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आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक अपना कारोबार समेटने जा रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कंपनी के अपनी इच्छा से कारोबार समेटने का आवेदन करने के बाद उसके लिक्विडेशन को मंजूरी दे दी गयी है.

November 19, 2019 4:29 PM
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आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक अपना कारोबार समेटने जा रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को बताया कि कंपनी के अपनी इच्छा से कारोबार समेटने का आवेदन करने के बाद उसके लिक्विडेशन को मंजूरी दे दी गयी है.  बीते जुलाई महीने में स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट बैंक ने कहा कि अपेक्षित कामयाबी नहीं मिलने की वजह से बिजनेस को आगे बढ़ाना संभव नहीं है. वहीं टेलीकॉम इंडस्‍ट्री में आइडिया-वोडाफोन की स्थिति ठीक नहीं है. बता दें कि यह पेमेंट बैंक आदित्य बिड़ला नुवो और आइडिया सेलुलर का ज्‍वाइंट वेंचर है.

देश में बैंकिंग सेवाओं को घर-घर पहुंचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने साल 2015 में पेमेंट बैंक की खास सर्विस की शुरुआत की थी. इसके तहत आरबीआई ने देश की 41 कंपनियों में से सिर्फ 11 को लाइसेंस जारी किए. लेकिन इनमें से 4 पेमेंट बैंक पहले ही कारोबार समेट चुके हैं. अब आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक ने कारोबार समेटने की तैयारी कर ली है.

वी. अय्यर लिक्विडेटर नियुक्त किए गए

रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना में कहा कि आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को स्वेच्छा से परिसमाप्त करने के आवेदन पर बंबई उच्च न्यायालय ने 18 सितंबर 2019 को आदेश जारी कर दिया है. रिजर्व बैंक ने कहा कि बंबई उच्च न्यायालय ने डेलॉइट ताउचे तोमस्तु इंडिया एलएलपी के वरिष्ठ निदेशक विजयकुमार वी. अय्यर को इसके लिए लिक्विडेटर नियुक्त किया है.

जुलाई में एलान किया था

इस साल जुलाई की शुरुआत में आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक ने अपना कारोबार समेटने का एलान किया था. कंपनी ने इसके पीछे अहम वजह अप्रत्याशित घटनाक्रम के चलते कारोबार का अव्यवहारिक होना बताई थी.

भुगतान बैंकिंग बाजार में अब तक चार कंपनियां बोरिया बिस्तर समेट चुकी हैं. टेक महिंद्रा, चोलामंडलम इंवेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी और दिलीप सांघवी, आईडीएफसी बैंक लिमिटेड और टेलीनॉर फाइनेंशियल र्सिवसेस के गठबंधन में बना भुगतान बैंक बाजार छोड़ने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं. फरवरी 2018 में कारोबार शुरू करने वाली आदित्य बिड़ला आइडिया पेमेंट्स बैंक ऐसा करने वाली चौथी इकाई है.

क्या होता है पेमेंट बैंक ?

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश में बैंकिंग सेवाओं को घर-घर पहुंचाने के लिए पेमेंट बैंकों को कारोबार करने की इजाजत दी है. पेमेंट बैंकों को लॉन्च करने का मुख्य उद्देश्य स्माल सेविंग अकाउंट्स होल्डर्स, लो इनकम हाउसहोल्ड (कम आय वाले परिवार), असंगठित क्षेत्र, प्रवासी मजदूरों और छोटे बिजनेसमैन को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना है. पेमेंट बैंक सेविंग्स डिपोजिट स्वीकार करते हैं ताकि आप ट्रांजेक्शन में इनका इस्तेमाल कर सकें. ये बैंक लोन नहीं देते हैं. ये फिक्स्ड डिपोजिट अकाउंट भी नहीं खोलते हैं. इन बैंकों में जमा करने की अधिकतम सीमा एक लाख रुपये हैं. पेमेंट बैंक सरकारी बॉन्ड्स में निवेश कर सकते हैं. ये मेनस्ट्रीम बैंक के अपने खाते में 25 फीसदी तक राशि जमा कर सकते हैं.इन बैंकों में रकम जमा करने पर ग्राहकों को अच्छे रिटर्न्स मिलने की उम्मीद है. ये  डेबिट कार्ड और चेक बुक जैसी तमाम सुविधाएं भी देते हैं.

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