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वित्त वर्ष 2017-18 में Flipkart का घाटा हुआ कम, रेवेन्यू में हुई 48.2 फीसदी की बढ़ोतरी

ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart का घाटा वित्त वर्ष 2017-18 में घटकर 1,160.6 करोड़ रुपये रह गया.

October 28, 2018 9:10 PM
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ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart का घाटा वित्त वर्ष 2017-18 में घटकर 1,160.6 करोड़ रुपये रह गया. ये जानकारी कंपनी के रेगुलेटरी डॉक्यूमेंट्स में दी गई है. मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स में जमा किए कई कागजों के मुताबिक कंपनी का साल 2016-17 में घाटा 1,640.2 करोड़ रुपये रहा था.

वित्त वर्ष 2017-18 में Flipkart का रेवेन्यू 2,790.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में 1,882.4 करोड़ रुपये रहा था. इस तरह से कंपनी ने कुल मिलाकर 48.2 फीसदी की ग्रोथ की है. हालांकि इसपर Flipkart ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

एकल आधार पर 2017-18 में Flipkart का कुल घाटा कम होकर 1,157 करोड़ रुपये पर आ गया जबकि आय बढ़कर 2,790.2 करोड़ रुपये हो गई. Flipkart कई कंपनियां चलाती है. Flipkart इंटरनेट के माध्यम से वे ई-कॉमर्स और सहायक सेवाएं देती है.

Flipkart इंटरनेट की आय मुख्यत: संग्रह, ई-बाजार, भंडारण और रसद जैसी सेवाओं से होती है. इस साल की शुरुआत में दिग्गज अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट ने 16 अरब डॉलर में Flipkart की करीब 77 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है.

दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते ऑनलाइन खुदरा बाजार में Flipkart का मुकाबला अमेरिका की दिग्गज कंपनी अमेजन से है. दोनों कंपनियां एक-दूसरे को टक्कर देने के लिए भिन्न तरह की पेशकश करती रहती हैं. विभिन्न अध्ययनों के मुताबिक भारतीय ई-कॉमर्स बाजार अगले कुछ वर्षों में बढ़कर 200 अरब डॉलर से अधिक का हो जाएगा.

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