मुख्य समाचार:
  1. वॉरेन बफेट की जगह ले सकता है ये भारतीय, खुद बफेट ने की थी तारीफ

वॉरेन बफेट की जगह ले सकता है ये भारतीय, खुद बफेट ने की थी तारीफ

वॉरेन बफेट ने खुद एक इंटरव्यू के दौरान एबल और अजित जैन की तारीफ करते हुए दोनों को कंपनी का चेहरा बताया था।

January 11, 2018 1:11 PM
वॉरेन बफेट, अजित जैन, बर्कशेयर हैथवे, warren buffet, share market न इंश्योरेंस एग्जिक्यूजिव थे, लिहाजा उनके काम को देखते हुए बर्कशेयर ने उन्हें इंश्योरेंस ऑपरेशन का वाइस चेयरमैन बनाया हैं।

शेयर मार्केट के बेताज बादशाह वॉरेन बफेट 93 साल के हो चले हैं। बफेट अपनी उम्र को भी जानते हैं, लिहाजा उन्हें पता है, कि हर बादशाह का एक उत्तराधिकारी होता है, जो उसके बाद उसके साम्रज्य को ना सिर्फ संभालेगा, बल्कि आगे भी बढ़ाएगा। लिहाजा वॉरेन बफेट के उत्तराधिकारी के रूप में जो नाम सामने आ रहे हैं उनमे से एक नाम है अजित जैन। अजित जैन के अलावा जो दूसरा नाम है वो है ग्रेगरी एबल। अजित और ग्रेगरी दोनों का हाल ही में बर्कशियर हैथवे में प्रमोशन हुआ है। बफेट इसी बर्कशियर हैठवे में चेयरमैन हैं।

बर्कशेयर के वाइस चेयरमैन बने जैन
66 वर्षीय अजित जैन को बर्केशियर का वाइस चेयरमैन बनाया गया है। जैन इंश्योरेंस एग्जिक्यूजिव थे, लिहाजा उनके काम को देखते हुए बर्कशेयर ने उन्हें इंश्योरेंस ऑपरेशन का वाइस चेयरमैन बनाया हैं। वहीं 55 वर्षीय एबल नॉन-इंश्योरेंस एगजीक्यूटिव थे , उन्हे नॉन-इंश्योरेंस ऑपरेशन्स का वाइस चेयरमैन बनाया गया।

बफेट ने खुद बताया था अपना उत्तराधिकारी
ओरेकल ऑफ ओकलहोमा के नाम से मशहूर वॉरेन बफेट ने खुद एक इंटरव्यू के दौरान एबल और अजित जैन की तारीफ करते हुए दोनों को कंपनी का चेहरा बताया था। बफेट दोनों के खून में बर्कशियर होने की बात कही थी। हालांकि बफेट ने ये साफ नहीं किया कि बर्कशियर को मैनेज करने को उनकी जगह कौन लेगा। बफेट ने ये भी बताया की दोनों का प्रमोशन बफेट की ओर से काम करने वाले चार्ली मंगर ने किया है।

अजित जैन की खास बातें
अजित का डन्म ओडिसा में 1951 में हुआ थआ। जैन ने 1972 में आइआइटी खड़गपुर से ग्रजुएशन किया और मैकेनिकल इंजिनियरिंग की डिग्री हासिल की। इके बाद 1972 से 1973 तक उन्होंने आइबीएम में बतौर सेल्समैन नोकरी की। 196 में उनकी नौकरी छूट गई। इसके बाद 1978 में वो अमेरिका चले गए और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। एमबीए के बाद उन्होंने मैककिंजी ऐंड कंपनी ज्वाइन कर ली। 1986 में उन्होंने मैककिंजी ऐंड कंपनी छोड़ उन्होंने बर्किशियर ज्वाइन कर ली।

Go to Top