Inflation rate: पेट्रोल, खाद्य तेल और पेट्रोल ने भड़काई महंगाई की आग, अब पूरे साल रहेगी बेकाबू

रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य तेल और प्रोटीन वाले आइटमों ने मई में खुदरा महंगाई दर को बढ़ा कर 6.3 फीसदी कर दिया है. यह पिछले छह महीने का टॉप लेवल है.

UBS सिक्योरिटीज के मुताबिक 2021-22 में खुदरा महंगाई दर पांच फीसदी से ऊपर रहेगी

Inflation rate in India: देश में महंगाई ( Inflation) का ट्रेंड बढ़ता दिख रहा है. खुदरा महंगाई दर (consumer price index आधारित)  और थोक महंगाई दर दोनों में तेजी है. मई में खुदरा महंगाई दर 6.3 फीसदी को पार कर गई और वहीं थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित थोक महंगाई दर 12.94 फीसदी पर पहुंच गई. स्विस ब्रोकरेज हाउस UBS Securities ने कहा है कि देश में महंगाई में रफ्तार बनी रहेगी और इसकी सालाना औसत दर 5 फीसदी रहेगी.

खाद्य तेल और प्रोटीन आइटमों की वजह से बढ़ी महंगाई

रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य तेल (Edible Oil) और प्रोटीन वाले आइटमों ने मई में खुदरा महंगाई ( Retail Inflation) दर को बढ़ा कर 6.3 फीसदी कर दिया है. यह पिछले छह महीने का टॉप लेवल है. यह आरबीआई दायरे से बाहर है. इसलिए आने वाले दिनों में ब्याज दरों में भी कटौती की उम्मीद नहीं है. यूबीएस सिक्योरिटीज ( UBS Securities) की रिपोर्ट में कहा गया है कि पेट्रोल की कीमतों ने 100 रुपये का लेवल पार कर लिया है. इससे थोक महंगाई दर रिकार्ड 12.94 फीसदी को पार कर गई. क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल के पार कर गया है. वहीं कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से मैन्यूफैक्चर्ड गुड्स के भी दाम बढ़ा दिए हैं.

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आरबीआई के काबू से बाहर रहेगी खुदरा महंगाई

कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स ( CPI) पर आधारित खुदरा महंगाई दर अप्रैल में 4.3 फीसदी थी वहीं मई में यह बढ़ कर 6.3 फीसदी पर पहुंच गई. यह छह महीने का टॉप लेवल है. इस दौरान खाद्य महंगाई दर ( Food Inflation) 1.96 बढ़ कर 5.01 फीसदी हो गई. इससे पहले नवंबर 2020 में खुदरा महंगाई दर 6.93 फीसदी के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी. मई 2020 में थोक महंगाई दर ( Wholesale Inflation) गिर कर -3.37 फीसदी पर पहुंच गई थी लेकिन अप्रैल 2021 में यह बढ़ कर 10.49 फीसदी पर पहुंच गई. यूबीएस का कहना है कि खुदरा महंगाई आरबीआई के मिडियम-टर्म टारगेट 4 फीसदी से ज्यादा रहेगी. वित्त वर्ष 2021-22 में यह औसतन 5 फीसदी रहेगी.

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