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5G टेक्नोलॉजी पर चीन ने भारत से मांगा बराबरी का हक

टेलिकॉम विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि एक समिति के गठन की प्रक्रिया चल रही है जो यह तय करेगी कि किन क्षेत्रों में 5G टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है.

September 19, 2018 7:02 PM
5g in india, 5g technology in india, 5g technology kya hai, 5g technology in hindi, telecom news in hindi, business news in hindiटेलिकॉम विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि एक समिति के गठन की प्रक्रिया चल रही है जो यह तय करेगी कि किन क्षेत्रों में 5G टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है. (IE)

चीन ने बुधवार को उम्मीद जतायी कि भारत चीनी कंपनियों को समान अवसर के साथ-साथ पारदर्शी और निष्पक्ष माहौल उपलब्ध कराएगा. चीन ने भारत में 5G का प्रैक्टिकल टेस्टिंग करने वाली कंपनियों की सूची में चीनी कंपनियों हुवावेई और जीटीई को शामिल नहीं किए जाने की खबरों के संदर्भ में यह कहा है.

चीन के सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ में रविवार को प्रकाशित एक खबर में कहा गया है कि भारत के टेलिकॉम विभाग ने चीन की हुवावेई और जेटीई कॉर्प को ‘सुरक्षा’ कारणों से स्थानीय कंपनियों के साथ मिलकर 5G टेक्नोलॉजी में काम करने की अनुमति नहीं दी है. इसमें कहा गया है कि अमेरिका और आॅस्ट्रेलिया द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इन कंपनियों को प्रतिबंधित किए जाने के बाद भारत ने यह कदम उठाया है.

हालांकि, टेलिकॉम विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि एक समिति के गठन की प्रक्रिया चल रही है जो यह तय करेगी कि किन क्षेत्रों में 5G टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है.

टेलिकॉम सचिव अरुणा सुंदरराजन ने 14 सितंबर को ‘पीटीआई’ को बताया कि ‘कंपनियों ने शुरुआती इस्तेमाल के बारे में बताया है. हम एक कोर समूह का गठन करने वाले हैं, जो उनके साथ बैठकर यह तय करेगी कि हम किन क्षेत्रों में इसका तार्किक इस्तेमाल कर सकते हैं.’ सुंदरराजन ने कहा कि टेलिकॉम विभाग ने स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एमेरिट्स आरोग्यस्वामी जे पॉलराज के सुझाव पर 5G ऐपलिकेशन के विकास और प्रायोगिक परीक्षण के लिए एरिक्सन, नोकिया, सैमसंग, सिस्को और एनईसी से संपर्क किया है.

पॉलराज उस 5G समिति में शामिल हैं, जिसने इस टेक्नोलॉजी के स्पेक्ट्रम की रूपरेखा के बारे में हाल में सुझाव दिया था. बीजिंग में मीडिया में चल रही खबरों पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, ‘‘मुझे इस संबंध में जानकारी मिली है. चीन सरकार विदेशों में कारोबार करनी वाली चीनी कंपनियों को दूसरे देशों में आर्थिक सहयोग करते समय अंतरराष्ट्रीय कानूनों और स्थानीय कानूनों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करती रही है.’’ उन्होंने 5G टेस्टिंग करने वाली कंपनियों की सूची में हुवावेई और जेटीई को शामिल नहीं किए जाने के कदम के बारे में कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि संबंधित देश चीनी कंपनियों को समान अवसर एवं पारदर्शी तथा निष्पक्ष माहौल उपलब्ध कराएगा.’’

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