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Taxation: म्यूचुअल फंड में करते हैं निवेश? रिटर्न पर लगने वाले टैक्स की समझें A, B, C, D

Tax Rules on Mutual Fund Return: अगर आप म्यूचुअल फंड निवेशक हैं तो पैसा लगाते समय टैक्स के नियमों का भी ध्यान रखना चाहिए.

Updated: May 10, 2021 9:32 PM
Tax Rules on Mutual Fund ReturnTax Rules on Mutual Fund Return: अगर आप म्यूचुअल फंड निवेशक हैं तो पैसा लगाते समय टैक्स के नियमों का भी ध्यान रखना चाहिए.

Mutual Fund Taxation: बेहतर रिटर्न पाने के लिए म्यूचुअल फंड निवेश का एक पॉपुलर विकल्प है. म्यूचुअल फंड एक ऐसा जरिया है, जहां शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लांग टर्म के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पैसा निवेश किया जा सकता है. म्यूचुअल फंड में टैक्स बचाने वाली स्कीम ELSS भी है, जहां 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ उठा सकते हैं. लेकिन अगर आप म्यूचुअल फंड निवेशक हैं तो पैसा लगाते समय टैक्स के नियमों का भी ध्यान रखना चाहिए.

म्यूचुअल फंड दो तरीकों के लाभ देता करता है, मसलन कैपिटल गेन और डिविडेंड. कैपिटल गेन पर टैक्स लगता है जिसे निवेशक चुकाता है. वहीं म्यूचुअल फंड्स डिविडेंड पर जो टैक्स लगता है उसे डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) भी कहते हैं और इसे फंड हाउस द्वारा चुकाया जाता है. फिलहाल आपको म्यूचुअल फंड में लगने वाले इनकम टैक्स (Income Tax) का पूरा गणित समझना चाहिए.

इक्विटी और डेट फंड के लिए नियम

म्यूचुअल फंड में इक्विटी और डेट (Debt) फंड के लिए टैक्स देनदारी अलग-अलग होती है. इक्विटी म्यूचुअल फंड में 1 साल से ज्यादा समय के लिए निवेश को लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट माना जाता है. वहीं, 12 महीने से पहले ही उसे भुना लेने पर शार्ट टर्म इंवेस्टमेंट माना जाता है.

इक्विटी ऑरिएंटेड स्कीम के अलावा अन्य सभी म्यूचुअल फंड स्कीम जैसे डेट, लिक्विड, शॉर्ट टर्म डेट, इनकम फंड्स, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान में निवेश 3 साल या 36 महीने तक रहता है तो इसे लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट माना जाता है. वहीं, 36 महीने से पहले अगर भुनाया तो यह शार्ट टर्म इंवेस्टमेंट माना जाता है.

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इक्विटी फंड पर कैसे लगता है टैक्स

इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम में लांग टर्म इन्वेस्टमेंट से मिलने वाले रिटर्न पर 10 फीसदी लॉन्ग टर्म गेन टैक्स लगता है. हालांकि, 1 लाख रुपये तक के रिटर्न पर लॉन्ग टर्म गेन टैक्स नहीं लगता है. लेकिन अगर 12 महीने से पहले इसे भुनाते हैं तो 15 फीसदी शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है.

डेट फंड पर कैसे लगता है टैक्स

डेट म्यूचुअल फंड में लांग टर्म इन्वेस्टमेंट से मिलेन वाले रिटर्न पर इंडेक्सशन के बाद 20 फीसदी टैक्स लगता है. लेकिन शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट पर पैसे भुनाने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लगता है, जो निवेशक के टैक्स स्लैब पर आधारित होता है.

म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए जरूरी बातें

स्कीम का चयन एक बार की प्रक्रिया नहीं है. बल्कि आपको हर साल में स्कीम का आंकलन करना चाहिए. म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो के आंकलन से आप अंडरपरफॉर्मर्स योजनाओं से छुटकारा पा सकते हैं.

आंकलन से निवेशकों को यह जानने में मदद मिलती है कि क्या उनके निवेश लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न देने के लिए ट्रैक पर है. इससे जहां कम रिटर्न है वहां से बेहतर रिटर्न देने वाली योजना की तरफ जा सकते हैं.

कभी-कभी अच्छा रिटर्न भारी कीमत पर मिलता है. क्योंकि किसी स्कीम का जोखिम बहुत अधिक हो सकता है. इसलिए किसी स्कीम के रिस्क-रिटर्न फीचर्स का आकलन करें.

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