मुख्य समाचार:

Airtel Vs Vodafone Idea: AGR फैसले से विनर बन सकता है एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया के लिए क्या है मायने

Airtel Vs Vodafone Idea: एजीआर पर राहत को एक्सपर्ट एयरटेल के लिए बेहतर फैसला मान रहे हैं और उनका कहना है कि कंपनी को दिक्कत नहीं आएगी.

Updated: Sep 02, 2020 12:16 PM
AGR, Telecom Companies, Airtel Vs Vodafone Idea, AGR Relief, what means for Airtel and Vodafone Idea as AGR relief, airtel may winner, vodafone idea stocks, airtel stock, telecom sector, tarrif warAirtel Vs Vodafone Idea: एजीआर पर राहत को एक्सपर्ट एयरटेल के लिए बेहतर फैसला मान रहे हैं और उनका कहना है कि कंपनी को दिक्कत नहीं आएगी.

Airtel Vs Vodafone Idea: सुप्रीम कोर्ट से लंबे समय से पेंडिंग एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी AGR मामले पर अपना फैसला सुनाते हुए टेलिकॉम कंपनियों को बकाया चुकाने के लिए 10 साल की राहत दी है. टैरिफ वार से पहले से जूझ रहे टेलिकॉम सेक्टर को फिलहाल इस फैसले से कुछ राहत जरूर मिली है. हालांकि कंपनियों की मांग 15 साल में बकाया चुकाने की थी, वह भी डिस्काउंट के साथ. कोर्ट ने कहा कि टेलिकॉम कंपनियों को बकाया राशि का 10 फीसदी एडवांस में चुकाना होगा. फिर हर साल समय पर किस्त चुकानी होगी. एक्सपर्ट इसे एयरटेल के लिए बेहतर फैसला मान रहे हैं और उनका कहना है कि कंपनी को बकाया चुकाने में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी. लेकिन वोडाफोन आइडिया को बिना टैरिफ बढ़ाये फाइनेंशियल स्थिति सुधारने में दिक्कत आएगी.

किस कंपनी पर कितना है बकाया

बता दें कि कुल एजीआर बकाया 1.69 लाख करोड़ रुपये का है. जबकि, अभी तक 15 टेलीकॉम कंपनियों ने सिर्फ 30,254 करोड़ रुपये चुकाये हैं. एयरटेल पर करीब 43,989 करोड़ रुपये, वोडाफोन आइडिया पर 58,254 करोड़ रुपये और टाटा टेलीसर्विसेज पर करीब 16,798 करोड़ रुपये का बकाया था. एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने इसमें से कुछ रकम चुका दी है. इसके बाद एयरटेल को 25,976 करोड़ और वोडाफोन आइडिया को 50399 करोड़ की रकम चुकानी है.

वोडाफोन आइडिया की बिगड़ेगी बैलेंसशीट

ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से एयरटेल और वोडाफोन आइडिया दोनों ही कंपनियों की बैलेंसशीट कमजोर होगी. ऐसे में एक बार फिर टैरिफ हाइक करने के चांस बन रहे हैं. वोडाफोन आइडिया की बात करें तो पेमेंट के बाद कंपनी का आपरेशन सही से चल सके, इसके लिए वित्त वर्ष 2022 और 2023 तक 110 रुपये कम्युलेटिव ARPU बढ़ोत्तरी की जरूरत होगी. लेकिन इस चुनौतिभरे माहौल में तुरंत ऐसा कर पाना मुश्किल होगा.

एक्सपर्ट का मानना है कि पैसे जुटाना वोडाफोन आइडिया के लिए आसान नहीं होगा. कंपनी पर ब्याज और एजीआर भुगतान का दबाव पहले से बहुत ज्यादा है. वोडाफोन और आइडिया का मर्जर रिलायंस जियो के लॉन्च के बाद हुआ था. हालांकि मर्जग्र से पहले भी जियो की एंट्री के बाद दोनों कंपनियों पर डाटा वार की वजह से दबाव बना हुआ था. मर्जर के बाद भी स्थिति बेहतर नहीं हो पाई.

एयरटेल के लिए राह होगी आसान

भारती एयरटेल की बात करें तो जून तिमाही में कंपनी का मार्केट शेयर 200 बेसिस प्वॉइंट बढ़ा है. कंपनी का ARPU तिमाही बेसिस पर 2 फीसदी बढ़कर 157 रुपये है. ब्रोकरेज हाउस मॉर्गन स्टैनले का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2021 में एयरटेल का ARPU 162 रुपये और वित्त वर्ष 2022 में ARPU 177 रुपये रह सकता है. ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल के अनुसार FY21/FY22 में एयरटेल का EBITDA 38500 करोड़/46700 करोड़ रुपये रह सकता है. ऐसे में एयरटेल कंफर्टेबल पोजिशन में लग रही है. बकाए से कंपनी का नेट डेट भी धीरे धीरे कम होगा. ऐसे में भारती एयरटेल विनिंग पोजिशन में दिख रही है. आगे शेयर 700 रुपये तक की ग्रोथ दिखा सकता है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. कारोबार बाजार
  3. Airtel Vs Vodafone Idea: AGR फैसले से विनर बन सकता है एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया के लिए क्या है मायने

Go to Top