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महंगी होगी बैंकिंग सेवाएं, इन 5 सर्विस पर लगेगी GST

जीएसटी मुफ्त बैंकिंग सेवाओं जैसे एटीएम निकासी या चेक बुक जारी करने पर लगाया नहीं जाएगा. हालांकि, एनआरआई द्वारा बीमा पॉलिसी खरीदने और क्रेडिट कार्ड के बकाया बिलों पर देर से भुगतान शुल्क जैसे लेनदेन जीएसटी लगाए जाएंगे.

June 11, 2018 5:33 PM
gst on banking services, gst on banking services in india, what is gst in banking, gst implications on banking, impact of gst on banking and financial services, gst rate on banking sector, gst on banking services in indiaसरकार ने अपनी अधिसूचना से यह स्पष्ट कर दिया है कि वह बैंकों द्वारा मुहैया की कराई जा रही मुफ़्त सेवाओं पर किसी भी तरह का जीएसटी नहीं लेगी. (REUTERS)

सरकार ने अपनी अधिसूचना से यह स्पष्ट कर दिया है कि वह बैंकों द्वारा मुहैया की कराई जा रही मुफ़्त सेवाओं पर किसी भी तरह का जीएसटी नहीं लेगी. बीतें कुछ समय से अटकलों का बाज़ार गर्म था कि सरकार अब बैंकों द्वारा मुहैया कराई जा रही मुफ्त सेवाओं पर भी जीएसटी लगाने वाली है. ऐसी अफवाहें तब और ज्यादा बढ़ी जब सरकार ने पूर्व-जीएसटी शासन के तहत ग्राहकों को दी जाने वाली मुफ्त सेवाओं पर सेवा कर के भुगतान के लिए बड़ी संख्या में बैंकों को नोटिस भेजे. हालांकि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड और सीमा शुल्क बोर्ड के अधिकारीयों ने बताया कि बैंक द्वारा मुहैया कराई जा रही मुफ्त सेवाओं की एवज में ग्राहकों से पैसे वसूल रही थी.

जीएसटी मुफ्त बैंकिंग सेवाओं जैसे एटीएम निकासी या चेक बुक जारी करने पर लगाया नहीं जाएगा. हालांकि, एनआरआई द्वारा बीमा पॉलिसी खरीदने और क्रेडिट कार्ड के बकाया बिलों पर देर से भुगतान शुल्क जैसे लेनदेन जीएसटी लगाए जाएंगे. यहां हम 5 ऐसी बैंकिंग और वित्तीय लेन-देन के बारे में आपको बता रहे हैं जिसपर अब जीएसटी लगाया जाएगा:

  • क्रेडिट कार्ड पर देरी से किया गया भुगतान

सीबीआईसी ने स्पष्ट किया है कि अगर आप अपना क्रेडिट का बकाया भुगतान देरी से करेंगे तो आपको जीएसटी शुल्क देना होगा. यहां आपको बता दे कि यदि आपका बैंक क्रेडिट कार्ड पर देरी से किए गए भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगा देता है तो आपको उस अतिरिक्त शुल्क पर भी जीएसटी का भुगतान करना होगा.

  • NRI को जारी की गई जीवन बीमा पॉलिसी

गैर-निवासी भारतीयों (एनआरआई) को जारी की जाने वाली जीवन बीमा पॉलिसियों पर दिए जाने वाले प्रीमियम पर अब जीएसटी लागू होगा. गैर-निवासी भारतीय अपना यह प्रीमियम नॉन रेजिडेंट एक्सटर्नल खाते में प्राप्त करते हैं. भुगतान की गई राशि पर जीएसटी इसीलिए लगाया जा रह है क्योंकि जो भुगतान होता है वह भारतीय रूपये में है न कि परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में.

  • Mutual Fund द्वारा चार्ज किए जाने वाला एग्जिट लोड

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब म्यूच्यूअल फण्ड द्वारा चार्ज किये जाने वाले एग्जिट लोड्स पर भी जीएसटी लागू होगा. यहां बताया गया है कि एग्जिट लोड जो एक शुल्क (निवेश के निश्चित प्रतिशत के रूप में या नहीं) की तरह लिया जाता है वह अब जीएसटी के अंदर ही आएगा. यहां तक ​​कि अगर फंड में एग्जिट लोड यूनिट्स में है तो यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि जो पैसे मिला है वह बाद में नएवी इकाइयों में परिवर्तित कर दिया गया होगा.

  • ऋण भुगतान में डिफ़ॉल्ट

अगर आप अपने ऋण किश्तों के भुगतान में किसी भी तरह की देरी करते हैं तो आप पर लगाया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क जीएसटी के दायरे में आएगा.

  • पुनर्वास संपत्ति की बिक्री

पुनर्वासित संपत्ति की बिक्री आपूर्ति के दायरे में पड़ती है. इसलिए, यह भी जीएसटी के दायरे में आएगी.

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