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सोना, चांदी, चना, दाल जैसी कमोडिटीज में करना चाहते हैं कमाई; कैसे लगाएं पैसा?

युद्ध, प्राकृतिक आपदा और वित्तीय संकट जैसे खतरों के प्रति कमोडिटीज में निवेश जमा-पूंजी को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखता है.

Updated: Oct 14, 2020 8:18 AM
Diversifying Investment investing in commoditiesकमोडिटी मार्केट में कम मार्जिन मनी और अधिक ट्रेडिंग समय का फायदा मिलता है.

अगर आप निवेशक हैं तो किसी एक ही स्टॉक में अपनी पूरी जमा-पूंजी लगाना समझदारी नहीं मानी जाती है. बेहतर यह होता है कि अलग अलग अच्छे शेयरों में पैसा लगाकर अपना निवेश डाइवर्सिफाई किया जाए. अधिकतर निवेशकों की बात करें तो वे कमोडिटी की बजाए इक्विटी और डेट फंड्स में निवेश करने को प्राथमिकता देते हैं. स्टॉक की ही तरह कमोडिटीज में निवेश भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है लेकिन महंगाई और अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता के समय के लिए ये निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है. आइए कमोडिटी में निवेश के बारे में अपनी जानकारी बढ़ाते हैं ताकि अपने निवेश का पोर्टफोलियो मजबूत किया जा सके.

हार्ड कमोडिटीज और सॉफ्ट कमोडिटीज

कमोडिटीज में निवेश का मतलब है कि सोना, चांदी, गेहूं, चावल, कॉफी, चाय, तेल और अन्य मेटल में निवेश करना है. कमोडिटीज को सॉफ्ट कमोडिटीज और हार्ड कमोडिटीज में बांटा जा सकता है. सॉफ्ट कमोडिटीज में गेहूं, चावल जैसे उपजाने वाले फसल और हार्ड कमोडिटीज में में सोना, चांदी जैसी खानों से खनन की गई धातु आती है. कमोडिटी में निवेश करने के कई तरीके हैं जैसे कि कोई निवेशक फ्यूचर कांटेक्ट में निवेश कर सकता है और कमोडिटी पर आधारित म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट कर सकता है जैसे कि नेचुरल रिसोर्स फंड्स, बेसिक या ट्रू लकमोडिटी फंड और इंडेक्स फंड इत्यादि.

फाइनेंशियल क्राइसिस में भी प्रॉफिट

कमोडिटीज में निवेश का सबसे बड़ा फायदा डाइवर्सिफिकेशन है. कमोडिटी से होने वाला लाभ सामान्यतया अन्य प्रमुख एसेट क्लास से होने वाले लाभ से बहुत कम या नकारात्मक तौर पर संबंधित है. इसकी प्रमुख वजह यह है कि जब वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें बढ़ती हैं तो उन्हें उपजाने वाले कमोडिटीज के भाव भी बढ़ते हैं. इन कमोडिटीज को अगर अपने इंवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में रखते हैं तो बाजार में चढ़ाव का फायदा उठाया जा सकता है.

शेयर और बांड की कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक कमोडिटीज पर समान प्रकार से प्रभाव नहीं डाल पाते हैं. इसके अलावा कमोडिटीज विभिन्न वित्तीय और भू-राजनीतिक परिस्थितियों में अलग प्रकार से प्रभाव डालते हैं. युद्ध, प्राकृतिक आपदा और वित्तीय संकट जैसे खतरों के प्रति कमोडिटीज में निवेश जमा-पूंजी को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखता है. युद्ध के समय में आपूर्ति प्रभावित होती है जिससे जैसे कि तेल और अनाज जैसी कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी की बहुत अधिक संभावना रहती है.

कमोडिटी फ्यूचर्स की अधिक लिक्विडिटी

रियल एस्टेट में निवेश की तुलना में कमोडिटी मार्केट में निवेश अधिक तरलता देता है. कमोडिटी फ्यूचर्स को खरीदना और बेचना बहुत आसान है और निवेशक जब चाहें तब अपनी स्थिति को लिक्विडेट कर सकते है.

कम मार्जिन मनी और अधिक ट्रेडिंग समय

कमोडिटी फ्यूचर में निवेश करने के लिए ब्रोकिंग हाउस के पास मार्जिन मनी डिपॉजिट करनी पड़ती है. यह सौदे की कुल कीमत के 5 से 10 फीसदी के बीच होता है. अन्य एसेट क्लास में निवेश के लिए जरूरी मार्जिन की तुलना में यह बहुत कम है. इस प्रकार कम से कम मार्जिन में भी निवेशक बड़ी पोजीशन ले सकते हैं और अधिक से अधिक प्रॉफिट कमा सकते हैं. इसके अलावा कमोडिटी में निवेश का सबसे बड़ा फायदा यह है स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग के लिए अधिक समय मिलता है. जैसे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर ट्रेडिंग समय सुबह 9:00 से 11:30 बजे रात तक है.

अधिक वोलैटिलिटी से प्रॉफिट बढ़ाने का मौका

कमोडिटी अन्य सभी एसेट क्लास की तुलना में अधिक वोलेटाइल है. एक अध्ययन के मुताबिक शेयरों की तुलना में दोगुना, बांड की तुलना में चार गुना अधिक वोलेटाइल है. इसके कारण कंजरवेटिव निवेशक के लिए कमोडिटी में निवेश बहुत रिस्की हो जाता है. इसी के कारण यह अधिक लाभ कमाने का अवसर भी देता है. हालांकि पोर्टफोलियो में कमोडिटी में इन्वेस्ट अधिक रखना समझदारी नहीं है.

(लेखक: P Saravanan, प्रोफेसर आफ फाइनेंस एंड अकाउंटिंग, IIM तिरुचिरापल्ली)

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