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Air India: 2018-19 की Q3 में पैसेंजर रेवेन्यू 20% बढ़ा लेकिन यात्री सिर्फ 4%, जानिए कैसे हुआ फायदा

विमानों के बेहतर यूटिलाइजेशन से पैसेंजर रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई है. 2018-19 की दिसंबर तिमाही में एयर इंडिया का पैसेंजर रेवेन्यू 5538 करोड़ रुपये रहा जबकि उसके 2017-18 की समान अवधि में यह 4615 करोड़ रुपये था.

January 12, 2019 5:13 PM
Air India, Air India Profit, Air India Passenger Revenue Grows, ASKM, Global Aviation Summit 2019, एयर इंडिया, एयर इंडिया मुनाफाएयर इंडिया को 65% रेवेन्यू अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ान से हासिल होता है. (Image-Reuters)

वित्तीय संकट से जूझ रही सरकारी विमान कंपनी एयर इंडिया को चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में राहत मिली है. वित्त वर्ष 2018-19 की दिसंबर तिमाही में एयर इंडिया से यात्रा करने वाले लोगों की संख्या में वित्त वर्ष 2017-18 की तुलना में महज 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई लेकिन पैसेंजर रेवेन्यू 20 फीसदी तक बढ़ गया. यह जानकारी कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी. अधिकारी के मुताबिक विमानों के बेहतर यूटिलाइजेशन से यह संभव हो सका है. दिसंबर तिमाही में एयर इंडिया का पैसेंजर रेवेन्यू 5538 करोड़ रुपये रहा जबकि उसके पिछले साल समान अवधि में यह 4615 करोड़ रुपये था. यात्रियों की संख्या की बात करें तो 2017-18 की दिसंबर तिमाही में एयर इंडिया से करीब 53.28 लोगों ने सफर किया जबकि 2018-19 की दिसंबर तिमाही में 55.27 लाख यात्रियों ने सफर किया. तीसरी तिमाही में एयर इंडिया ने 15 नई उड़ानें भी शुरू कीं.

कैसे बढ़ा एयर इंडिया का पैसेंजर रेवेन्यू
वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही में एयर इंडिया का पैसेंजर रेवेन्यू 20 फीसदी तक बढ़ गया जबकि यात्रियों की संख्या में सिर्फ 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इसकी मुख्य वजह अवेलेबल सीट्स किलोमीटर्स (एएसकेएम) का अधिक तेजी से बढ़ना रहा. एयर इंडिया ने अपने विमानों का बेहतरीन तरीके से यूटिलाइजेशन किया जिससे कि एएसकेएम तेजी से बढ़ी. एएसकेएम किसी उड़ान के दौरान यात्रियों को ले जाने की क्षमता है. इससे यह पता चलता है कि कितने यात्री विमान से उड़ान भर सकते हैं. जैसे कि किसी विमान में 300 सीट हैं लेकिन उसमें सिर्फ 250 सीट है लोगों के लिए उपलब्ध हैं तो उसका एएसकेएम उसकी तुलना में कम होगा, जब सभी सीटें लोगों के उपलब्ध होंगी. एएसकेम को उपलब्ध सीट और उड़ान की दूरी से गुणा करके प्राप्त किया जाता है. विमानों में सभी सीटें इसलिए नहीं उपलब्ध रहती हैं क्योंकि कुछ क्रू मेंबर्स या अन्य लोगों के लिए आरक्षित रहती हैं.

65 फीसदी रेवेन्यू विदेशी उड़ानों से
एयर इंडिया को 65 फीसदी रेवेन्यू अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ान से हासिल होता है. शेष रेवेन्यू घरेलू मार्ग पर उड़ान से प्राप्त होता है.

एयर इंडिया अब कभी फायदे में नहीं आएगीः सुरेश प्रभु
सरकारी विमान कंपनी एयर इंडिया पर इस समय 48 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है. पिछले साल मई में केंद्र सरकार ने इसका रणनीतिक विनिवेश करने की कोशिश की थी लेकिन सफल नहीं हो पाई. शुक्रवार को सिविल एविएशन मिनिस्टर सुरेश प्रभु ने स्वीकार किया कि कंपनी इतनी भारी कर्ज में डूबी हुई है कि इसकी सेहत जल्द सुधारना बहुत मुश्किल है. प्रभु ने यह बात फ्लाइंग फॉर ऑलः ग्लोबल एविएशन समिट 2019 के मौके पर कही. प्रभु ने कहा कि यह कर्ज इतना भारी है कि रेवेन्यू का अधिकांश हिस्सा इसका ब्याज चुकाने में ही खर्च हो जा रहा है। इसके कारण एयर इंडिया कभी फायदे में नहीं पहुंच पाएगी. हालांकि उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर कर्ज समस्या को सुलझाने के लिए काम किया जा रहा है. इसके लिए कंपनी के सीईओ से लेकर सभी सदस्यों को पेशेवर बनाने पर फोकस किया जा रहा है.

 

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