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Budget 2021: गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी घटकर हो 4%, कैश परचेज लिमिट बढ़ाकर की जाए 1 लाख रु – जेम्स एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री

Union Budget 2021-22: केन्द्रीय बजट 2021 एक फरवरी को पेश होने वाला है.

Updated: Jan 13, 2021 9:29 PM
Union Budget 2021, gems and jewellery industry has sought reduction in customs duty on gold to four per cent, budget 2021-22 demands, GJEPC, GJCकेन्द्रीय बजट 2021 एक फरवरी को पेश होने वाला है. Image: Reuters

Union Budget 2021: जेम्स व ज्वैलरी इंडस्ट्री ने बजट 2021 को लेकर सरकार से मांग की है कि गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी को घटाकर 4 फीसदी किया जाए. साथ ही टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) से छूट और पाॅलिश्ड प्रीशियस व सेमी प्रीशियस जेमस्टोन्स पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की भी मांग है. केन्द्रीय बजट 2021 एक फरवरी को पेश होने वाला है. ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डाॅमेस्टिक काउंसिल के चेयरमैन आशीष पेठे ने कहा कि हमने सरकार से गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 4 फीसदी करने का आग्रह किया है, जो अभी 12.5 फीसदी है.

अगर कर की दर को इस स्तर पर नहीं लाया जाता है तो स्मगलिंग बढ़ेगी और लोगों को असंगठित कारोबार करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा. उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया है कि हार्मोनाइज्ड सिस्टम नोमेनक्लैचर यानी HSN-71 के तहत आने वाले सामान को टीसीएस प्रावधानों के दायरे से बाहर रखा जाए क्योंकि टीसीएस में ब्लाॅक होने वाली धनराशि, आयकर पे करने की पात्रता से 6.7 गुना ज्यादा होती है. इससे फंड ब्लाॅक हो जाता है. पेठे ने आगे कहा कि EMI सुविधा को जेम्स व ज्वैलरी इंडस्ट्री में भी लाया जाना चाहिए और कैश परचेज लिमिट को मौजूदा 10000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जाना चाहिए.

GJEPC की मांग

जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन कांउसिल (GJEPC) के चेयरमैन कोलिन शाह ने मांग की है कि कट व पाॅलिश्ड प्रीशियस और सेमी प्रीशियस जेमस्टोन्स पर इंपोर्ट ड्यूटी 7.5 फीसदी से घटाकर 2.5 फीसदी की जाए. अपनी बजट सिफारिशों में GJEPC ने सिंथेटिक कट और पाॅलिश्ड स्टोन्स पर इंपोर्ट ड्यूटी मौजूदा 5 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी करने का भी प्रस्ताव दिया है.

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सोने पर कम हो टैक्स

मालाबार ग्रुप के चेयरमैन एमपी अहमद ने सरकार से अपील की है कि गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी और जीएसटी समेत टैक्स रेट को घटाकर 7 फीसदी किया जाए. उनका यह भी कहना है कि सरकार को ज्वैलरी रिटेल ट्रेड के मामले में ज्वैलरी की MRP प्राइसिंग को लाना चाहिए. इसमें जीएसटी या अन्य टैक्स के संदर्भ में कोई प्राइसिंग ब्रेकअप न हो. अभी गोल्ड पर 12.5 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी और 3 फीसदी जीएसटी लगता है. दोनों को मिलाकर कुल टैक्स 15.5 फीसदी है. माइनिंग राॅयल्टीज को जोड़ देने के बाद कर की दर लगभग 20 फीसदी हो जाती है. आगे कहा कि इतना उच्च कर बड़े पैमाने पर स्मगलिंग और कर चोरी की ओर ले जाता है.

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