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बाबा रामदेव की डेट मार्केट पर पड़ी नजर, पतंजलि भी बेच रही है बॉन्ड

सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था के लिए जिस तरह से प्रोत्साहन कदम उठाए गए, घरेलू बांड मार्केट का आकर्षण बहुत ज्यादा बढ़ गया है.

Updated: Aug 17, 2020 1:28 PM
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सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पिछले दिनों जिस तरह से ब्याज दरों में कटौती हुई और प्रोत्साहन कदम उठाए गए, कर्ज की दरें 15 साल में सबसे सस्ती हो गई हैं. इससे घरेलू बांड मार्केट का आकर्षण बहुत ज्यादा बढ़ गया है. ऐसे में पहली बार बॉन्ड जारी करने वाले भारत के डेट बाजार की ओर तेजी से भाग रहे हैं. इसमें योग गुरू बाबा रामदेव भी शामिल हैं.

योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और सॉफ्टवेयर टायकून अजीम प्रेमजी की विप्रो एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, उन 91 कंपनियों में शामिल हैं, जो इस साल रुपये के नेट सेलर्स रहे हैं. यह 2019 से रिबाउंड की स्थिति है. पिछले साल केवल 61 फर्मों ने अपने बॉन्ड-मार्केट की शुरुआत की थी.

डेट मार्केट में और आएगी गहराई

डेब्यू बांड सेल्स से बढ़ोत्तरी से डेट मार्केट में और गहराई आ जाएगी, जिससे निवेशकों के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे. साथ ही बॉरोअर्स के नोट खरीदने के जोखिम को भी बढ़ावा मिलेगा, जिसमें ट्रैक रिकॉर्ड की कमी होती है. जारीकर्ताओं के लिए, डेट डील एक सुस्त अर्थव्यवस्था में कैश बफर्स बनाने का एक अवसर है. भारत का बॉन्ड-सेल्स का बूम पूरे एशिया में डेट की पेशकश में उछाल के अनुरूप है. क्योंकि पॉलिसी मेकर्स ने कोरोनोवायरस महामारी से लड़ने के लिए मार्केट में ज्यादा से ज्यादा कैश डाले हैं.

बॉन्ड को बेचने के लिए लागत कम

आमतौर पर भारत में लोन प्राप्त करने की तुलना में एक बॉन्ड को बेचने के लिए लागत कम होती है, क्योंकि बैंक दुनिया के सबसे खराब डेट रेश्यो से लड़ने के लिए लोन देने पर अंकुश लगा रहे हैं. टॉप रेटेड थ्री ईयर नोट्स का एवरेल यील्ड 5.09 फीसदी रहा है जो देश के सबसे बड़े लेंडर भारतीय स्टेट बैंक में समान कार्यकाल के लोन की तुलना में 221 बेसिस प्वॉइंट सस्ता है.

भारतीय पॉलिसी मेकर्स ने पिछले दिनों कोरोना वायरस महामारी से फाइनेंशियल फालआउट को देखते हुए रिकॉर्ड प्रोत्साहन पैकेज का एलान किया था. इससे बॉन्ड पर उधार लेने की लागत घटी है. फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड उन फर्म में शामिल है, जिन्होंने पॉलिसी मेकर्स द्वारा सहायक उपायों के चलते अपने बॉन्ड की शुरुआत की है.

बाजार ने राहत कदमों का स्वागत किया

कुछ निवेशक डरे थे कि कोविड-19 राहत उपाय बिजनेस क्रेडिट हेल्थ की सच्ची तस्वीर दिखा रहे हैं. लेकिन बॉन्ड यील्ड प्रीमियम दिखाते हैं कि बाजार ने इस कदम का स्वागत किया है. टॉप रेटेड तीन साल के कॉर्पोरेट नोट और इसी के समान टेनर में सरकारी डेट के बीच का प्रसार पिछले महीने 22.4 आधार अंकों तक गिर गया. अक्टूबर 2005 के बाद से यह सबसे निचला स्तर है. यह अंतर शुक्रवार को 23 आधार अंकों पर रहा. इसके विपरीत, भारत के सॉवरेन बांड मार्केट में, पिछले सप्ताह रिकॉर्ड डेट सप्लाई की चिंता के कारण यील्ड में वृद्धि हुई है. वही, मुद्रास्फीति का दबाव केंद्रीय बैंक द्वारा लंबे समय तक ब्याज दरों को पॉज करने का संकेत दे रहा है.

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