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COVID-19: लॉकडाउन से 2-3 महीने ऑटो होलसेल रहेगा कमजोर; किन शेयरों में लगाएं दांव, किनसे बनाएं दूरी

कोरोना वायरस के चलते देश में चल रहे लॉकडाउन ने ऑटो कंपनियों की बिक्री पर बड़ा असर डाला है.

April 6, 2020 8:39 AM
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COVID-19 Impact on Auto Sector: कोरोना वायरस के चलते देश में चल रहे लॉकडाउन ने ऑटो कंपनियों की बिक्री पर बड़ा असर डाला है. पहले से मंदी की मार झेल रहे ऑटो सेक्टर पर लॉकडाउन ने दबाव और बढ़ा दिया है. जिसका गवाल मार्च के बिक्री आंकड़े हैं. हैवी डिस्काउंट के बाद भी सेक्टर के हर सेग्मेंटकार, टू व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल की बिक्री में डबल डिजिट तक की गिरावट देखने को मिली है. एक्सपर्ट माने रहे हैं कि अभी लॉकडाउन के चलते अप्रैल और मई में भी देश के कई हिस्सों में होल सेल के आंकड़े कमजोर रहने का अनुमान है. वहीं, BS-VI ट्रांजिशन पूरा होने तक भी बिक्री कमजोर रहने का अनुमान है. हालांकि कोविड—19 के मामले कंट्रोल में आने,  BS-VI ट्रांजिशन पूरा होने और अर्थव्यवस्था के फिर से पटरी पर लौटने के बाद ऑटो सेक्टर में फिर से ग्रोथ लौटेगी.

डिस्काउंट देने के बाद भी बिक्री ठप

ब्रोकरेज हाउस प्रभुदास लीलाधर के अनुसार देशभर में 21 दिनों के लॉकडाउन के चलते डिमांड पूरी तरह से ठप पड़ चुकी है. कंपनियों ने अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट कुछ दिनों के लिए बंद कर दिए हैं. इससे प्रोडक्शन में बड़ी गिरावट आई है. रिटेल लेवल पर शहरों या कस्बों में शोरूम के बंद होने के चलते रजिस्ट्रेशन में भी भारी गिरावट आई है. कंपनियों ने पिछले महीने अच्छा खास डिस्काउंट दिया था, लेकिन इसका भी कोई फायदा नहीं हुआ. ब्रोकरेज हाउस के अनुसार आटो सेक्टर में कोरोना वायरस के लंबे समय से असर देखा जा रहा है. चीन में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बंद होने से कई कंपनियों को जरूरी प्रोडक्ट की आपूर्ति में दिक्कत हुई, जिससे प्रोडक्शन कम हुआ. फिलहाल प्रोडक्शन ठप होने से होलसेल के आंकड़े कम से कम 2 से 3 महीने कमजोर रहने का अनुमान है.

सेक्टर में कैश फ्लो की स्थिति लंबे समय से कमजोर

केपीएमजी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कोराना वायरस का असर जिन सेक्टर पर सबसे ज्यादा पड़ा है, उनमें आटो सेक्टर प्रमुख है. सेक्टर में लंबे समय से कैश फ्लो की स्थिति कमजोर है, जिससे पूरे बाजार पर असर पड़ रहा है. देश में अज्ञर्थव्यवस्था पर दबाव के चलते पहले से परचेजिंग पावर कमजोर बनी हुई थी, अब लॉकडाउन के चलते टू व्हीलर और पैसेजर कारों की ब्रिकी ठप हो गई है. लाूकडाउन के चलते कमर्शियल सेक्टर में बिल्कुल भी डिमांड नहीं है. वहीं कुछ कंपनियों के लिए आटो कंपोनेंट समय से न मिलने की वजह से भी परेशानी बढ़ी है.

शेयर को लेकर क्या हो स्ट्रैटेजी

ब्रोकरेज हाउस प्रभुदास लीलाधर ने अशोक लेलैंड, भारत फोर्ज, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टीवीएस मोटर्स में होल्ड करने की सलाह दी है. वहीं, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी और मदरसन सूमी में खरीद की सलाह दी है. बजाज आटो में रिड्यूस करने और सिएट में बिक्री की सलाह दी है. जबकि एक्साइड और हीरो मोटोकॉर्प में एक्यूमुलेट यानी और जोड़ने की सलाह दी है.

ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने मारुति सुजुकी में 5900 रुपये के लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह दी है. वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 426 रुपये के लक्ष्य के साथ निवेश  सलाह दी है. जबकि टाटा मोटर्स में 111 रुपये के लक्ष्य के साथ और अशोक लेलैंड में 67 रुपये के लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह दी है.

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