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आंध्र प्रदेश का 1.91 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश

आंध्र प्रदेश सरकार ने आज वर्ष2018- 19 के लिये 5,235 करोड़ रुपये के राजस्व अधिशेष वाला कुल1.91 लाख करोड़ रुपये के व्यय का बजट पेश किया।

March 8, 2018 3:50 PM
आंध्र प्रदेश बजट, आंध्र प्रदेश सरकार, आंध्र सरकार, टीडीपी, चंद्र बाबू नायडू, बीजेपी आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री यानामाला रामाकृष्नुडू नेविधान सभा में बजट पेश करते हुए कहा कि वर्ष के दौरान राज्य का राजकोषीय घाटा 24,205 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो कि2017-18 के राजकोषीय घाटे के मुकाबले3,000 करोड़ रुपये से कम होगा।

आंध्र प्रदेश सरकार ने आज वर्ष2018- 19 के लिये 5,235 करोड़ रुपये के राजस्व अधिशेष वाला कुल1.91 लाख करोड़ रुपये के व्यय का बजट पेश किया। विधानसभा के चुनाव वाले वर्ष में पेश इस पूर्ण बजट में राज्य सरकार ने राज्य के हर व्यक्ति को खुश रखने की प्रतिबद्धता जताई है। राज्य का नया बजट पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले21.69 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। पिछले साल यानी चालू वित्त वर्ष के लिये राज्य का बजट1.56 लाख करोड़ रुपये का था।

आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री यानामाला रामाकृष्नुडू नेविधान सभा में बजट पेश करते हुए कहा कि वर्ष के दौरान राज्य का राजकोषीय घाटा 24,205 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो कि2017-18 के राजकोषीय घाटे के मुकाबले3,000 करोड़ रुपये से कम होगा। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय2016- 17 के1,23,664 रुपये के मुकाबले14.87 प्रतिशत बढ़कर2017- 18 में1,42,054 रुपये हो गई। नये बजट में सामान्य शिक्षा को सबसे ज्यादा बजट दिया गया है। वर्ष2018- 19 में सामान्य शिक्षा के लिये24,185 करोड़ रुपये रखे गये हैं जबकि ग्रामीण विकास के लिये20,815 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।

कल्याण योजनाओं के लिये बजट20.78 प्रतिशत बढ़ाकर13,722 करोड़ रुपये कर दिया गया है जबकि ंिसचाई सुविधाओं के लिये16,978 करोड़ रुपये तथा कृषि एवं संबंधित सेवाओं के लिये12,355 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। राज्य में अगले साल अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे ध्यान में रखते हुये विभिन्न विभागों और योजनाओं के लिये वृहद आवंटन किया गया है।

वित्त मंत्री ने राज्य विधानसभा में बजट पेश करते हुये कहा, ‘‘ वर्ष2018- 19 के दौरान मैं1.50 लाख करोड़ रुपये के राजस्व व्यय का प्रस्ताव करता हूं। यह19.35 प्रतिशत की वृद्धि होगी। पूंजी व्यय30.60 प्रतिशत बढ़कर28,678 करोड़ रुपये प्रस्तावित है जिसमें लोक रिण का9,351 करोड़ रुपये की वापसी भी शामिल है।’’ अगले वित्त वर्ष में राज्य का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के3.48 प्रतिशत से घटकर2.78 प्रतिशत रह जाने का अनुमान है।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘ राज्य सरकार की मुश्किल दौर में चुनौतियों का मुकाबला करने को लेकर प्रतिबद्धता और दहाई अंक की समावेशी विशिष्ट वृद्धि रणनीति अपनाने के बेहतर परिणाम रहे हैं।’’ वर्ष2016- 17 के दौरान राज्य की वृद्धि दर11.01 प्रतिशत रही जबकि इस दौरान पूरे देश की वृद्धि दर7.1 प्रतिशत दर्ज की गई।

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