RBI पॉलिसी: बैंकिंग एंड PSU फंड में निवेश का सही समय, इन वजहों से मिल सकता है अच्छा रिटर्न

Banking & PSU Fund: रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी के एलान में यह साफ संकेत है कि सरकार का फोकस बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखने पर है.

Banking & PSU Fund
Banking & PSU Fund: RBI मॉनेटरी पॉलिसी के एलान में यह साफ संकेत है कि सरकार का फोकस बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखने पर है.

Banking & PSU Fund: रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी के एलान में यह साफ संकेत है कि सरकार का फोकस बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखने पर है. वहीं, बजट में भी बैंकिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए कुछ अहम एलान किए गए थे. एक्सपर्ट का कहना है कि बजट और मॉनेटरी पॉलिसी बैंकिंग एंड पीएसयू फंड कटेगिरी के लिए पॉजिटिव रहने वाला है. इससे इन सेग्मेंट में निवेयाकों का आकर्षण और बढ़ेगा. मॉडरेट कटेगिरी के वे निवेशक जो अपना लक्ष्य कम से कम 3 साल रखना चाहते हैं, उन्हें इस कटेगिरी में निवेश करना चाहिए.

क्या कहना है एक्सपर्ट का

PGIM इंडिया म्यूचुअल फंड के CIO-फिक्स्ड इनकम, कुमारेश रामकृष्णन का कहना है कि आरबीआई पॉलिसी में किसी भी तरह की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. लिक्विडिटी स्टांस को भी अकोमोडेटिव पर बरकरार रखा गया है. आरबीआई, सीआरआर को दो फेज में दोबारा 4 फीसदी करेगा. मार्च 2020 में बैकों के लिए सीआरआर को 4 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी कर दिया गया था. इसे अब 2 फेज माच 2021 और मई 2021 में 50 बेसिस प्वॉइंट—50 बेसिस प्वॉइंट बढ़ाकर 4 फीसदी किया जाना है.

पॉलिसी में SLR सिक्योरिटीज पर HTM लिमिट पर राहत दी गई है. जिसे मार्च 2020 में 19 फीसदी से बढ़ाकर 22 फीसदी किया गया था. अब इसे मार्च 2023 तक जारी रखने का फैसल किया गया है. यह बैंकों के बॉरोइंग प्रोग्राम को मैनेज करने में सपोर्ट करेगा. इसके अलावा रिटेल निवेयाक अब आरबीआई में गिल्ट अकाउंट खोलकर सरकारी बांड में लेन देन कर सकेंगे. इससे आने वाले दिनों में डिमांड बढ़ेगी. ओवरआल आरबीआई के एलान बैंकिंग एंड पीएसयू और कॉरपोरेट बांड के लिए पॉजिटिव हैं. आने वाले दिनों में इनमें अच्छा रिटर्न मिल सकता है.

सिस्टम में बढ़ेगी लिक्विडिटी

आरबीआई, सीआरआर को दो फेज में दोबारा 4 फीसदी करेगा. बाजार में लिक्विडिटी की हालत बेहतर होते देख केंद्रीय बैंक ने ये फैसला किया है. इस कदम से बैंकिंग सिस्टम में करीब 1.37 लाख करोड़ की लिक्विडिटी सोख लेगी यानी बाजार से वापस ले लेगी. कोविड के समय सभी बैंकों के लिए सीआरआर को 1 फीसदी घटाकर 3 फीसदी कर दिया गया था, जिससे कि बैंकों के पास अधिक नकदी रहे और वे अधिक से अधिक लोन दे सकें. 27 मार्च 2021 से सीआरआर 3.5 फीसदी और 22 मई 2021 से 4 फीसदी हो जाएगा.

क्यों बढ़ा बैंकिंग एंड पीएसयू फंड?

बैंकिंग और पीएसयू फंड्स एक फिक्सड इनकम फंड होते हैं, जो डेट और मनी मार्केट में निवेश करते हैं. इन्हें बैंक, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग और पब्लिक फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस द्वारा जारी किया जाता है. SEBI के नियमों के मुताबिक बैकिंग और पीएसयू फंड्स को अपने कुल एसेट्स का कम से कम 80 फीसदी हिस्सा इसी तरह के संस्थाओं में निवेश करना होता है.

बैंकिंग और PSU फंडों का आकर्षण बढ़ने के पीछे वजह है कि पिछले कुछ महीनों की बात करें तो डेट सेग्मेंट में निवेयाक सतर्क रहे हैं. इनके पास अट्रैक्टिव यील्ड, मॉडरेट इंटरेस्ट रिस्क और सबसे महत्वपूर्ण बात हाई क्रेडिट क्वालिटी है. इसमें एफडी की तुलना में अच्छा रिटर्न मिलता है. इनका एक्सपेंस रेश्यो भी कम होता है.

बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंड

ABSL बैंकिंग एंड पीएसयू डेट फंड
कोटक बैंकिंग एंड PSU डेट फंड
HDFC बैंकिंग एंड PSU फंड
निप्पॉन इंडिया बैंकिंग एंड PSU फंड

ब्याज दरों से जुड़ा है रिटर्न

ब्याज दरें अगर कम रहती हैं तो इन फंडों का रिटर्न बढ़ जाता है. इस वित्त वर्ष दरों में और कटौती संभव है. वहीं ये स्कीम काफी लिक्विड होती हैं. ये स्कीम दूसरी डेट स्कीम के मुकाबले कम रिस्क वाली होती हैं क्योंकि ये हाई रेटिंग वाले इंस्ट्रूमेंट में निवेश करती हैं. हालांकि ये पूरी तरह से रिस्क फ्री नहीं होती हैं.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

Financial Express Telegram Financial Express is now on Telegram. Click here to join our channel and stay updated with the latest Biz news and updates.

TRENDING NOW

Business News