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कोरोना वायरस ने बिगाड़ा बाजार का सेंटीमेंट, आपके निवेश पर क्या होगा असर

Coronavirus Impact: कोरोना वायरस के चलते किन घरेलू सेक्टर और कंपनियों को होगा नुकसान तो किन्हें होगा फायदा

February 19, 2020 9:23 AM
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Coronavirus Impact On Your Stock Investment: कोरोना वायरस आउटब्रेक के चलते आज भी प्रमुख एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. एशियाई बाजारों में लंबे समय से दबाव देखने को मिल रहा है. इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी देखने को मिल रहा है और आज बाजार लगातार चौथे दिन कमजोर होकर बंद हुआ. एक्सपर्ट मान रहे हैं कि कोरोना वायरस के चलते चीन के साथ ट्रेड में जुड़े देशों का सप्लाई चेन बुरी तरह से बाधित हुआ है, जिससे चीन ही नहीं इसका असर ग्लोबल इकोनॉमी पर पड़ रहा है. मूडीज ने भी अनुमान जताया है कि कोरोना के चलते भारत की जीडीपी ग्रोथ सुस्त पड़ सकती है. ब्रोकरेज हाउस एमके ग्लोबल ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि कोरोना के चलते किस सेक्टर में किस कंपनी को नुकसान होगा और उनके शेयरों में गिरावट आ सकती है तो कौन सी कंपनियों में ग्रोथ का फायदा उनके शेयरों को मिलेगा.

एक तिमाही तक रहेगा असर

ब्रोकरेज हाउस एमके ग्लोबल के अनुसार कोरोना वायरस का संक्रमण काफी लंबे समय तक खिंच गया है, जिससे चीन सहित उसके साथ ट्रेड से जुड़े देशों की इंडस्ट्री पर असर दिख रहा है. दुनियाभर के एक्सपोर्ट का करीब 12 फीसदी हिस्सेदारी चीन की है. बता दें कि भारत सहित कई देशों में चीन का बड़ा एक्सपोर्ट है और वहां से आने वाले जरूरी पार्ट का इस्तेमाल घरेलू कंपनियां करती हैं. ऐसे में मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन बाधित होने का असर कम से कम इन कंपनियों पर 3 महीने रहेगा. इसमें एग्रो केमिकल्स, फार्मा, आयल एंड गैस, केमिकल और आटो इंडस्ट्री भी शामिल है.

कंपनियां: जिन्हें सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका

कंपनी                           सेक्टर
धनुका एग्रीटेक              एग्रो केमिकल्स
रैलीज इंडिया                एग्रो केमिकल्स
टाटा मोटर्स                  आटोमोबाइल
वोल्टास                        कंज्यूमर ड्यूरेबल
ब्लू स्टार                       कंज्यूमर ड्यूरेबल
हॉवेल्स                         कंज्यूमर ड्यूरेबल
व्हर्लपूल                       कंज्यूमर ड्यूरेबल
अंबेर इंटरप्राइजेज       कंज्यूमर ड्यूरेबल
डिक्सन टेक                 कंज्यूमर ड्यूरेबल
जिंदल                         स्टेनलेस मेटल
नाल्को                         मेटल
सेल                             मेटल
वेदांता                         मेटल
टाटा स्टील                   मेटल
JSW स्टील                 मेटल
MOIL                        मेटल
ONGC                      ऑयल एंड गैस
आयल इंडिया             ऑयल एंड गैस
विनाती आर्गनिक्स       स्पेशल केमिकल
कैमलिन फाइन           स्पेशल केमिकल

(सोर्स: एमके ग्लोबल)

कंपनियां: जिन्हें आंशिक नुकसान की आशंका

कंपनी                                 सेक्टर

PI इंडस्ट्रीज                       एग्रो केमिकल्स
कोरोमंडल इंटरनेशनल      एग्रो केमिकल्स
मदरसन सूमी                    ऑटोमोबाइल
NMDC                             मेटल
हिंडाल्को                           मेटल
जिंदल स्टेनलेस                  मेटल
कोल इंडिया                      मेटल
हिंदुस्तान जिंक                  मेटल
गेल                                  ऑयल एंड गैस
अरबिंदो फार्मा                  फार्मा
कैडिला                            फार्मा
सिप्ला                              फार्मा
डॉ रेड्डी                             फार्मा
ग्लेनमार्क                         फार्मा
इप्का लैब                        फार्मा
ल्यूपिन                             फार्मा
सनफार्मा                        फार्मा
SRF                             स्पेशल केमिकल
नवीन फ्लोरिन               स्पेशल केमिकल

(सोर्स: एमके ग्लोबल)

कंपनियां: जिन्हें हो सकता है फायदा

कंपनी                                सेक्टर

अपोलो टायर्स                   ऑटो एंसिलियरीज
एक्साइड इंडस्ट्रीज           ऑटो एंसिलियरीज
अमारा राजा बैटरी            ऑटो एंसिलियरीज
एचयूएल                            एफएमसीजी
डाबर                                एफएमसीजी
मैरिको                              एफएमसीजी
कोलगेट                            एफएमसीजी
GCPL                              एफएमसीजी
एशियन पेंट्स                    एफएमसीजी
बर्जर पेंट्स                        एफएमसीजी
पिडिलाइट                        एफएमसीजी
गुजरात गैस                      ऑयल एंड गैस
GSPL                             ऑयल एंड गैस
IOCL                              ऑयल एंड गैस
BPCL                              ऑयल एंड गैस
HPCL                             ऑयल एंड गैस
डिवाइस लैब                     फार्मा
गेनुएल्स                             फार्मा

(सोर्स: एमके ग्लोबल)

इन 4 सेक्टर पर ज्यादा असर

रिपोर्ट के अनुसार घरेलू फार्मा इंडस्ट्री दवाओं की मैन्युफैक्चरिंग के लिए चीन से आयात होने वाले इनग्रेडिएंट्स पर निर्भर है. कोरोना वायरस आउटब्रेक के चलते चीन में बनने वाले फॉर्म्युलेशन के प्लांट ठप पड़े हैं. इस वजह से घरेलू फार्मा इंडस्ट्री की लागत बढ़ गई है. इससे फार्मा कंपनियों को शॉर्ट टर्म में नुकसान हो सकता है. ब्रोकरेज हाउस के अनुसार कोरोना वायरस के चलते चाइना प्राइवेट व्हीकल सेल्स सालाना आधार पर 20 फीसदी घटा है. आगे भी इसके चलते इसमें कमजोरी बने रहने की आशंका है. डीलरशिप स्टोर पर लगातार फुटफाल कम हुआ है. ओरिजनल इम्यूपमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने प्रोडक्शन बंद कर दिया है. इससे सप्लाई चेन बुरी तरह से बाधित हुआ है. इससे टाटा मोटर्स और मदरसन सूमी को ज्यादा नुकसान हो सकता है.

चीन मेटल का सबसे बड़ा कंजरूूमर देश है. लेकिन इन दिनों वहां मांग घटने की वजह से मेटल कंपनियों के एक्सपोर्ट पर असर होगा. एग्रो केमिकल सेक्टर में डोमेस्टिक फॉर्म्युलेशन कंपनियों को ज्यादा नुकसान की आशंका है. वहीं, जरूरी कंपोनेंट सप्लाई चेन बाधित होने से कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों को भी नुकसान होगा.

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