Covid-19 2nd Wave: सरकार दे सकती है एक और राहत पैकेज, फोकस में होंगे ये सेक्टर

Stimulus Package: केंद्र सरकार कोरोना की दूसरी लहर से सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर्स के लिए जल्द ही राहत पैकेज का एलान कर सकती है.

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Stimulus Package: केंद्र सरकार कोरोना की दूसरी लहर से सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर्स के लिए जल्द ही राहत पैकेज का एलान कर सकती है.

Stimulus Package: कोरोना की दूसरी लहर से देश की अर्थव्यवस्था को फिर झटका लग रहा है. तमाम एजेंसियां ग्रोथ अनुमान में कटौती करने लगी हैं. कोरोना वायरस के चलते कई सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. ऐसे में एक राहत देने वाली खबर आ रही है. ब्लूमबर्ग अब की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार कोरोना की दूसरी लहर से सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर्स के लिए जल्द ही राहत पैकेज का एलान कर सकती है. इस मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सरकार ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिसका उद्देश्य स्थानीय लॉकडाउन से जूझ रही अर्थव्यवस्था का समर्थन करना है.

इन सेक्टर्स पर रह सकता है फोकस

रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्रालय छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के साथ-साथ पर्यटन, विमानन और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के प्रस्तावों पर काम कर रहा है. पहचान न बताने की शर्त पर सूत्रों ने कहा कि अभी चर्चा शुरुआती चरण में है और राहत पैकेज की घोषणा के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है. वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

कई राज्यों में सख्त पाबंदियां

बता दें कि कोविड -19 संक्रमण की दूसरी लहर ने भारत को महामारी के लिए वैश्विक हॉटस्पॉट बना दिया है. भले ही प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सख्त राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाने से इनकार कर दिया हो, इस साल मार्च में दूसरी लहर शुरू होने के बाद से ही कई शहरों में अभी लॉकडाउन जैसी स्थिति है. भारत में कोरोना वायरस के मामले अभी भी 1 दिन में 2 लाख से ज्यादा बने हुए हैं, जिसके चलते कई राज्यों ने इसके प्रसार को रोकने के लिए सख्त पाबंदियां लागू की हैं.

ग्रोथ अनुमान में कटौती

कोरोना वायरस की दूसरी लहर के प्रभाव को देखते हुए कई अर्थशास्त्रियों और एजेंसियों ने 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए अपने ग्रोथ के पूर्व अनुमानों में कटौती करना शुरू कर दिया है. बढ़ती बेरोजगारी और उपभोक्ताओं के बीच घटती बचत ने डबल डिजिट में ग्रोथ की संभावनाओं को कम कर दिया है. हालांकि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष को उम्मीद है कि भारत की अर्थव्यवस्था इस साल मार्च तक 12.5 फीसदी ​​​​की दर से विस्तार करेगी. देश के केंद्रीय बैंक ने जीडीपी में 10.5 फीसदी ग्ररेथ का अनुमान जताया है.

प्रोत्साहन टैक्स ब्रेक के रूप में!

निर्मल बैंग इक्विटीज प्राइवेट लिमिटेड के अर्थशास्त्री टेरेसा जॉन के अनुसार, प्रोत्साहन सबसे अधिक टैक्स ब्रेक के रूप में हो सकता है. जॉन ने कहा कि सरकार के पास बहुत अधिक छूट नहीं है, हालांकि हाल ही में आरबीआई के लाभांश से कुछ राहत मिली है. प्रोत्साहन ज्यादातर अतिरिक्त गारंटी और कर रियायतों के रूप में हो सकते हैं. इसमें डिमांड बढ़ाने के उपाय हो सकते हैं. इन सभी में एक बड़ा सरकारी खर्च शामिल नहीं हो सकता है.

ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के अभिषेक गुप्ता ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्य सब्सिडी के पक्ष में अपने एक्सपेंडिचर कंपोजिशन को और अधिक शिफ्ट करते हुए, अपने ओवरआल बजट स्पेंडिंग पर टिकी रहेगी.

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