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कोरोना संकट पर ट्रेडर्स- लॉकडाउन के दायरे में आए ई-कॉमर्स, 30 जून की जाए रिटर्न भरने के लिए समयसीमा

कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने कोरोना वायरस के सामुदायिक संक्रमण से निपटने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा उठाये गए विभिन्न कदमों का पुरजोर समर्थन किया है.

March 23, 2020 5:20 PM

CAIT URGE GOVERNMENT TO RESTRICT E COMMERCE COMPANIES TO SELL ONLY ESSENTIAL GOODS, CAIT URGE FM Nirmala SITHARAMAN TO ANNOUNCE DEFERMENT OF DATES UNDER INCOME TAX & GST due to corona virus

कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में किए गए पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन और देश में कोरोना वायरस (Coronaviurs, COVID-19) के सामुदायिक संक्रमण से निपटने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा उठाये गए विभिन्न कदमों का पुरजोर समर्थन किया है. कैट ने कहा है कि कोरोना से निपटने के लिए ये सभी कदम बेहद आवश्यक हैं और दिल्ली सहित देश के व्यापारी इसका पूर्ण रूप से पालन करेंगे.

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से आग्रह किया है कि देश के घरेलू व्यापार पर कोरोना वायरस के प्रभाव का आकलन किया जाए और पूर्ण लॉकडाउन, आंशिक लॉकडाउन और अन्य कदमों के मद्देनजर वर्तमान वित्तीय वर्ष को 30 जून तक बढ़ाया जाए. आयकर और जीएसटी के तहत सभी रिटर्न दाखिल करने और करों का भुगतान भी 30 जून तक के लिए बढ़ाया जाए. विस्तारित अवधि के लिए व्यापारियों पर कोई ब्याज या जुर्माना नहीं लगाया जाना चाहिए.

बैंक ऋण और EMI 30 जून तक किए जाएं स्थगित

उन्होंने यह भी कहा कि बैंक ऋण और ईएमआई का भुगतान भी 30 जून तक के लिए स्थगित कर दिया जाना चाहिए और विस्तारित अवधि के लिए कोई ब्याज नहीं लिया जाना चाहिए. रिजर्व बैंक को व्यापारियों को एक मौद्रिक प्रोत्साहन प्रदान करना चाहिए. वहीं केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों और माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशंस को मजबूत करने के माध्यम से राजकोषीय प्रोत्साहन और बैंक ऋण का पुनर्पूंजीकरण करना चाहिए.

ई-कॉमर्स पर केवल जरूरी सामान बेचने का दिया जाए निर्देश

कैट ने वर्तमान विकट परिस्थितियों में ई-कॉमर्स कंपनियों के बिजनेस व्यवहार पर गहरी नाराजगी भी व्य​क्त की है. कैट ने कहा कि ऐसे समय में जब लॉकडाउन के कारण कई राज्यों में व्यापारिक बाजार बंद हैं, वहीं ई-कॉमर्स कंपनियां सभी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों के लिए स्वतंत्र हैं, जो बराबरी के सिद्धांत का खुला उल्लंघन है.

इस मुद्दे पर कैट ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान से आग्रह किया है कि केवल आवश्यक वस्तुओं जिनको ऑफलाइन व्यापार में अनुमति है, में ही ई कॉमर्स कंपनियों को व्यापार करने की अनुमति दें. बाकी अन्य सामानों के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने पोर्टल बंद करने के लिए निर्देशित करें. संकट के इस समय इन कंपनियों को व्यापारियों के मुकाबले ज्यादा अनुमति देना कतई उचित नहीं है.

व्यापारियों, लघु उद्योगों को मिले कम ब्याज पर कर्ज

भरतिया और खंडेलवाल ने यह भी कहा कि सरकार को देश में निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने के लिए, घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों और लघु उद्योगों को कम ब्याज दर पर एक अल्पकालिक नकद ऋण देना चाहिए. नकद मुद्रा वायरस के घातक वाहक में से एक है और इस दृष्टि से डिजिटल भुगतान को अपनाने और स्वीकार करने के लिए एक विशेष राष्ट्रीय अभियान शुरू किया जाना चाहिए और डिजिटल लेनदेन पर लगाए गए बैंक शुल्क को या तो माफ किया जाए या इसके बदले बैंकों से सब्सिडी मिले.

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