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COVID-19 महामारी ने घटाई 43% भारतीय उपभोक्ताओं की आय, क्रेडिट कार्ड और मोबाइल बिल भरने में आ रही दिक्कत: रिपोर्ट

उपभोक्ताओं ने अपने खर्च करने की आदतों में बदलाव किया है और इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों के लिए अधिक बचत कर रहे हैं.

October 15, 2020 2:01 PM
ASPERCENT consumers saw household income drop during Covid: Experianकोरोना महामारी ने लोगों की आय पर बहुत बुरा प्रभाव डाला है.

कोरोना महामारी (COVID-19 Pandemic) ने लोगों की आय पर बहुत बुरा प्रभाव डाला है. इसे लेकर एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से लेकर अब तक 43 फीसदी भारतीय उपभोक्ताओं की आय कम हुई है. यह रिपोर्ट क्रेडिट ब्यूरो एक्सपेरियन की है. अपनी वित्तीय स्थिति में हुए बदलाव को लेकर उपभोक्ताओं ने अपने खर्च करने की आदतों में बदलाव किया है और इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों के लिए अधिक बचत कर रहे हैं. इसके अलावा बिना सोचे-समझे किए जाने वाले खर्च में भी कटौती कर रहे हैं.

31% लोगों ने बजट बनाना शुरू कर दिया

एक्सपेरियन की जुलाई-अगस्त 2020 की ग्लोबल इनसाइट्स रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि 36 फीसदी लोगों को इंटरनेट और केबल सेवाओं के लिए भुगतान करने में समस्या आ रही है. इसके अलावा 35 फीसदी लोगों को यूटिलिटी सेवाएं, 33 फीसदी लोगों को क्रेडिट कार्ड बिल और 32 फीसदी लोगों को मोबाइल फोन बिल के भुगतान करने में समस्या आ रही है. यह समस्या कोरोना से पहले की तुलना में बहुत तेजी से बढ़ी है. एक्सपेरियन ने अपने बयान में कहा कि उपभोक्ता अपनी वर्तमान वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. इसके लिए 31 फीसदी लोग व्यक्तिगत बजट बना रहे हैं और 25 फीसदी लोग अपने उन खर्चों को कम कर रहे हैं जो बिना किसी पूर्वयोजना के मुताबिक खर्च हो जाती है. 24 फीसदी लोग इमरजेंसी फंड में अधिक बचत कर रहे हैं.

कंज्यूमर करेंगे कंपनियों का मूल्यांकन

एक्सपेरियन इंडिया के हेड और मैनेजिंग डायरेक्टर सत्या कल्यानसुंदरम का कहना है कि महामारी ने कारोबार और उपभोक्ताओं, दोनों को प्रभावित किया और वे अपनी प्रॉयरिटीज बदल रहे हैं. कल्याणसुंदरम के मुताबिक इस समय सोशल डिस्टेंसिंग आम हो चुका है और अब उपभोक्ता भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर डिजिटल माध्यम अपना रहे हैं. इसका मतलब है कि अब बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए यह महत्त्वपूर्ण बन चुका है कि वे इस कठिन समय में अपने उपभोक्ताओं से किस तरह का व्यवहार करते हैं, इसे लेकर सावधानी बरतनी होगी.

एक्सपेरियन के डेटा के मुताबिक 54 फीसदी भारतीय उपभोक्ता उस ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ना पसंद करेंगे, जिसके प्रति उन्हें लगेगा कि उन्होंने कोरोना महामारी के दौर में उनके साथ बेहतर तरीके से व्यवहार किया. APAC में यह व्यहार दिखाने वाले लोग 41 फीसदी ही होंगे. APAC में एशिया प्रशांत का वह हिस्सा है जो प्रशांत महासागर के निकट है.

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भारत, सिंगापुर के 40% कारोबारी ने बदली रणनीति

कोरोना महामारी की शुरुआत से ही भारत और सिंगापुर के 40 फीसदी कारोबारी सभी प्लेटफॉर्म पर अपने ग्राहकों की पहचान के लिए रणनीति में सुधार किया है. कस्टमर अथेंटिकेशन सॉल्यूशंस का मुख्य फोकस अपने ग्राहक को जानें पर है. एक्सपेरियन के डेटा के मुताबिक 50 फीसदी फोकस ग्राहक की केवाईसी पर है और 49 फीसदी कस्टमर की डिवाइस की सुरक्षा और 48 फीसदी कई या दो चरण वाली पहचान प्रक्रिया पर है. भारत और सिंगापुर के 40 फीसदी कारोबारी यह रणनीति अपना रहे हैं जो APAC क्षेत्र में सर्वाधिक है.

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