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कोरोना ने पॉज करवाया SIP! लॉर्ज और मल्टीकैप से दूर भागे निवेशक, इक्विटी फंड में निवेश 95% घटा

बहुत से म्यूचुअल फंड निवेशकों को अपना सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी को रोकनी पड़ गई है या बंद करनी पड़ी है.

Published: July 9, 2020 2:30 PM
corona impact on mutual fund SIP, mutual fund, SIP flow below 8000 crore rs in june 2020, equity fund inflow down 95%, multicap, largecap seen outflow, debt fund, liquid fund worst hit, AMFIबहुत से म्यूचुअल फंड निवेशकों को अपना सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी को रोकनी पड़ गई है या बंद करनी पड़ी है.

कोरोना वायरस का असर छोटे निवेशकों की जेब पर भी जमकर देखने को मिल रहा है. इस महामारी के चलते लोगों की आय घटी है या नियमित आय बाधित हुई है. इसका नतीजा यह है कि बहुत से म्यूचुअल फंड निवेशकों को अपना सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी को रोकनी पड़ गई है या बंद करनी पड़ी है. जून 2020 में एसआईपी के जरिये निवेश 8000 करोड़ रुपये के स्तर के नीचे चला गया और यह 7,927 करोड़ रुपये रहा है. म्यूचुअल फंड कंपनियों के संगठन एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया यानी एम्फी ने इस बात की जानकारी दी है.

SIP पॉज करना बनी वजह!

एंफी के अनुसार कोविड 19 के चलते लोगों की आय प्रभावित हुई है. जिससे बहुत से म्यूचुअल फंड हाउसों ने निवेशकों को सिप को रोकने (पॉज) की सलाह दी थी. अंदाजा है कि इसके बाद बहुत से लोगों ने एसआईपी रोकने की बजाए उसे पॉज कर दिया है. यही कारण है कि एसआईपी के आंकड़ों में कमी आई है. एंफी के अनुसार अगले 2 से 3 महीनों में हालात फिर सामान्य हो सकते हैं.

इक्विटी फंडों में SIP इनफ्लो 95% घटा

एम्फी के अनुसार जून में इक्विटी फंडों में कुल एसआईपी का इनफ्लो 95 फीसदी घटकर 241 करोड़ रुपये रहा. जबकि मई में यह 5,257 करोड़ रुपये था. निवेशकों ने इस दौरान मल्टी कैप फंड से 777.60 करोड़ रुपए की निकासी की है। जबकि लॉर्ज कैप से 212 करोड़ रुपए की निकासी की है.

ELSS में बढ़ा निवेश

आंकड़ों के मुताबिक ईएलएसएस कटेगरी में अच्छा एयूएम दिखा है. इस दौरान टैक्स फंड ईएलएसएस में शुद्ध रूप से 587 करोड़ रुपये का निवेश किया गया. सरकार ने 80सी में टैक्स छूट का दायरा 31 जुलाई तक बढ़ा दिया था. इस वजह से ईएलएसएस फंडों में निवेश बढ़ा.

हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों द्वारा म्यूचुअल फंड के निवेश में कमी नहीं आई है. म्यूचुअल फंड ने जून में 4,910 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं, जबकि मई में 11,356 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे थे.

लिक्विड फंड पर सबसे बुरा असर

फ्रैंकलिन टेम्पलनटन द्वारा छह डेट स्कीमों को बंद करने के फैसले की वजह से घबराकर कई निवेशकों ने डेट सेगमेंट से दूरी बनाई है. लिक्विड फंडों के एयूएम में 44,226 करोड़ रुपये की गिरावट आई. इंडस्ट्री के जानकारी के अनुसार, कंपनियों में टैक्स चुकाने के लिए पैसा निकाला है.

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