मुख्य समाचार:

व्यापारियों का MNCs और घरेलू कंपनियों पर ई-कॉमर्स से मिली भगत का आरोप, उत्पादों के बहिष्कार की दी धमकी

CAIT का कहना है कि बहुराष्ट्रीय और घरेलू कॉर्पोरेट कंपनियां भी अमेजन और फ्लिपकार्ट द्वारा लागत से भी कम मूल्य और गहरी छूट के खेल में शामिल हैं.

November 15, 2019 1:42 AM

 

CAIT alleged that MNCs and domestic Corporate Companies are with e commerce companies like Amazon & Flipkart in game of predatory pricing and deep discounting 

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) का कहना है कि बहुराष्ट्रीय और घरेलू कॉर्पोरेट कंपनियां भी अमेजन और फ्लिपकार्ट द्वारा लागत से भी कम मूल्य और गहरी छूट के खेल में शामिल हैं. कैट ने बहुराष्ट्रीय और घरेलू कंपनियों के कड़ी निंदा करते हुए उन्हें चेतावनी दी है कि या तो वे इस अनुचित व्यापार प्रणालियों को तुरंत बंद कर दें, नहीं तो कैट देशभर के व्यापारियों को उनके उत्पादों के बहिष्कार करने का आवाहन करेगा.

बता दें कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर दिग्गज ब्रांड्स के मोबाइल, एफएमसीजी सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली के उपकरण स्पार्ट्स और फिटनेस सेंटर्स जैसी कई वस्तुएं उपलब्ध हैं. कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि कॉर्पोरेट खुदरा और एमएनसी कंपनियों की दोहरी मूल्य निर्धारण और छूट नीति के कारण देश भर में छोटे व्यापारी बुरी तरह प्रभावित हैं. ये कंपनियां ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने उत्पादों पर भारी छूट दे रही हैं और अपने खुद के डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स के लिए ऊंचे दाम रखते हुए उनके कारोबार को तबाह कर रही हैं.

ई-कॉमर्स को अलग से प्रॉडक्ट की भी कर रहीं पेशकश

उन्होंने यह भी कहा कि ये कंपनियां ई-कॉमर्स कंपनियों को कई विशेष उत्पाद भी दे रही हैं और उन उत्पादों को ऑफलाइन बाजार में नहीं दिया जाता है. यह निष्पक्ष बाजार प्रणालियों का एक गंभीर उल्लंघन है. इन कंपनियों की इन प्रणालियों से सरकार को राजस्व में नुकसान हो रहा है क्योंकि ये कम्पनियां ई-कॉमर्स कंपनियों को वास्तविक कीमत से काफी कम कीमत पर सामानों की बिक्री कर रही हैं. इस पर ये कम्पनियां जीएसटी वसूलती हैं, जिससे सरकार को राजस्व का काफी नुकसान होता है.

कंपनियों से मांगा था स्पष्टीकरण

भरतिया और खंडेलवाल ने कहा कि अक्टूबर के महीने में कैट ने 200 से अधिक अग्रणी ब्रांड कंपनियों को एक पत्र भेजकर यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या वे दोहरी कीमत में लिप्त हैं. अब तक इन कंपनियों में से एक भी कंपनी ने जवाब नहीं दिया है और हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि ये कंपनियां वास्तव में दोहरी कीमतों में लिप्त हैं और ई-कॉमर्स कंपनियों की मदद करने एक अपराधी बन जाती हैं.

नहीं माने तो जाएंगे प्रतिस्पर्धा आयोग

भरतिया और खंडेलवाल दोनों ने इन कंपनियों को कड़ी चेतावनी दी कि यदि वे ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ काम करने में अपनी अनैतिक व्यावसायिक प्रथाओं को नहीं रोकते हैं, तो कैट देश भर में व्यापारियों को उनके उत्पादों का बहिष्कार का आवाहन करेगा. साथ ही भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग में शिकायत और कानून की अदालत में भी जाने में कोई संकोच नहीं करेगा.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. कारोबार बाजार
  3. व्यापारियों का MNCs और घरेलू कंपनियों पर ई-कॉमर्स से मिली भगत का आरोप, उत्पादों के बहिष्कार की दी धमकी

Go to Top