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  1. कमजोर मानसून से चढ़ सकते हैं कमोडिटीज के भाव, 10% तक मिनिमम उछाल का अनुमान

कमजोर मानसून से चढ़ सकते हैं कमोडिटीज के भाव, 10% तक मिनिमम उछाल का अनुमान

अलनीनो के प्रभाव से फसलों के भाव 8-10 फीसदी तक बढ़ सकते हैं.

May 25, 2019 9:27 AM
COMMODITY PRICES, ajay kedia, commodity, kedia commodity, global trade war, trade war, commodity prices, weather effect on commodity prices, el nino effect on commodity prices, cottonइस साल मानसून के कमजोर होने का अनुमान लगाया गया है.

इस साल मानसून के कमजोर होने का अनुमान लगाया गया है. स्काईमेट का अनुमान है कि इस साल अलनीनो का प्रभाव दिख सकता है, इसके कारण फसलों के भाव कम से कम 8-10 फीसदी तक बढ़ सकते हैं. कॉटन, जीरा, सोयाबीन जैसे फसलों की आवक पहले ही कम हो चुकी है और अब मानसून खराब होने पर इनके भाव बढ़ने तय है. इस समय भी अधिकतर कमोडिटीज के भाव में उछाल देखा जा रहा है. इसकी मुख्य वजह वैश्निक स्तर पर ट्रेड वार की आशंका है. कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चीन के सामानों पर टैरिफ लगाकर एक बार फिर टैरिफ वार शुरू कर दिया है जिसका असर कमोडिटीज पर देखा जा रहा है.

10% तक बढ़ सकते हैं भाव

केडिया कमोडिटी के निदेशक अजय केडिया के मुताबिक अगर इस बार मानसून कमजोर रहता है तो कई फसलें प्रभावित होंगी और उनके भाव 10 फीसदी तक बढ़ सकते हैं. अजय केडिया के मुताबिक कमजोर मानसून से महाराष्ट्र में सोयाबीन, कॉटन, गन्ना; गुजरात में बाजरा, ज्वार, गेहूं, धान, मकई, मूंगफली, गन्ना, जीरा, इसबगोल, प्याज; कर्नाटक में चावल, रागी, ज्वारस मक्का, दाल, कपास, रबर; तमिलनाडु में नारियल, गन्ना, कपास, राई, मूंगफली, रबर; आंध्र प्रदेश में कपास, बागवानी फसलें, आम और तेलंगाना में चावल, कपास, गन्ना, आम, तंबाकू की फसलें प्रभावित होंगी. मेंथा ऑयल इस समय 1448, कॉटन 21210, चना 4696, जीरा 17665, धनिया 7610, जौ 1845 और गेहूं 1995 के भाव पर ट्रेड कर रहा है.

मौसम विभाग के मुताबिक कम रह सकता है मानसून

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुमान के मुताबिक इस साल मानसून छह जून को केरल के तट पर पहुंचेगा. आईएमडी ने कहा कि सामान्य तौर पर दक्षिण पश्चिम मानसून एक जून को भारत की मुख्य भूमि में प्रवेश करता है पर इस बार यह पांच दिन की देरी से पहुंचेगा. निजी एजेंसी स्काईमेट ने कहा था कि मानसून चार जून को केरल आएगा और इसमें दो दिन का हेरफेर हो सकता है. स्काईमेट के अनुसार, इस साल देश के सभी चारों क्षेत्रों में मानसून सामान्य से कम रह सकता है.

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