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निचले स्तरों से 22 पैसे सुधरा रुपया, डॉलर के मुकाबले 71.82 हुआ भाव, आगे बढ़ सकती है गिरावट

शुक्रवार को रुपया 4 पैसे की हल्की मजबूती के साथ 71.95 प्रति डॉलर के भाव पर खुला. गुरुवार को रुपया 71.99 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था. जानकार मान रहे हैं कि रुपये में अभी गिरावट और बढ़ेेगी.

September 7, 2018 10:20 AM
rupee, dollar, currency, forex market, crude, US fed, global tension, रुपया, डॉलरशुक्रवार को रुपया 4 पैसे की हल्की मजबूती के साथ 71.95 प्रति डॉलर के भाव पर खुला. गुरुवार को रुपया 71.99 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था. जानकार मान रहे हैं कि रुपये में अभी गिरावट और बढ़ेेगी.(Reuters)

शुक्रवार के कारोबार में रुपये में अच्छी रिकवरी दिखी है. रुपया निचले स्तरों से 22 पैसे सुधरकर 71.82 प्रति डॉलर के भाव पर है. रुपये की शुरूआत 4 पैसे की मजबूती के साथ 71.95 प्रति डॉलर के भाव पर हुई थी. हालांकि रुपया आज फिर 72.04 के भाव तक आ गया. गुरुवार को रुपया 71.99 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ था. गुरुवार के कारोबार में रुपये ने पहली बार 72 का स्तर पार कर 72.10 के निचले स्तर को टच किया. क्रूड के भाव बढ़ने, ग्लोबल टेंशन, ट्रेड वार के बीच डॉलर की डिमांड बढ़ने से रुपये पर दबाव है. जानकार मान रहे हैं कि रुपये में अभी गिरावट और बढ़ेेगी.

पिछले दिनों रुपये की चाल

-गुरुवार को 72.10 प्रति डॉलर का रिकॉर्ड निचला स्तर छूने के बाद रुपया 71.99 के भाव पर बंद हुआ. रुपये की शुरुआत 13 पैसे मजबूती के साथ 71.62 प्रति डॉलर के भाव पर हुई थी.
-बुधवार को 71.95 प्रति डॉलर का स्तर छूने के बाद रुपया 71.75 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.
-मंगलवार को रुपया 71.58 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.
-सोमवार को रुपया 22 पैसे की भारी गिरावट के साथ 71.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.
-पिछले हफ्ते शुक्रवार को रुपया 70.99 के स्तर पर बंद हुआ था.
-गुरूवार को रुपया 15 पैसे की गिरावट के साथ 70.74 के स्तर पर बंद हुआ.
-बुधवार को रुपया 49 पैसे कमजोर होकर 70.59 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था.

-मंगलवार को रुपया 6 पैसे मजबूती के साथ 70.10 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

इस साल 12% कमजोर हुआ रुपया

इस साल रुपये में लगातार कमजोरी देखी गई है. रुपया इस साल अबतक करीब 11 फीसदी से ज्यादा कमजोर हो चुका है. पिछले साल रुपए में करीब 6 फीसदी की तेजी आई थी, लेकिन इस बार कई फैक्टर रहे हैं, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा है.

रुपये में क्यों आई कमजोरी

इस साल रुपये में कमजोरी की कई बड़ी वजह रही है. क्रूड की कीमतें लगातार हाई बनी रहने की वजह से डॉलर की डिमांड इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ी है, वहीं, यूएस और चीन के बीच ट्रेड वार का भी असर फॉरेक्स मार्केट पर दिखा है. तुर्की में आर्थिक संकट ने भी रुपये पर दबाव डाला है. वहीं, दुनियाभर में कई प्रमुख करंसी में कमजोरी देखी गई है. इन सभी वजहों से रुपये पर दबाव बढ़ा है. इसके अलावा यूएस फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने के संकेत ने भी रुपये को कमजोर किया है.

74 प्रति डॉलर तक जा सकता है भाव

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि क्रूड की कीमतें हाई बनी हुई हैं. जिससे क्रूड की खरीदारी के लिए इंटरनेशनल स्तर पर डॉलर की डिमांड तेज है. घरेलू स्तर पर रेवेन्यू कलेक्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं है, वहीं राजनैतिक अस्थिरता का माहौल है. ऐसे में रुपये को सपोर्ट मिलता नहीं दिख रहा है. आने वाले कुछ हफ्तों में रुपया 74 प्रति डॉलर का स्तर भी छू सकता है.

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