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RBI रेट कट से NBFC-रियल्टी और ऑटो सेक्टर रहेंगे विनर्स, इन शेयरों पर रखें नजर

दरों में कटौती से रेट सेंसिटिव सेक्टर्स को फायदा

June 7, 2019 7:42 AM
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RBI रेट कट के बाद अब रेपो रेट 5.75 फीसदी हो गया है जो पिछले 9 साल में सबसे कम है. हालांकि रिजर्व बैंक ने यह माना है कि प्राइवेट इन्वेस्टमेंट और कंजम्पशन में सुस्ती है. साथ ही ग्रोथ और लिक्विडिटी का चैलेंज अभी भी बना हुआ है. इसी वजह से बैंक ने वित्त वर्ष के लिए जीडीपी का अनुमान कम करके 7 फीसदी कर दिया. मॉनेटरी पॉलिसी के एलान से गुरूवार को बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई थी.

एक्सपर्ट का कहना है कि शेयर बाजार को आरबीआई से उम्मीदें ज्यादा थीं. 25 बेसिस प्वॉइंट की कटौती तो पहले से डिस्काउंट थी. 50 या 75 बेसिस प्वॉइंट कटौती की उम्मीद की जा रही थी. इसी वजह से रेट कट के एलान से बाजार में क्विक रिएक्शन दिखा. लेकिन आगे की बात करें तो यह अच्छा मूव है. कर्ज सस्ता होने का फायदा खासतौर से कॉरपोरेट लिक्विडिटी बढ़ाने में दिख सकता है. इससे रियल्टी, NBFC, आटो, बैंकिंग और जिन कंपनियों ने ज्यादा कर्ज लिया है, उन्हें फायदा होगा.

लिक्विडिटी अभी भी बड़ी चुनौती

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के चीफ इकोनॉमिस्ट एंड एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुजाता हाजरा का कहना है कि इफेक्टिव ट्रांसमिशन और पर्याप्त लिक्विडिटी अभी भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं. ग्रोथ भी एक कंसर्न है. सबसे बड़ी चुनौती है कि आरबीआई ने जो लगातार तीसरी बार रेट कट किया है, इफेक्टिव लेंडिंग रेट में उसका ट्रांसमिशन हो पाए. कॉरपोरेट सेक्टर के लिए लिक्विडिटी कंडीशन आज भी टाइट है.

ब्रॉडर मार्केट के लिए पॉजिटिव

एपिक रिसर्च के सीईओ नदीम मुस्तफा का कहना है कि आरबीआई ने अपना रुख न्यूट्रल से अकोमो​डेटिव कर दिया है, यह ब्रॉडर मार्केट के लिए पॉजिटिव कदम है. आरबीआई ने रेट कट करते हुए सुस्त कंजम्पशन और लिक्विडिटी क्राइसिस को दूर करने की चिंता दिखाई है. हालांकि आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि आरबीआई द्वारा रेट कट का फायदा बैंक अपने कस्टमर्स को कितना देते हैं. अगर इफेक्टिव ट्रांसमिशन होता है तो रेट सेंसिटिव सेक्टर्स को इसका फायदा मिलेगा.

ये सेक्टर्स रहेंगे फायदे में

ट्रेडिंग बेल्स के को फाउंडर और सीईओ अमित गुप्ता का कहना है कि वैसे तो बाजार को 50 बेसिस प्वॉइंट की कटौती की उम्मीद थी, लेकिन फिर भी आरबीआई के इस कदम का बाजार आगे पॉजिटिव रिएक्शन देगा. कर्ज सस्ता होने से होमबायर्स को आसानी होगी जिससे यिल एस्टेट मार्केट को फायदा होगा. वहीं ईएमआई सस्ती होने से व्हीकल की डिमांड आ सकती है, जिससे आटोमोबाइल और एनबीएफसी दोनों फायदे में रहेंगे. फिलहाल रेट कट से रियल एस्टेट, NBFC, बैंकिंग और आटो सेक्टर असली विनर्स साबित होंगे. बता दें कि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांता दास ने भी एनबीएफसी में लिक्विडिटी के उपाय करने के लिए जरूरी एक्शन लिए जाने पर जोर दिया है.

इन शेयरों पर रखें नजर

ब्रोकरेज हाउस प्रभुदास लीलाधर ने अशोक लेलैंड में 103 रुपये लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह दी है. वहीं श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस में 1481 रुपये का लक्ष्य रखा है.
एचडीएफसी सिक्युरिटीज ने शोभा में 652 रुपये का लक्ष्य रखा है. वहीं रेप्को होम फाइनेंस में 592 रुपये का लक्ष्य रखा है.
ब्रोकरेज हाउस ICICI डायरेक्ट ने बजाज फाइनेंस में 3700 रुपये लक्ष्य के साथ निवेश की सलाह दी है. वहीं फेडरल बैंक के लिए 125 रुपये का लक्ष्य तय किया है.
ब्रोकरेज हाउस अरिहंत कैपिटल ने मैरिको के लिए 453 रुपये का लक्ष्य रखा है.

(नोट: स्टॉक की सलाह ब्रोकरेज हाउस की रिपोर्ट के आधार पर दी गई है. बाजार के जोखिम को देखते हुए एक्सपर्अ से सलाह लेकर ही निवेश करें.)

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