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  1. Jio को नहीं दिया था इंटरकनेक्शन; अब Airtel, Voda Idea को देनी पड़ सकती है 3050 करोड़ पेनल्टी

Jio को नहीं दिया था इंटरकनेक्शन; अब Airtel, Voda Idea को देनी पड़ सकती है 3050 करोड़ पेनल्टी

डीसीसी ने हालांकि, 3050 करोड़ रुपये की पेनल्टी राशि में संशोधन के लिए ट्राई से राय लेने का फैसला किया है.

June 17, 2019 4:59 PM
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टेलिकॉम डिपार्टमेंट की फैसले लेने वाली शीर्ष संस्था डिजिटल कम्युनिकेशंस कमीशन (DCC) ने सोमवार को भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया पर पेनल्टी लगाने की अनुमति दे दी. रिलायंस जियो (RJio) को प्वाइंट ऑफ इंटरकनेक्शन (पीओआई) नहीं के चलते एयरटेल वोडा आइडिया पर पेनल्टी लगाई गई है. हालांकि, डीसीसी ने 3,050 करोड़ रुपये की पेनल्टी राशि में संशोधन के लिए ट्राई से राय लेने का फैसला किया है.

टेलिकॉम सेक्टर में फाइनेंशियल दबाव के बीच हालांकि, डीसीसी ने 3,050 करोड़ रुपए की पेनल्टी रकम में संशोधन के लिए ट्राई से राय लेने का फैसला किया है. कंपनियों पर पेनल्टी को मंजूरी देने के दौरान डीसीसी ने रिलायंस जियो पर ग्राहकों को अच्छी सर्विस नहीं देने के कारण पेनल्टी लगाने के सचिवों के प्रस्ताव से असहमति जताई.

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डीसीसी जियो को प्वाइंट ऑफ इंटरकनेक्शन नहीं देने के कारण भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया पर पेनल्टी लगाने पर सहमत हो गया. हालांकि कमीशन ने सेक्टर के खस्ताहाल को देखते हुए ट्राई से पेनल्टी के रकम की समीक्षा करने पर राय मांगने का फैसला किया है.

टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Trai) ने अक्टूबर 2016 में एयरटेल, वोडाफोन आइडिया पर उस वक्त की नई कंपनी जियो (RJio) को इंटरकनेक्शन देने से इनकार करने के आरोप में 3050 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई.

किस कंपनी पर कितनी पेनल्टी?

एयरटेल और वोडाफोन पर पेनल्टी की रकम करीब 1050-1050 करोड़ रुपये है. जबकि इस मामले में आइडिया पर 950 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई गई थी. अब चूंकि वोडाफोन और आइडिया के बिजनेस विलय हो चुका है, इसलिए नई कंपनी वोडाफोन आइडिया को दोनों कंपनियों की पेनल्टी का बोझ उठाना पड़ेगा.

रेग्युलेटर ने इन टेलिकॉम कंपनियों के लाइसेंस रोकने के सिफारिशों को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि इससे कंज्यूमर्स की दिक्कतें बढ़ेंगी.

रिलायंस जियो की तरफ से उसके नेटवर्क पर 75 फीसदी से अधिक कॉल फेल होने की शिकायत करने के बाद ट्राई ने यह सिफारिश की. कॉल फेल की वजह जियो को इन कंपनियोंकी ओर से प्वाइंट ऑफ इंटरकनेक्शन नहीं मिलना था.

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