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Mutual Fund: मंदी के दौर में भी चाहते हैं ऊंचा रिटर्न, निवेश के लिए चुनें ये 5 म्यूचुअल फंड

यह म्यूचुअल फंड बाजार के मौजूदा हालात को देखते हुए स्थिरता और पर्फोर्मेंस उपलब्ध कराएंगे.

August 22, 2019 4:15 PM
mutual fund investment tips to get better returnsआर्थिक मंदी के साथ मिलकर सरकारी बॉन्ड जारी करने के पहलू पर विचार करने वाला बजट प्रस्ताव बताता है.

मार्केट में भारी उतार चढ़ाव देखा जा रहा है. ग्लोबल स्तर पर अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध, यूएस-ईरान फेसऑफ जैसे ग्लोबल इवेंट्स और घरेलू स्तर ऑटो व एफएमसीजी सेक्टर में छाई मंदी जैसे फैक्टर बाजार में मौजूद हैं. ऐसे में म्यूचुअल फंडों के माध्यम से इक्विटी बाजार में निवेश करना समझदारी है, जिससे निवेशक बाजार में आए उतार चढ़ाव का सामना कर सके. म्युचुअल फंड अलग-अलग कैटेगरी मसलन लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप, डेट और गोल्ड में निवेश करते हैं. इससे निवेशक को अपना पैसा अलग-अलग एसेट क्लास में लगाने का मौका मिलता है. नीचे दिए म्यूचुअल फंड बाजार के मौजूदा हालात को देखते हुए स्थिरत और बेहतर रिटर्न दे सकते हैं.

1. एक्सिस ब्लूचिप फंड – डायरेक्ट प्लान – ग्रोथ (लार्ज कैप)

इकोनॉमिक स्लोडाउन और एफपीआई पर अतिरिक्त सरचार्ज जैसी चीजों की वजह से मार्केट स्थिर नहीं है. ऐसे में ब्लूचिप कंपनी के ज्यादा एक्पोजर वाले लार्ज कैप फंड्स के साथ रहने में फायदा है क्योंकि यह आपकी पोर्टफोलियो को सुरक्षा देंगे. एक्सिस ब्लूचिप फंड का शानदार प्रदर्शन रहा है. इसका 81 फीसदी निवेश लार्ज कैप फंड्स में है जिसका निवेश का मुख्य हिस्सा कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस आदि जैसी हाई एसेट क्वालिटी कंपनी में है.

फंड ने अपने प्रतिद्वंदी और बेंचमार्क इंडेक्स को उचित मार्जिन से पीछे छोड़ दिया है. पिछले 3 से 5 साल में इस फंड में 15 से 13.4 फीसदी का रिटर्न मिला है. यह फंड ऐसे लोगों के लिए ठीक है जो ज्यादा रिस्क नहीं चाहते हैं.

2. कोटक स्टैंडर्ड मल्टीकैप फंड – डायरेक्ट प्लान – ग्रोथ (मल्टीकैप )

मल्टीकैप फंड्स के तहत निवेशकों का पैसा लार्ज, मिड और स्मॉल कैप फंड्स में लगाया जाता है. इससे बाजार के मौजूदा उतार—चढ़ाव के बीच निवेशकों को अपना पोर्टफोलियो डाइवर्सिफाई करने का मौका मिलता है. वहीं, मिडकैप और स्मॉल कैप से अतिरिक्त रिटर्न हासिल करने का भी अवसर मिलता है. इस फंड से पिछले 3 से 5 सालों में 11 फीसदी से 15 फीसदी का रिटर्न मिला है. यह लगातार बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर परफॉर्म कर रहा है.

इस फंड का 70 फीसदी हिस्सा लार्ज कैप कंपनियों में निवेश किया गया है, जिससे अस्थिरता का रिस्क कम होता है. इसका 20 फीसदी हिस्सा स्मॉल और मिड कैप में निवेश किया गया है जिससे मिड और स्मॉल कंपनियों के ग्रोथ पोटेंशियल की वजह से अतिरिक्त रिटर्न हासिल किया जा सकता है. जो लोग अलग-अलग मार्केट कैप में निवेश करना चाहते हैं, यह फंड उनके लिए ठीक है.

3. L&T मिडकैप फंड – डायरेक्ट प्लान – ग्रोथ (मिडकैप फंड)

मार्केट में गिरावट के चलते कई कंपनियों से निगेटिव रिटर्न मिले हैं. इससे मिडकैप स्पेस पर सबसे ज्यादा असर पड़ा क्योंकि इसमें अस्थिरता सबसे ज्यादा है.
L&T मिडकैप एक ऐसा फंड हैं, जहां हाई ग्रोथ कंपनियों को चुना जाता है जिसमें किसी खास सेक्टर को डोमिनेट करने की क्षमता होती है. इस फंड में 63 फीसदी मिडकैप और 20 फीसदी स्मॉल कैप कंपनियों में निवेश किया गया है. इससे पता चलता है कि फंड मैनेजर का ध्यान मिडकैप फंड्स की तरफ है जो मार्केट और इकोनॉमी के बेहतर होते ही अच्छा रिटर्न देने लगेंगे.

पिछले 5 साल में इस फंड ने 14 फीसदी का रिटर्न दिया है. इसने अपने बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी मिडकैप 100 TRI. जो लोग जोखिम ले सकते हैं वह मार्केट में गिरावट पर इसमें निवेश बढ़ाकर आने वाले दिनों में अच्छा रिटर्न पाने की संभावनाएं बना सकते हैं. मार्केट की स्थिति ठीक होते ही इन फंड्स में ग्रोथ दिखाई देने लगेगी.

4. SBI गोल्ड फंड – डायरेक्ट प्लान गोल्ड

सोने में निवेश एक वैकल्पिक निवेश का जरिया है. बाजार में गिरावट के समय यह आपके पोर्टफोलियो की बचाए रखता है. बाजार में मंदी के दौरान सुरक्षित निवेश के रूप में सोने में निवेश किया जा सकता है.

सोने में निवेश एक विक्ल्प देता है जो बाजार में गिरावट के वक्त आपके पोर्टफोलियो की रक्षा करता है. जब मार्केट में मंदी होती है तब सोने में निवेश एक बेहतर विकल्प है. मार्केट में गिरावट को देखते हुए निवेशक गोल्ड में निवेश कर सकते हैं. निवेशक को अपने फंड का 5 से 10 फीसदी हिस्सा गोल्ड में निवेश करना चाहिए.

5. HDFC गिल्ट फंड –  डायरेक्ट प्लान- ग्रोथ (डेट)

आर्थिक सुस्ती के बीच सरकारी बॉन्ड जारी करने पर विचार करने के बजट प्रस्तावों से साफ है कि आने वाले समय में ब्याज दरें नहीं बढ़ने वाली हैं. ब्याज दरों में कटौती और इक्विटी से नकारात्मक रिटर्न मिलने के बाद डेट फंड्स में निवेश करना पोर्टफोलियो को लिहाज से बेहतर है. एचडीएफसी गिल्ट फंड सरकारी सिक्युरटीज में निवेश करता है. इसके चलते निवेशकों को सुरक्षित फंड में निवेश करने का मौका मिलता है. इसमें डिफॉल्ट की संभावना लगभग न के बराबर है. निवेशक एचडीएफसी गिल्ट फंड में पोर्टफोलियो का 10-15 फीसदी हिस्सा निवेश कर सकते हैं.

By: Vijay Kuppa, Co-founder, Orowealth

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