बंद

Go to Top