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फ्रैंकलिन टेम्पलटन संकट से डरे म्यूचुअल फंड निवेशक, एम्फी ने कहा- घबराने वाली स्थिति नहीं

फ्रैंकलिन टेम्पलटन संकट पर एम्फी ने कहा कि इससे डेट फंड निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है.

April 24, 2020 3:19 PM
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फ्रैंकलिन टेम्‍पलटन म्‍यूचुअल फंड ने लिक्विडिटी संकट के चलते अपनी 6 डेट फंड स्कीमों को बंद करने का फैसला लिया है. कंपनी के इस फैसले के बाद से खासतौर से डेट फंड निवेशकों में घबराहट है. उन्हें डर है कि डेट फंडों में कैश की कमी के चलते उनका पैसा अटक जाएगा. लेकिन इस मामले में म्‍यूचुअल फंड कंपनियों के संगठन एम्‍फी ने निवेशकों का डर दूर करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया है. एम्फी के अनुसार ज्‍यादातर फिक्‍स्‍ड इनकम म्‍यूचुअल फंड का निवेश अच्‍छी क्रेडिट क्‍वालिटी वाली प्रतिभूतियों में है. कामकाज जारी रखने के लिए उनके पास पर्याप्‍त लिक्विडिटी है. उनके पास नकदी की कोई कमी नहीं है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है.

एम्फी ने एक बयान में कहा कि निवेशकों को अपने निवेश लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, और अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए. उद्योग निकाय ने यह परामर्श भी दिया कि एक कंपनी की कुछ योजनाओं के बंद होने से विचलित नहीं होना चाहिए. एम्फी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग में निश्चित आय वाले फंड अपना सामान्य संचालन जारी रखेंगे. किसी एक कंपनी की कुछ स्‍कीमों की समस्‍या को पूरे उद्योग के साथ जोड़कर देखना सही नहीं होगा.

कुल AUM में हिस्सेदारी बहुत कम

एम्‍फी ने कहा कि फ्रैंकलिन टेम्पलटेन ने जिन 6 स्कीम को बंद करने का फैसला किया है, देश की म्‍यूचुअल फंड इंडस्‍ट्री के कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी एयूएम में इन 6 स्‍कीम की हिस्‍सेदारी 1.4 फीसदी से भी कम है. किसी एक कंपनी का फैसला उसकी 6 क्रेडिट रिस्‍क फिक्‍स्‍ड इनकम स्‍कीमों तक सीम‍ित है. संगठन का कहना है कि ज्‍यादातर म्‍यूचुअल फंडों की फिक्‍स्‍ड इनकम स्‍कीमों का निवेश अच्‍छी क्रेडिट क्‍वालिटी वाली प्रतिभूतियों में है. कोरोना महामारी के मुश्‍किल दिनों में भी इनके साथ लिक्विडिटी की कोई समस्‍या नहीं है.

फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने जिन योजनाओं को बंद किया है, उनमें फ्रैंकलिन इंडिया लो ड्यूरेशन फंड, फ्रैंकलिन इंडिया डायनेमिक एक्यूरल फंड, फ्रैंकलिन इंडिया क्रेडिट रिस्क फंड, फ्रैंकलिन इंडिया शॉर्ट टर्म इनकम प्लान, फ्रैंकलिन इंडिया अल्ट्रा शॉर्ट बॉन्ड फंड और फ्रैंकलिन इंडिया इनकम अपॉर्चुनिटीज फंड शामिल हैं.

दूसरे म्यूचुअल फंड पर असर नहीं

वहीं, कई म्‍यूचुअल फंडों ने भी बताया है कि उन पर कोई उधारी बाकी नहीं है. एम्‍फी ने कहा है कि उसे उम्‍मीद है कि म्‍यूचुअल फंड इंडस्‍ट्री के तमाम फिक्‍स्‍ड इनकम फंड अपने सामान्‍य ऑपरेशन जारी रखेंगे. उन पर किसी तरह का कोई असर नहीं होगा. एम्‍फी के अनुसार बांड मार्केट में लिक्विडिटी को सुनिश्चित करने के लिए हाल में आरबीआई ने तमाम कदम उठाए हैं. च‍िंंता करने की कोई जरूरत नहीं है.

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