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किसान आंदोलन से 14000 करोड़ रु के व्यापार का नुकसान, लगभग 20% ट्रक माल लेकर नहीं आ पा रहे दिल्ली

CAIT ने किसान नेताओं एवं केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि बातचीत द्वारा इस मसले को तुरंत सुलझाया जाए.

Updated: Dec 22, 2020 5:31 PM
Farmers Proterst, 14 thousand crore rupee business loss due to farmers agitation, confederation of all india traders, caitImage: Reuters

दिल्ली की सीमाओं पर गत 26 दिन से धरने पर बैठे हुए कुछ राज्यों के किसानों के आंदोलन से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में अब तक लगभग 14 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का बड़ा नुकसान हुआ है. कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने किसान नेताओं एवं केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि बातचीत द्वारा इस मसले को तुरंत सुलझाया जाए. ट्रेडर्स ने सुप्रीम कोर्ट से भी अनुरोध किया है कि खास तौर पर दिल्ली एवं अन्य राज्यों के व्यापारियों एवं अन्य लोगों की परेशानियों को देखते हुए बेहतर रहेगा अगर कोर्ट की वैकेशन बेंच इस मामले की तुरंत सुनवाई निश्चित करे.

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा है कि आंदोलन के कारण लगभग 20 फीसदी ट्रक देश के अन्य राज्यों से सामान दिल्ली नहीं ला पा रहे हैं, जिसके कारण दिल्ली से अन्य राज्यों को भेजे जाने वाले सामान पर भी विपरीत असर पड़ रहा है.

रोज 50000 ट्रक सामान लेकर आते हैं दिल्ली

दिल्ली में रोज लगभग 50 हजार ट्रक देश भर के विभिन्न राज्यों से सामान लेकर दिल्ली आते हैं और लगभग 30 हजार ट्रक प्रतिदिन दिल्ली से बाहर अन्य राज्यों के लिए सामान लेकर जाते हैं. फिलहाल दिल्ली में आवश्यक वस्तुओं सहित अन्य वस्तुओं की कोई किल्लत नहीं है. कैट और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन (ऐटवा) दोनों संयुक्त रूप से माल की आवाजाही पर प्रतिदिन निगाह रखे हुए हैं और पूरी कोशिश कर रहे हैं कि दिल्ली अथवा अन्य किसी राज्य में किसी भी वस्तु की कोई कमी न हो.

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रोज क्या-क्या माल आता है

भरतिया एवं खंडेलवाल ने बताया कि मुख्य रूप से अन्य राज्यों से एफएमसीजी प्रोडक्ट, लोगों द्वारा रोजमर्रा के उपयोग का सामान, खाद्यान्न, फल एवं सब्जी, किराने का सामान, ड्राई फ्रूट, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली का सामान, दवाइयां, भवन निर्माण का सामान, लोहा-स्टील, कपड़ा, मशीनरी, बिल्डिंग हार्डवेयर, लकड़ी एवं प्लाईवुड, रेडीमेड कपड़े आदि प्रतिदिन बड़ी संख्या में दिल्ली आते हैं.

ये सभी सामान प्रायः दिल्ली-जयपुर, दिल्ली-मथुरा, आगरा एक्सप्रेस वे, दिल्ली-गाजियाबाद हाइवे, दिल्ली-चंडीगढ़ हाइवे आदि रास्तों से मुख्य रूप से आते हैं. इन हाइवे पर आंदोलन के कारण या तो रास्ते बंद है अथवा लम्बा जाम लगे होने के कारण ट्रकों को काफी लम्बा घूम कर दिल्ली आना पड़ रहा है, जिसके कारण सप्लाई देरी से आ रही है अथवा बाधित है. यदि बहुत लम्बे समय तक आंदोलन चला तो सप्लाई में परेशानी की सम्भावना है. लेकिन फिलहाल किसी वस्तु की कोई कमी नहीं है और कैट एवं ऐटवा ने यह तय किया है की किसी भी हालत में सप्लाई चेन को जारी रखा जाएगा.

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