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गृह फाइनेंस मर्जर डील से बंधन बैंक पर क्या होगा असर, शेयर को लेकर क्या करें निवेशक

लंबी अवधि के लिए बंधन बैंक के लिए गृह फाइनेंस के साथ मर्जर डील बेहतर साबित होगी.

January 9, 2019 9:07 AM
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बंधन बैंक के साथ मर्जर के लिए गृह फाइनेंस (Gruh Finance) के बोर्ड ने मंजूरी दे दी है. ये विलय 1 जनवरी 2019 से लागू होगा. मर्जर डील के बाद मंगलवार को बंधन बेंक के शेयर में 4 फीसदी तक गिरावट देखी गई. जिसके बाद निवेशकों के मन में बंधन बैंक के शेयरों को लेकर भ्रम भी दिख रहा है. हालांकि एक्सपर्ट मानते हैं कि मर्जर के बाद शुरूआती महीनों में बंधन बैंक की अर्निंग पर दबाव दिख सकता है, जिससे शेयर का प्रदर्शन भी प्रभावित हो सकता है. लेकिन लंबी अवधि के लिए बंधन बैंक के लिए यह बेहतर डील साबित होगी. 2 या 3 साल का नजरिया रखने वाले निवेशकों को शेयर पोर्टफोलियो में शामिल करना चाहिए.

बता दें कि गृह फाइनेंस, एचडीएफसी (HDFC) की सहायक कंपनी है. गृह फाइनेंस के शेयर धारकों को 1000 शेयरों पर बंधन बैंक के 568 शेयर मिलेंगे. साथ ही बंधन बैंक के प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 82 फीसदी से घटकर 61 फीसदी होगी. विलय के बाद बंधन बैंक में HDFC की हिस्सेदारी 14.96 फीसदी होगी. अभी गृह फाइनेंस में HDFC की 57.83 फीसदी हिस्सेदारी है.

यस सिक्युरिटीज की रिपोर्ट

#ब्रोकरेज हाउस यस सिक्युरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि लंबी अवधि के लिए यह डील बंधन बैंक के लिए पॉजिटिव रहेगी. हालांकि शुरूआती महीनों में बंधन बैंक पर दबाव दिखेगा. रिपोर्ट के अनुसार गृह फाइनेंस के अभी देशभर में 195 ब्रांच हैं. इनकी वजह से मर्जर के बाद बंधन बैंक के पास पर्याप्त बड़ा बेस हो जाएगा, जिससे आने वाले साल में बंधन बैंक में मजबूत ग्रोथ की संभावनाएं दिख रही हैं. बंधन डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के पास 4100 से ज्यादा आउटलेट हो जाएंगे.

#FY19 के Q2 को बेस लें तो मर्जर के बाद बंधन बैंक का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 50 फीसदी बढ़कर 0.5 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा. वहीं सिक्योर्ड लोन का का शेयर बढ़कर 42 फीसदी होगा और माइक्रो लोन का योगदान घटकर 58 फीसदी हो जाएगा.

#मर्जर के बाद बंधन बैंक के प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 82 फीसदी से घटकर 61 फीसदी होगी. इसकी वजह से रेग्युलेटर द्वारा नई ब्रांच खोलने को लेकर कुछ रिलैक्सेशन मिल सकता है. फिलहाल यस सिक्युरिटीज का कहना है कि नियर टर्म में हर गिरावट पर शेयर खरीदने का मौका बनेगा. लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिल सकता है.

Source: Company, YSL

ICICI डायरेक्ट की रिपोर्ट

#ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने भी अपनी रिपोर्ट में मर्जर डील को बेहतर बताया है. रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2018 में, बंधन बैंक में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 82 फीसदी हो गई थी. जिसके बाद आरबीआई ने नई ब्रांच खोलने के लिए आम मंजूरी की जगह आरबीआई की मंजूरी लेनी जरूरी कर दी. वहीं, एमडी और सीईओ की सैलरी को लेकर भी सख्ती लागू की थी. मर्जर के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घटने से इन दोनों जगह बैंक को छूट मिल सकती है.

#रिपोर्ट के अनुसार मर्जर के बाद बनने वाली एंटिटी की लोन बुक 50036 करोड़ रुपये हो जाएगी. माइक्रो लोन का योगदान 58 फीसदी, रिटेल लोन 28 फीसदी और अदर लोन 14 फीसदी होगा. यह डाटा सितंबर 2018 के आधार पर है. गृह फाइनेंस के लिए प्रीमियम वैल्युएशन का भुगतान करने के चलते नियर टर्म में बंधन बैंक पर दबाव होगा, लेकिन लंबी अवाि के लिए फंडामेंटल मजबूत बनेंगे. आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने शेयर के लिए 575 रुपये का लक्ष्य रखा है. शेयर का करंट प्राइस 477 रुपये है.

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