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कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर लॉकडाउन की मार, 10% घट सकती है चौथी तिमाही की कमाई: रिपोर्ट

कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन से देश का कंस्ट्रक्शन सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.

March 24, 2020 5:39 PM
construction companies, construction sector, COVID-19 impact on construction sector, construction sector may face big revenue loss as lockdown, COVID-19 in Indiaकोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन से देश का कंस्ट्रक्शन सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.

कोरोना वायरस के चलते देश के अधिकांश हिस्सों में लॉकडाउन जैसी स्थिति है. फिलहाल अभी 31 मार्च तक अलग अलग राज्यों में लॉकडाउन है, लेकिन इसके आगे बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है. फिलहाल इस स्थिति का असर कई सेक्टर पर देखा जा रहा है. इससे देश का कंस्ट्रक्शन सेक्टर भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. इंडिया रेटिंग्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अगर लारॅकडाउन जैसी स्थिति एक महीने जारी रही तो कंस्ट्रक्शन कंपनियों की चौथी तिमाही के नतीजे बुरी तरह से प्रभावित होंगे.

8 से 10 फीसदी घटेगा रेवेन्यू

इंडिया रेटिंग्स के अनुसार एक महीने तक लॉकडाउन की स्थिति से कंस्ट्रक्शन कंपनियों के तिमाही रेवेन्यू में 8 से 10 फीसदी तक की कमी आ सकती है. कंस्ट्रक्शन कंपनियों का 30 से 35 फीसदी रेवन्यू फिस्कल ईयर की अंतिम तिमाही में ही आतजता है. ऐसे में इनके रेवेन्यू पर कोरोना वायरस की वजह से होने वाले लॉकडाउन का बड़ा असर पड़ रहा है.

बड़े शहरों में कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी ठप

रिपोर्ट के अनुसार राजधानी दिल्ली, मुंबई, पुणे और बंगलुरू सहित कई बड़े शहरों में मार्च महीने में कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी कमजोर हुई है. यह अप्रैल में भी जारी रहने की आशंका है. क्योंकि जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, उससे लॉकडाउन आगे भी बढ़ाया जा सकता है. इस वजह से कंस्ट्रक्शन कंपनियों के कारोबार पर बड़ा असर देखा जा रहा है.

एजेंसी ने कहा कि ऐसे शहरों में चल रहे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य सबसे अधिक प्रभावित होने की संभावना है, क्योंकि वे प्रकोप का केंद्र बन रहे हैं. इसके अलावा, ओवरहेड्स और फाइनेंस चार्ज के रूप में जारी खर्च भी कंस्ट्रक्शन कंपनियों के मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं.

कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी के बाद लॉकडाउन

शापूरजी पालोनजी के एक अधिकृत प्रतिनिधि ग्रुप ने न्यूज एजेंसी को बताया कि अभी कई बड़ी और स्थापित कंस्ट्रक्शन कंपनियां अभी कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी की प्रक्रिया से गुजर रही हैं. ऐसे में कोरोना संकट गंभीर रूप से इन कंपनियों के रेवेन्यू को प्रभावित करेगा और लगभग सभी को आने वाले महीनों में भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने बताया कि मुंबई और शेष महाराष्ट्र में सभी साइट गतिविधियां पीस रही हैं क्योंकि सामग्री की आपूर्ति बंद हो गई हैं. वहीं सब कांट्रैक्टर निर्माण गतिविधियों के लिए संसाधनों की व्यवस्था करने में असमर्थ हैं.

आवासीय इकाइयां भी फंसी

एनरॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट के रिसर्च हेड प्रशांत ठाकुर के अनुसार, लगभग 15.62 लाख आवासीय इकाइयां हैं जो देश भर में निर्माणाधीन हैं. इनमें से लगभग 57 फीसदी या लगभग 8.90 लाख इकाइयां अकेले मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन और नेशनल कैपिटल रीजन में हैं. कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी लगभग एक ठहराव की स्थिति में है.

एलएंडटी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, कॉरपोरेट HR योगी श्रीराम ने कहा कि कंपनी ने कुछ खास स्थिति को छोड़कर मुंबई में अपने सभी प्रतिष्ठानों पर परिचालन बंद करने का फैसला किया है. यह तत्काल प्रभाव से लागू है और 31 मार्च को समीक्षा की जाएगी.

 

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