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Noida Circle Rate: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सर्कल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव का भारी विरोध; मकान खरीदने वालों ने कहा, अपने घर का सपना न तोड़े सरकार

प्रॉपर्टी डेवलपर, रियल एस्टेट कंपनियों से लेकर प्रॉपर्टी खरीदार तक, सभी सर्किल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं. इससे गौतमबुद्धनगर में प्रॉपर्टी का रजिस्ट्री खर्च 88 फीसदी तक बढ़ सकता है.

Updated: Aug 06, 2021 5:38 PM
गौैतमबुद्ध नगर में सर्किल रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की कीमतें काफी बढ़ जाएंगीं

Proposal To Increase Circle Rate in Noida : यूपी के गौतमबुद्धनगर जिले में सर्कल रेट बढ़ाने और प्रॉपर्टी के वर्गीकरण में बदलाव की तैयारियों से नोएडा, ग्रेटर नोएडा (Noida-Gr. Noida) समेत पूरे इलाके में खलबली मची हुई है. रियल एस्टेट इंडस्ट्री से लेकर घर खरीदने वाले ग्राहकों तक, सभी को डर है कि नए प्रस्ताव को लागू किए जाने पर प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन (Property Registration) काफी महंगा हो जाएगा. इससे एनसीआर में पहले ही सुस्त पड़े प्रॉपर्टी मार्केट की हालत और खस्ता हो जाएगी. लोगों का आरोप है कि अगर नोएडा में नए प्रस्ताव के तहत कई सेक्टर्स की कैटेगरी बदली गई और साथ ही सर्कल रेट पर मेट्रो कनेक्टिविटी या सड़क से नजदीकी के आधार पर सरचार्ज लगाए गए तो मकान और जमीन की रजिस्ट्री का खर्च 88 फीसदी तक बढ़ सकता है.

रेट बढ़ाने के प्रस्ताव का चौतरफा विरोध

गौतम बुद्ध नगर में प्रपर्टी रजिस्ट्रेशन का खर्च बढ़ाने के लिए लाए गए जिला प्रशासन के ड्राफ्ट का चौतरफा विरोध हो रहा है. डेवलपर, रियल एस्टेट कंपनियों से लेकर प्रॉपर्टी खरीदार, सभी इसका विरोध कर रहे हैं. गौतमबुद्ध जिला प्रशासन ने अपने प्रस्ताव का जो ड्राफ्ट जारी किया है उसके मुताबिक नोएडा में मेट्रो रूट से सटे 35, एक्सप्रेसवे से सटे 30 और मेट्रो और एक्सप्रेसवे (Noida Expressway) से सटे नौ सेक्टरों में सर्किल रेट 12.5 फीसदी महंगा हो जाएगा. इसके साथ ही कम से कम 20 सेक्टरों की कैटेगरी बदली गई है. इस वजह से इन सेक्टरों में सर्किल रेट 25 से 88 फीसदी तक बढ़ जाएगा.

प्रॉपर्टी बिजनेस से जुड़ी कंपनियों, डेवलपर्स और प्रॉपर्टी खरीदारों का कहना है कोरोना संकट के इस दौर में बड़ी तादाद में लोगों की नौकरियां गई हैं और उनकी आय कम हुई है. ऐसे में राज्य सरकार की तरफ से इस तरह का कदम उठाया जाना कहीं से भी सही नहीं है. अगर सर्किल रेट बढ़े तो प्रॉपर्टी खरीदना और भी मुश्किल हो जाएगा. नए रेट का लागू होना जिले में प्रॉपर्टी मार्केट के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होगा.

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‘अपने घर का सपना टूटने का खतरा’

हाउसिंग सोसाइटी के पदाधिकारी और उनके निवासी भी सर्किल रेट में प्रस्तावित बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं. होम बायर्स एसोसिएशन NEFOWA की महासचिव श्वेता भारती के मुताबिक रियल स्टेट मार्केट पहले से डूबा हुआ है, उसमें जिला प्रशासन का सर्किल रेट बढ़ाने का फैसला कहीं से भी सही नहीं है. कोरोना और महंगाई की दोहरी मार झेल रहे शहरवासियों को जहां वितीय राहत दी जानी चाहिए. सर्किल रेट बढ़ने से उनपर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ेगा. शहर में कई ऐसे हाउसिंग प्रोजेक्ट है, जिनमें बिल्डर समय से पजेशन नहीं दे रहा है, ऐसे में घर खरीदारों को कब उनका घर मिलेगा ये पता नहीं, लेकिन सर्किल रेट बढ़ने से उनकी मुश्किल जरूर बढ़ जाएगी.

नोएडा के अंतरिक्ष गोल्फ-व्यू -2 के निवासी रंजन सामंतराय का कहना है कि आर्थिक सुस्ती के इस दौर में नोएडा के सेक्टर 70-78 में प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री की वास्तविक दरें भी सर्किल रेट की प्रस्तावित बढ़ी हुई दरों से काफी कम हैं. ऐसे में अगर सर्किल रेट को बढ़ाया गया तो यह न सिर्फ अस्वाभाविक रूप से ऊंचे स्तर पर पहुंच जाएगा, बल्कि ऐसा करना वास्तविकता से परे, अतार्किक और अपना घर खरीदने का सपना देखने वाले मध्यवर्गीय परिवारों के लिए अन्यायपूर्ण भी होगा.

नोएडा के विंडसर कोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी पबित्र कुमार दास बताते हैं कि उनके ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट एसोटेक विंडसर कोर्ट के फ्लैट बायर्स 11 साल बाद भी अपने फ्लैट का रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पा रहे हैं, क्योंकि बिल्डर को नोएडा अथॉरिटी से ओसी / सीसी प्राप्त नहीं हो रही है. यही हाल शहर के 40,000 से अधिक खरीदारों का है, जो डेवलपर्स को भुगतान करने के बाद भी अपने फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में अगर दरें बढ़ाई जाती हैं तो उन सभी और ज्यादा बोझ पड़ेगा. उनका कहना है कि रेट में बढ़ोतरी की बात तब की जा रही है, जबकि नोएडा के नए बसे सेक्टर्स में पार्क, सीवेज सिस्टम, पीने के लिए गंगा जल की आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं भी मानक के अनुरूप उपलब्ध नहीं हो सकी हैं.

नोएडा सेक्टर 74 की केपटाउन सोसायटी के निवासी नीरज शर्मा के मुताबिक नोएडा अथॉरिटी की सर्कल रेट में बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव हैरान करने वाला है. कोरोना के दौर में बिल्डर से लेकर खरीदार तक अपनी माली हालत को लेकर परेशान हैं. ऐसे में अथॉरिटी का यह प्रस्ताव समझ से परे है. पेट्रोल-डीजल समेत तमाम जरूरी चीजों की बढ़ी कीमतें पहले से ही लोगों को परेशान कर रही हैं. उस पर से सर्कल रेट में बढ़ोतरी का फैसला परेशानी बढ़ाने वाला है.

नोएडा की महागुन मॉडर्न सोसायटी में रहने वाली इंद्राणी मुखर्जी भी नोएडा में सर्कल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव को दुर्भाग्यपूर्ण मानती हैं. उनका कहना है कि अथॉरिटी को सेक्टर्स की कैटेगरी में बदलाव करके रेट में बढ़ोतरी को जायज ठहराने की कोशिश करने की बजाय वाकई में शहर की हालत में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए. वे चाहती हैं कि यह प्रस्ताव फौरन वापस लिया जाए.

‘इंडस्ट्री और अर्थव्यवस्था को भी होगा फैसले से नुकसान’

अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप (Antriksh India Group) के सीएमडी राकेश यादव ने ‘ फाइनेंशियल एक्सप्रेस ऑनलाइन’ से कहा कि कोरोना महामारी के बीच सर्किल रेट बढ़ाने से सस्ते घर का सपना पूरा करना मुश्किल होगा. इस समय घर खरीदार राहत की उम्मीद कर रहे हैं. ऐसे में यह बढ़ोतरी उनको निराश करेगी. सरकारी अधिकारियों को महाराष्ट्र जैसे राज्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए थी, जहां स्टैम्प ड्यूटी में कटौती के बाद प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में 270 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. सरकार को मौजूदा स्थिति में ऐसे उपाय करने चाहिए जिससे घर खरीदने वालों को बढ़ावा मिले. इससे सर्कल दर बढ़ाए बिना ही उसका रेवेन्यू बढ़ेगा.

उन्होंने कहा कि सर्किल रेट बढ़ने से संपत्ति की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी. लोगों को स्टैम्प शुल्क के रूप में अधिक रकम खर्च करनी होगी. इससे घर खरीदने की लागत बढ़ जाएगी. घरों की मांग में कमी आ सकती है जो प्रॉपर्टी बाजार के सेंटिमेंट को प्रभावित करेगा. प्रॉपर्टी बाजार में दबाव अर्थव्यवस्था में सुधार की रफ्तार को भी धीमा करने का काम करेगा.यह सेक्टर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का काम करता है. लिहाजा ऐसे कदमों से रोजगार में कमी आएगी.

सर्किल रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर ANAROCK Property Consultants के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) से सटे इलाके में 40 फीसदी तक सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी हो रही है. साथ ही मेट्रो रूट और एक्सप्रेस-वे से सटे इलाके में 5 से 12.5 फीसदी सरचार्ज भी लगेगा. यह फैसला गलत वक्त में लिया जा रहा है. एनसीआर के रियल एस्टेट मार्केट (Real Estate) ने अभी दो-दो लॉकडाउन से उबरना शुरू ही किया था. ऐसे में सर्कल रेट की मार काफी भारी पड़ेगी. लोगों की कमाई पर कोरोना की गहरी मार पड़ी है. अगर प्रॉपर्टी मार्केट में रफ्तार लानी है तो सर्कल रेट की दरें कम रखनी पड़ेंगीं.

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