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दो महीने में कैस्टर ने दिया 8% का मुनाफा, चीन की एग्रेसिव खरीद से बुलिश ट्रेंड

कैस्टर वायदा कारोबार ने पिछले दो महीने में 8 फीसदी का मुनाफा दिया है.

October 31, 2020 8:42 AM
castor seed commodty bullish trend on ncdex china aggresive buying played roleभारत सबसे बड़ा कैस्टर उत्पादक है.

Castor Seed: कैस्टर (अरंडी) कमोडिटी में कारोबार के जरिए निवेशकों को मुनाफा कमाने का बेहतर मौका है. NCDEX पर कैस्टर इस समय 4470 रुपयेके आसपास भाव पर ट्रेड कर रहा है. पिछले दो महीनों में इसने निवेशकों को कमाने का अवसर दिया है. अगस्त में यह 4100 के भाव पर था. पिछले दो महीनों व 8 फीसदी बढ़े हैं और पिछले एक हफ्ते की बात करें तो महज एक हफ्ते में ही इसके भाव 5.5 फीसदी तक बढ़े हैं. इस तरह कैस्टर वायदा कारोबार ने पिछले दो महीने में 8 फीसदी का मुनाफा दिया है.

बुवाई एरिया कम होने के कारण आ रही तेजी

कैस्टर के भाव में पिछले दो महीने में तेजी की सबसे बड़ी वजह इसकी मांग है. कोरोना महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन के हटने के बाद इसकी मांग तेजी से बढ़ी है. इस वजह से इसके भाव में उछाल आया है. केडिया एडवायजरी के निदेशक अजय केडिया के मुताबिक कैस्टर के वायदा भाव में तेजी आने की एक वजह यह भी है कि इस बार इसकी बुवाई कम हुई है जिसके कारण अगली क्रॉप कम होगी. पिछले साल कैस्टर का भाव लगभग क्रैश हो गया था और यह 3400-3500 रुपये तक चला गया था. इस वजह से इसके बुवाई क्षेत्र में गिरावट हुई क्योंकि किसानों ने दूसरी फसलों की तरफ शिफ्ट किया.

चीन की एग्रेसिव खरीदारी से बुलिश सेंटिमेंट

इस समय चीन कमोडिटी रिजर्व बढ़ा रहा है. इसे लेकर चीन ने कैस्टर सीड खरीद को लेकर एग्रेसिव रणनीति अपनाई है. चीन की इस एग्रेसिव खरीदारी को देखते हुए सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (SEA) ने वाणिज्य और औद्योगिक मंत्रालय को पत्र लिखकर इस पर रणनीति बनाने का आग्रह किया है. चीन की इस एग्रेसिव रणनीति के कारण निवेशकों का रुझान बुलिश हो सकता है. एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (एनर्जी एवं करेंसी) अनुज गुप्ता का मानना है कि इस साल के अंत तक यह 4800-5000 रुपये तक का भी लेवल दिखा सकता है.

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हाजिर मार्केट में अभी राहत

कैस्टर के हाजिर भाव की बात करें तो इसमें भी 250-300 रुपये का उछाल आया है. पालमपुर के एक कारोबारी राकेश धारीवाल ने बताया कि इस समय इसका हाजिर भाव 4500 है और जिस तरह से इसकी आवक है, उसे देखते हुए अगले 15-20 दिनों में इसके भाव 100-150 रुपये तक गिर सकते हैं. सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (SEA) की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 2019-20 में 19.6 लाख टन कैस्टर बाजार में आ सकता है जो पिछली बार 2018-19 में 10.8 लाख टन की तुलना में बहुत अधिक है.

भारत सबसे बड़ा कैस्टर उत्पादक

भारत में सबसे अधिक कैस्टर का उत्पादन होता है और दुनिया भर की जरूरत का 85-90 फीसदी कैस्टर ऑयल और उसके उत्पादों की आपूर्ति करता है. भारत में इसकी सबसे अधिक खेती गुजरात में होती है. गुजरात के अलावा इसकी खेती राजस्थान, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बड़े पैमाने पर होती है. कैस्टर ऑयल का उपयोग बॉयो-प्लास्टिक बॉयो लुब्रीकेन्ट्स, ऑर्गेनिक पर्सनल केयर उत्पाद, पेंट्स और कोटिंग, और ऑटोमोबाइल और दवा बनाने में होता है.

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