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Crude Outlook 2021: महंगाई के लिए रहें तैयार, रिकॉर्ड बना सकते हैं पेट्रोल-डीजल के भाव

Crude and Natural Gas Outlook 2021: पिछले साल डब्ल्यूटीआई फ्यूचर्स कांट्रैक्ट के भाव पहली बार शून्य से भी नीचे चले गए थे.

Updated: Jan 11, 2021 8:12 AM
Crude and Natural Gas Outlook 2021 CRUDE OIL AND NATURAL GAS PRICES MAY POSE NEW RECORD HIGH IN 2021 AS DEMAND RISESकोरोना महामारी के बीच दुनिया भर में फाइनेंसियल मार्केट के लिए वर्ष 2020 कोस्टर राइड की तरह था.

Crude and Natural Gas Outlook 2021: पेट्रोल-डीजल के भाव ऊंचाइयों का रिकॉर्ड बनाते जा रहे हैं और 2021 में जल्द राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है. पिछले साल कोरोना महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन के चलते तेल की खपत बहुत ही कम हो गई थी क्योंकि परिवहन प्रभावित होने के साथ-साथ उद्योग-धंधे भी लगभग ठप्प हो गए थे. हालांकि लॉकडाउन हटने के बाद धीरे-धीरे इकोनॉमिक गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ी. हालांकि इस बीच जहां क्रूड की कीमतें बढ़ रही हैं, वहीं पेट्रोल, डीजल भी लगातार महंगे हो रहे हैं.

कोरोना महामारी और सऊदी अरब व रूस के बीच प्राइस वार के कारण पिछले साल 2020 में क्रूड की कीमतों में जबरदस्त गिरावट रही. हालांकि इसके बाद इसमें रिकवरी हुई लेकिन फिर भी इसकी मांग में सालाना 19.65 फीसदी की दर से गिरावट रही. अब ग्लोबल इकोनॉमी में रिकवरी के कारण इसकी खपत बढ़ रही और आगे और बढ़ने की उम्मीद है. ऐसे में क्रूड के भाव में भी तेजती आने लगी है. एक्सपर्ट आगे क्रूड और महंगा होने की बात कह रहे हैं. इस समय क्रूड ऑयल एमसीएक्स पर 3800 रुपये प्रति बैरल के आस-पास है और 2021 में अनुमान लगाया जा रहा है कि यह 4000-4150 तक का स्तर दिखा सकता है. नेचुरल गैस की बात करें तो अमेरिका में हीटिंग डिमांड और उत्पादन कम होने के कारण इसके भाव में इस साल तेजी देखने को मिल सकती है.

क्रूड और प्राकृतिक गैस के भाव इस साल बढ़ने की उम्मीद

कोरोना महामारी के बीच दुनिया भर में फाइनेंशियल मार्केट के लिए वर्ष 2020 कोस्टर राइड की तरह था. कोरोना महामारी के कारण ग्रोथ में गिरावट, राहत पैकेजों की घोषणा और अत्यंत ढीले मौद्रिक नीतियों के कारण 2020 में साल भर उतार-चढ़ाव बना रहा. हालांकि वैक्सीन के आने और राहत पैकेजों ने जल्द इकोनॉमिक रिकवरी की उम्मीद जताई है. इससे निवेश में बढ़ोतरी होगी और खर्च बढ़ेगा जिससे कमोडिटी प्राइसेज बढ़ सकते हैं.
पिछले साल 2020 में अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए कोरोना महामारी के कारण मंदी की आशंका के चलते अमेरिका ने 2 लाख करोड़ डॉलर (146.73 लाख करोड़ रुपये) के राहत पैकेज को मंजूरी दी थी. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2.3 लाख करोड़ डॉलर (168.74 लाख करोड़ रुपये) के अतिरिक्त पैकेज को मंजूरी दी थी. अमेरिकी फेड रिजर्व ने पिछले साल ब्याज दरें मार्च 2020 में बहुत कम कर दिया था, शून्य के एकदम करीब तक. उम्मीद लगाई जा रही है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अमेरिकी फेड रिजर्व इसमें अगले साल 2022 तक अधिक बदलाव नहीं करेगा.

क्रूड ऑयल

  • क्रूड ऑयल की बात करें तो पिछले साल कोरोना महामारी के कारण पहली बार इसके भाव शून्य से नीचे चले गए थे. मई 2020 के लिए डब्ल्यूटीआई फ्यूचर कांट्रैक्ट के भाव अप्रैल में माइनस 37 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे. इकोनॉमिक गतिविधियों में गिरावट और परिवहन पर प्रतिबंधों के कारण यह गिरावट आई थी. तेल की कीमत रह ही नहीं गई थी क्योंकि स्टोरेज फैसिलिटी की कमी थी. अभी क्रूड 50 डॉलर के पार है.
  • घरेलू बाजार की बात करें तो अप्रैल 2020 में यह सार्वकालिक निचले स्तर 795 रुपये प्रति बैरल के भाव तक लुढ़क गया था जो उसके उच्च स्तर 4670 रुपये प्रति बैरल के स्तर से 83 फीसदी तक कम था. हालांकि इकोनॉमी रिकवरी होने लगी तो इसके भाव मजबूत हुए.
  • तेल की कीमतों को उत्पादकों से भी सपोर्ट मिला. साल के अंत तक इसके उत्पादन में 19.65 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
  • वैक्सीन को लेकर सकारात्मक खबरों के कारण इस साल 2021 में आर्थिक रिकवरी की उम्मीद है. ऐसे में ऑयल डिमांड बढ़ेगी.
  • इस साल 2021 में क्रूड ऑयल 4000-4150 प्रति बैरल तक का लेवल दिखा सकता है.

प्राकृतिक गैस

  • पिछले साल 2020 में प्राकृतिक गैस के भाव आपूर्ति प्रभावित होने के कारण तेजी से बढ़े. 2020 में इसके भाव एनवाईएमईएक्स पर 16.68 फीसदी और एमसीएक्स पर 16.68 फीसदी तक बढ़ गए.
  • अमेरिका में विंटर सीजन के दौरान हीटिंग डिमांड के कारण इसके भाव मजबूत बने रहे. आमतौर पर इसके बाव अप्रैल से अक्टूबर के दौरान कम होते हैं लेकिन पिछले साल इसके भाव में तेजी बनी रही क्योंकि अमेरिका में इस दौरान हरीकेन ने इसका आउटपुट कम किया था और लॉकडाउन हटने के बाद से अमेरिका व यूरोप में मांग में बढ़ोतरी हुई.
  • 2020 के अंतिम दो महीनों में हीटिंग डिमांड कम होने के कारण इसके भाव में गिरावट आई.
  • इस साल 2021 की बात करें तो इसके अमेरिका में घरेलू मांग बने रहने और एलएनजी एक्सपोर्ट्स बढ़ने व प्रोडक्शन कम होने के कारण भाव में तेजी बनी रह सकती है.
  • 2021 में इसके भाव मीडियम टर्म में 265 रुपये प्रति एमएमबीटीयू और फिर उसके बाद 283 रुपये प्रति एमएमएमबीटीयू का लेवल दिखा सकते हैं.

(नोट: यह जानकारी रेलिगेयर ब्रोकिंग की VP-मेटल, एनर्जी एंड करंसी रिसर्च, सुगंधा सचदेवा से मिली जानकारी के आधार पर दी गई है.)

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